जिस दिन से चला हूँ मिरी मंज़िल पे नज़र है
आँखों ने कभी मील का पत्थर नहीं देखा
ये फूल मुझे कोई विरासत में मिले हैं
तुम ने मिरा काँटों भरा बिस्तर नहीं देखा
~ ( बशीर बद्र)
महिलाओं के लिए तो सियासत सदा से ही मुश्किल मैदान रहा है ।
इसमें कोई शक नहीं है कि किसान कोम के लिए #मदेरणा परिवार ने क्या क्या नहीं किया है।
@hanumanbeniwal आप को आए हुए ज्यादा समय नहीं हुआ है।
आपकी भाषा बहुत ही निंदनीय है। इसी भाषा के कारण आप आज #खींवसर हार रहे हो,
अब धीरे धीरे जनता आपको समझ गई है।
@DivyaMaderna#दिव्या_मदेरणा
बेनीवाल ने खुले मंच पर बौखलाहट में कई बार हाथापाई तक की है फिर भी लोगो ने संयम रखा।
दिव्या मदेरणा ने कभी निम्न स्तर की राजनीति का समर्थन नही किया है क्योंकि उन्होंने मदेरणा परिवार ने उच्च आदर्शों की राजनीति विरासत में प्राप्त की है।
@DivyaMaderna
मदेरणा परिवार ने पिछले 70 वर्षों से प्रदेश की किसान राजनीति का झंडा बुलंद किया है।लेकिन कभी किसी किसान पुत्र की राजनीति में अड़ंगे नही डाले है।
दिव्या मदेरणा आज किसान राजनीति का सर्वोत्तम चेहरा है जो राष्ट्रीय राजनीति में अपने कदम जमा कर हमारी आवाज बनी है। @DivyaMaderna
क्या मुझे कुए में डूब कर मर जाना चाहिए ?
सार्वजनिक सभा में मेरे ही समाज के चुने हुए एक सांसद मेरे मरने की कामना कर रहे है । उन्हें बेहद अफ़सोस हो रहा है कि मैं ज़िंदा ही कैसे हूँ । मैं भी समाज की बेटी हूँ ,बहन बेटी सबकी सांझी होती है।इसलिए संपूर्ण किसान वर्ग से पूछना चाहती हूँ कि मैंने ऐसा क्या गुनाह किया कि मुझे कुए में गिरकर मर जाना चाहिए ?
मैंने पूरी ईमानदारी व श्रद्धा से ओसियां व राजस्थान के किसान वर्ग की हमेशा आवाज़ बुलंद की,क्या यही मेरा गुनाह है?
विकट पारिवारिक परिस्थिति में भी मैंने हार नहीं मानी,मैं घर नहीं बैठी, मैंने मेहनत की और जनता से संवाद व जुड़ाव रखा और कारवाँ बनता चला गया । मैंने संघर्ष किया और यह संदेश देने की कोशिश कि किसान वर्ग की बेटिया भी बखूबी राजनीतिक लड़ाइया लड़ सकती है ।
मैं राजस्थान के हर किसान से पूछना चाहती हूँ कि क्या मुझे मर जाना चाहिए ?
@DivyaMaderna मदेरणा परिवार ने पिछले 70 वर्षों से प्रदेश की किसान राजनीति का झंडा बुलंद किया है।लेकिन कभी किसी किसान पुत्र की राजनीति में अड़ंगे नही डाले है।
दिव्या मदेरणा आज किसान राजनीति का सर्वोत्तम चेहरा है जो राष्ट्रीय राजनीति में अपने कदम जमा कर हमारी आवाज बनी है।
क्या मुझे कुए में डूब कर मर जाना चाहिए ?
सार्वजनिक सभा में मेरे ही समाज के चुने हुए एक सांसद मेरे मरने की कामना कर रहे है । उन्हें बेहद अफ़सोस हो रहा है कि मैं ज़िंदा ही कैसे हूँ । मैं भी समाज की बेटी हूँ ,बहन बेटी सबकी सांझी होती है।इसलिए संपूर्ण किसान वर्ग से पूछना चाहती हूँ कि मैंने ऐसा क्या गुनाह किया कि मुझे कुए में गिरकर मर जाना चाहिए ?
