UPSI 2025 की परीक्षा संपन्न होने के बाद अभ्यर्थी एक अत्यंत अनिश्चित दौर से गुजर रहे हैं। Final Answer Key जारी हो चुकी है, लेकिन व्यक्तिगत Score Card के अभाव में छात्रों के बीच भारी असंतोष और मानसिक तनाव व्याप्त है। किसी भी प्रतियोगी परीक्षा की शुचिता और पारदर्शिता इस बात पर निर्भर करती है कि अभ्यर्थी को उसके वास्तविक अंकों (Raw Score) और Normalization के बाद हुए बदलावों की सटीक जानकारी हो। बिना स्कोर कार्ड के यह समझना असंभव है कि चयन प्रक्रिया का आधार क्या है, जिससे छात्रों में भर्ती बोर्ड की कार्यप्रणाली को लेकर संशय बढ़ता हैं ।
अतः प्रदेश सरकार से सादर अनुरोध है कि छात्र हित को सर्वोपरि रखते हुए अविलंब आधिकारिक पोर्टल पर व्यक्तिगत स्कोर कार्ड अपलोड किया जाए। पारदर्शिता ही लोकतंत्र और निष्पक्ष भर्ती की पहचान है। युवाओं के धैर्य की परीक्षा न लें और उन्हें उनके परिश्रम का स्पष्ट परिणाम देखने का अवसर दें।
#UPSI_GIVE_SCORECARD #UPSI_GIVE_NORMALISATION_DATA
@upprpb@myogiadityanath@dgpup
उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग कब से विधायिका हो गया??
यूपी लोकसेवा आयोग ने असाधारण बैठक करते 09/01/2020 को एक नोटिस निकाला जिसमें जे लिखा गया कि आरक्षित वर्ग(OBC/SC/ST/EWS) के अभ्यर्थी यदि अनारक्षित वर्ग से ज्यादा नंबर प्राप्त करते हैं तब भी उन्हें प्री और मेंस परीक्षा में अनारक्षित श्रेणी में माइग्रेट नहीं किया जाएगा बल्कि वो अपने संबंधित कैटेगरी में ही रहेंगे।
मैं उत्तर प्रदेश सरकार से पूछना चाहता हूं कि यूपी लोकसेवा आयोग को कब से आरक्षण का नियम बनाने की शक्ति मिल गई???
संविधान के अनुच्छेद 315-323 के तहत लोक सेवा आयोग का काम सरकार द्वारा बनाए गए नियमों को लागू करना है न कि स्वयं आरक्षण संबंधित नियम बनाना।
ये तो उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग आरक्षण अधिनयम 1994 का गला घोंट रहा है।
उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग कब से विधायिका हो गया??
यूपी लोकसेवा आयोग ने असाधारण बैठक करते 09/01/2020 को एक नोटिस निकाला जिसमें जे लिखा गया कि आरक्षित वर्ग(OBC/SC/ST/EWS) के अभ्यर्थी यदि अनारक्षित वर्ग से ज्यादा नंबर प्राप्त करते हैं तब भी उन्हें प्री और मेंस परीक्षा में अनारक्षित श्रेणी में माइग्रेट नहीं किया जाएगा बल्कि वो अपने संबंधित कैटेगरी में ही रहेंगे।
मैं उत्तर प्रदेश सरकार से पूछना चाहता हूं कि यूपी लोकसेवा आयोग को कब से आरक्षण का नियम बनाने की शक्ति मिल गई???
संविधान के अनुच्छेद 315-323 के तहत लोक सेवा आयोग का काम सरकार द्वारा बनाए गए नियमों को लागू करना है न कि स्वयं आरक्षण संबंधित नियम बनाना।
UPPSC के पूर्व रिजल्ट परिणाम के लिए प्रोटेस्ट करते छात्रों के नाम पता पूछता उत्तर प्रदेश पुलिस
योगी सरकार में उत्तर प्रदेश पुलिस की दबंगई देख लीजिए किसी प्रकार चल रही है
अब छात्रों को घर पर नोटिस भेज कर परेशान किया जाएगा
उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग (UPPSC) के खिलाफ प्रयागराज में 15 दिसंबर को प्रस्तावित महापंचायत से पहले ही योगी आदित्यनाथ सरकार छात्रों के इस आंदोलन को कुचलने पर आमादा दिखाई दे रही है प्रतियोगी छात्रों की जायज़ और लोकतांत्रिक मांगों को दबाने के लिए जगह-जगह छात्रों की गिरफ्तारियाँ की जा रही हैं और पुलिसिया दमन का सहारा लिया जा रहा है!
