@CMMadhyaPradesh माननीय मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव जी अतिथि विद्वानों के लिए हरियाणा पॉलिसी जल्द से जल्द लागू करें जिससे कि उनका भविष्य सुरक्षित हो सके पीएससी से नियुक्ति होने के पहले अतिथि विद्वानों का भविष्य सुरक्षित करें
@CMMadhyaPradesh माननीय मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव जी जब आप के द्वारा
सभी पद पीएससी के द्वारा भर दिए जाएंगे फिर
अतिथि विद्वान कहां जाएंगे जो आपने बोला है
हरियाणा पॉलिसी लागू करेंगे वह फिर किस पर लागू करेंगे आप
एमपी में सार्थक एप से शिक्षकों और अन्य स्टाफ की अटेंडेंस लग रही है। लेकिन, प्रिंसिपल जैसे स्थायी स्टाफ घर बैठे बनियान में ही अपनी अटेंडेंस लगा रहे हैं। एक तरफा कार्रवाई केवल अतिथि विद्वानों पर हो रही है।वेतन कटे तो सभी उस दायरे में शामिल हों। पारदर्शिता जरुरी है #Highereducation
माननीय उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला जी आपने कैबिनेट मीटिंग के बाद जो बोला था एक भी मांग पूरी नहीं हुई है दो दिन पहले रीवा में आपसे सभी अतिथि विद्वान मिले थे महोदय आपने हमेशा सहयोग किया है भाजपा शासित अन्य राज्यों में अतिथि विद्वान नियमित हो सकते हैं तो मप्र में क्यों नहीं
@CMMadhyaPradesh माननीय मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव जी भाजपा शासित अन्य राज्यों की तरह हरियाणा में अतिथि विद्वानों को नियमित किया गया है मध्य प्रदेश में क्यों नहीं किया जा सकता नियमित
महोदय अतिथि विद्वानों का भी नियमतीकरण किया जाय
@CMMadhyaPradesh माननीय मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव जी भ��जपा शासित अन्य राज्यों में जैसे हरियाणा में अतिथि विद्वानों को नियमित किया गया है मप्र में क्यों नहीं किया जा सकता नियमित 10 साल की प्रैक्टिस में वकील जज बन सकते हैं अतिथि नियमित क्यों नहीं हो सकते
@CMMadhyaPradesh अत्यंत दुखद समाचार है मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री माननीय डॉ मोहन यादव जी के पिताश्री का आज निधन हो गया भगवान पुण्य दिवंगत आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान दें और परिवार को दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें। ॐ शांति
@CMMadhyaPradesh माननीय मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव जी
अतिथि विद्वान महाविद्यालय के सभी कार्य समान रूप से करते हैं उच्च शिक्षा विभाग के द्वारा सार्थक ऐप में भी शामिल किया गया है तो फिर समान कार्य समान वेतन क्यों नहीं दिया जाता इतना भेदभाव क्यों हम भी तो इंसान हैं
कमलनाथ सरकार में उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत कार्यरत अतिथि विद्वानों के नियमितीकरण प्रक्रिया शुरू हो गई थी..जन हितैषी सरकार बनी रहती तो आज कर्मचारी वर्ग भी परेशान नहीं रहता।
युवाओं से सम्बंधित कुछ मांगें हैं जिनको पूरी करवाने हेतु 19 अक्टूबर से 10 नवंबर तक #डिजिटल_आंदोलन निर्धारित किया गया हैI
इसी संबंध में आज रात 9:30 बजे #Twitter_Space रखा गया हैI
अतिथि विद्वानों के सवाल से फिर भागे शिवराज....
50 हजार रुपए प्रतिमाह मानदेय का वादा कर मुकरने का नहीं दिया जवाब...
अपनी ही घोषणाओं से मुकरने पर प्रदेसश भर में भा��ी विरोध जारी...
@ChouhanShivraj जी, मैं तो पहले से कह रही हूँ अफसरशाही प्रदेश में आपको डुबा के ही मानेगीं। अफसरशाही ये सिद्ध करने पे लगी है कि नेताओं के शब्दों क��� मोल नहीं। कड़वा है पंरतु सत्य है या महापंचायत छलावा था।
#छलिया_मामा_छलिया_अफसरशाही