मैंने पूरी ईमानदारी व श्रद्धा से ओसियां व राजस्थान के किसान वर्ग की हमेशा आवाज़ बुलंद की,क्या यही मेरा गुनाह है?
विकट पारिवारिक परिस्थिति में भी मैंने हार नहीं मानी,मैं घर नहीं बैठी, मैंने मेहनत की और जनता से संवाद व जुड़ाव रखा और कारवाँ बनता चला गया । मैंने संघर्ष किया और यह संदेश देने की कोशिश कि किसान वर्ग की बेटिया भी बखूबी राजनीतिक लड़ाइया लड़ सकती है ।
मैं राजस्थान के हर किसान से पूछना चाहती हूँ कि क्या मुझे मर जाना चाहिए ?
प्रेम कुमार जी एक वरिष्ठ पत्रकार है अमर उजाला अखबार में। उनको प्यार पहुंचाएं।
क्या साफ़गोई से बोला है इन्होंने, किसान-मजदूर आपको सलाम करता है सर।
रीढ़ है बन्दे में, जो दिल्ली में बैठे ज्यादातर लोगों में बची नहीं है। सैलूट सर, सैलूट।
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#FarmersProtest2024
मैं दैनिक भास्कर की इस खबर का खंडन करती हूं - मैंने टिकट का आवेदन नहीं किया है और इससे पहले भी कभी नहीं किया था । यह 16 वी विधानसभा का चुनाव होने जा रहा है ,मेरे परिवार ने आज तक कभी भी कहीं पर भी किसी भी टिकट के लिए कभी कोई आवेदन नहीं किया है । @DainikBhaskar@mukesh1275@pantlp@dd_vaishnav@Goverdhan__@arvindchotia
@DivyaMaderna प्रतिफल की ईच्छा के विपरीत अद्भुद कार्यक्षमता के साथ लोगो के जीवन में आशा और आकांक्षा की किरण भू पटल पर अपनी अमिट, आलौकिक किरणों से गरीबों के जीवन को प्रकाशमान करते हुए हमारे विधायक @DivyaMaderna जी का आभार
विकास की ओर बढ़ते कदम के क्रम में आज अपने ओसियां विधानसभा क्षेत्र के 15 अगल अलग राजस्व गावों में सड़क निर्माण की घोषणा करते हुए मुझे आपार प्रसन्नता हो रही है। सड़कों का निर्माण न केवल बुनियादी विकास के लिए महत्वपूर्ण है बल्कि यह लोगो के जीवन को भी सुगम बनाती है।
ओसियां से जुड़े मुद्दों और समस्याओं को समाधान का अमलीजमा पहनाना हमेशा से मेरी प्राथमिकता रही है जिसको आत्मसात करते हुए विधायक निधि से निम्नलिखित सड़क निर्माण कार्य स्वीकृत किए गए है ।
राजस्व गांव खाबडा खुर्द (ओसियां - चैरायी रोड से सिंवरों की ढाणी तक) लंबाई 2KM
राजस्व गांव जाटीपुरा (रेल्वे फाटक से जसनाथ मन्दिर जाटीपुरा तक) लंबाई 1.2KM
राजस्व गांव डांवरा (बावडी-बारा सडक (अनियालानाडा) से नेणों की ढाणी तक) लंबाई 2KM
राजस्व गांव श्रीरामनगर (औसियां चैराई रोड से चीमजी मेघवालों की ढाणी तक) लंबाई 1.5KM
राजस्व गांव मीनों की ढाणी (चैराई ,आर्मी टांवर से भंवालों की ढाणी तक) लंबाई 2KM
राजस्व गांव जगदम्बानगर
(महासती नाडा (जसनाथवाडी) से जगदम्बानगर वाया सारणों व जाखडो की ढाणी तक) लंबाई 2KM
राजस्व गांव भीमसागर
(बरथल-पल्ली फांटा सडक से धोरेवाले कुमारों की ढाणी तक) लंबाई 1.5KM
राजस्व गांव बडा कोटेचा
(सम्पर्क सड़क लंवारों की ढाणी बडा कोटेचा) लंबाई 0.55KM
राजस्व गांव पण्डितजी की ढाणी
( पण्डितजी की ढाणी पडासला सडक (मेघवालों की स्कूल) से डूडियों की ढाणी तक) लंबाई 1KM