छात्रों की प्रमुख मांगें बिल्कुल स्पष्ट हैं माइग्रेशन नीति लागू की जाए, आंसर-की और कट-ऑफ सार्वजनिक की जाए, और आरक्षण का संवैधानिक रूप से सही अनुपालन करते हुए वर्गवार कट-ऑफ अंक जारी किए जाएँ, आरक्षित वर्ग के छात्रों का नम्बर अधिक होने पर UR में शामिल किया जाय लेकिन इन मांगों पर संवाद करने के बजाय सरकार दमन की राह पर चल पड़ी है। सवाल यह है कि क्या प्रतियोगी छात्रों से उनके हक़ की मांग करना अपराध है? क्या पारदर्शिता और न्याय की बात करना सरकार को इतना असहज कर देता है कि पुलिस बल के ज़रिये आवाज़ें कुचली जाएँ?
15 दिसंबर को प्रयागराज में होने वाली महापंचायत अब सिर्फ़ एक आंदोलन नहीं, बल्कि छात्रों के भविष्य, अधिकार और लोकतांत्रिक मूल्यों की निर्णायक लड़ाई बन चुकी है।
#15_दिसंबर_महाआंदोलन #प्रयागराज_चलो
#छात्र_एकता #uppsc #Prayagraj
यूपी में बेरोजगारों को पकड़-पकड़कर नौकरी देने का काम हो रहा है.
आज के युवा कामचोर हो गए हैं, घर में बैठकर बस रील देखना चाहते हैं.
कुछ देशद्रोही कहेंगे- ये वीडियो UPPSC के बेरोजगार युवाओं का है, जो नौकरी के लिए संघर्ष कर रहे हैं.
आपको ऐसे लोगों का नहीं सुनना है
*प्रयागराज (इलाहाबाद) में 15 दिसंबर को होने वाली महापंचायत के संदर्भ में योगी सरकार इस कदर घबरा गई है कि अब वह आम छात्रों की आवाज़ से भी डरने लगी है। जहाँ प्रतियोगी छात्रों को आश्वस्त किया जाना चाहिए था, कि माइग्रेशन की पालिसी लागू होगी वहाँ यह निकम्मी सरकार पुलिसिया दमन पर उतर आई है।लखनऊ से जारी आदेश के अनुसार पूरे प्रदेश में किसी भी प्रकार के प्रदर्शन पर रोक लगाई गई है। इसी क्रम में लंका थाना क्षेत्र के अंतर्गत काशी हिंदू विश्वविद्यालय स्थित सीर चौकी में हिमांशु यादव डिटेन किये जाना संवैधानिक स्वतंत्र अभिव्यक्ति का हनन है !
सरकार UPPCS की सभी परीक्षाओं में माइग्रेशन की पालिसी लागू करे
परीक्षा परिणाम से पहले कट आप जारी करे
Answer sheet दिखाई जाय
Pre Manis Interview सभी स्तर पर आरक्षित वर्ग के प्रतियोगी को आरक्षण सुनिश्चित हो
महाआंदोलन प्रयागराज 🔥🔥
#15_दिसंबर_प्रयागराज_चलो के आह्वाहन पर आज हजारों छात्र लोकसेवा आयोग पर महाआंदोलन के लिए इकट्ठा हुए है।
लेकिन पुलिस प्रशासन इस आंदोलन को दबाने का प्रयास कर रही है।
पुलिस प्रशासन ये याद रखे कि हम प्रतियोगी छात्र अपने मांगो से पीछे नहीं हटेंगे।
छात्र एकता जिंदाबाद ✊
नौकरी भाजपा के एजेंडे में है ही नहीं।
भाजपा जाए तो नौकरी आए!
हमारा नैतिक समर्थन प्रतियोगी छात्रों के साथ हमेशा रहा है और रहेगा। ये राजनीति का नहीं युवाओं के भविष्य का सवाल है।
#15_दिसंबर_महाआंदोलन_लोकसेवाआयोग