राजस्व गांव जेलू (जेलू बडा कोटेचा रोड से मेघवालों की ढाणी होते हुए सिन्धियों की ढाणी तक) लंबाई 2KM
राजस्व गांव पीपासरनगर (पीपासर नगर से भादुओं की ढाणी तक) लंबाई 1.3KM
राजस्व गांव भैसेर कोटवाली (मथानिया माण्डियाई मुख्य सडक से राप्रावि हुड्डो की ढाणी तक) लंबाई 0.50
राजस्व गांव झरियां (झरियां सड़क से बारनाउ सरहद तक) लंबाई 0.70KM
राजस्व गांव झरियां (झरियां स्कूल से मीनों की ढाणी सडक तक) लंबाई 0.70KM
राजस्व गांव भैरूसागर (औसियां आऊ सडक से आशापुरा मन्दिर होते हुए औसियां खीवसर रोड तक) लंबाई 0.80KM
#DivyaKaIradaOsianKaVikas
दिव्या जी के राज में ओसियां का किसान जितना खुश हैं उतना आज तक नही रहा,पहले ऊपर तारों में बिजली स्टार्ट होते ही नीचे सड़क पर विजलेंस की गाड़ी किसान के घर बिजली के साथ ही पहुंच जाती थी।हमे अंकोड़ियो वाला राज पसंद हैं!हमे दिव्या मदेरणा का शासन पसंद हैं
@DivyaMaderna@govindramsiyag
मानव जीवन में सेंस ऑफ ह्यूमर(हंसी मज़ाक़)बहुत जरूरी होता है।
व्यक्तिगत गोष्ठी में सामान्य मज़ाक की बात को भाजपा जिस तरह प्रचारित प्रसारित कर रही है वह अपने आप में व्यंग है। "मैं किसानों को चोरी करने के लिए उकसा रही हूं" कहना संकेत है कि आपको एक सामान्य बातचीत के अंदर मजाक भी समझ में नहीं आता।
भाजपा एक किसान विरोधी पार्टी है। यह वही है जो किसान विरोधी तीन कानून लाये थे और किसानों के भारी विरोध के बाद इन्हें सार्वजनिक माफ़ी भी मांगनी पड़ी थी।
किसान प्रकृति की मार झेलता है। कभी ओलावृष्टि , कभी अत्यधिक बारिश या कभी पर्याप्त बारिश का ना होना । प्राकृतिक मार, महंगाई , ईंधन के आसमान छूते दाम, यूरिया की क़िल्लत , MSP पर फसलों के भाव न मिलना , घटती ज़मीन व बढ़ते परिवार जैसे तमाम कारणों से एक असुरक्षा का माहौल किसानों को दिन रात सताता है । आय का कोई दूसरी जरिया नहीं होने के कारण किसान सिर्फ़ खेती से अपना और अपने परिवार का जीवनव्यापन करने को विवश है ।
मैं किसान परिवार से आती हूं और किसानों के दर्द को समझती हूं। भारतीय किसानों जैसे मेहनती ,कर्मठ और ईमानदार किसान पूरे विश्व में नही है।
क्या भाजपा अपने मेनिफेस्टो में यह लिखेंगी कि वह बिजली चोरी करने वाले किसानों पर मुक़दमा करेगी ?? उन पर कार्यवाही करेगी ? विजिलेंस करेगी और राशि वसूलेगी ??
भाजपा किसानों के प्रति अपने रुख़ को स्पष्ट करे??
बहुत ही अफसोस जनक है। यह स्पष्ट संकेत है कि आने वालो दिनों में भाजपा किसानों के दमन के साथ बर्बर रवैया अपनाती हुई डंडा और फर्जी बुल्डोजर की नीति को लागू करेगी।
ग्राम पंचायत खुडियाला में महंगाई रात कैंप होने जा रहा है जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ आमजन को पहुंचाने और उन्हें महंगाई से राहत दिलाने के लिए यह एक ऐतिहासिक कदम है ग्राम पंचायत स्तर पर लगने वाले इन #MehngaiRaahatCamp में जरूर पहुंचे और इनका लाभ उठाएं@DivyaMaderna@govindramsiyag