सुना है मुख्यमंत्री जी आयोजकों पर बेहद गुस्सा हैं, क्योंकि उन्होंने महफ़िल तो बड़ी ज़बरदस्त सजवाई थी लेकिन उनके अपने चेले चपाटों के सिवा वहाँ केवल तंबू-टेंट वाले ही आये थे, और कोई आया ही नहीं।
जब जनता से धोखा होता है तो ऐसा ही होता है।
भाजपाइयों की चला-चली की बेला वक़्त से बहुत पहले ही आ गई है।
#भाजपा_ख़त्म
@yadavakhilesh उन्ही नेताओं से आप लखनऊ में रोज घिरे रहते हैं उन्ही नेताओं से प्रयागराज में आकर भी आप मिलते हैं क्या आपको कभी समझ में नहीं आता है इनको दूर रखें आपके जितने जो करीब हैंजनता से उतने ही दूर हैं इतना ध्यान रखिएगा भैया टिकट बांटते समय
@yadavakhilesh प्रयागराज में और भी पार्टी के नेताओं के घर जाना चाहिए था आपको उनके यहां भी शोक संवेदना देना चाहिए
यह कैसी राजनीति है आपकी केंद्रीय पूर्व मंत्री राम पूजन पटेल जी की पत्नी का विद देहांत हो गया था
एक अकेली लड़ जाएगी
जीतेगी और बढ़ जाएगी!
पहले चरण में ही दीदी की सरकार की बेहद मजबूत बुनियाद बन गई है दूसरे चरण में बंगाल की अस्मिता बचानेवाली दीदी की सरकार की बुलंद इमारत खड़ी हो जाएगी।
दीदी हैं, दीदी रहेंगी!
@pratapgarhpol आपका कार्य करने का तरीका बहुत अच्छा है परआपके विभाग में घूस लेने का नया तरीका तैयार कर लिया आईजीआरएस से लेकर पेड़ कटवाने तक का विभाग में घुस चलता है अगर आप इसी तरह कार्रवाई करते रहें वह दिन दूर नहीं जब इन लोगों को घुस लेने से सहले डर लग जाएगा
👉 CO रानीगंज श्री विनय प्रभाकर साहनी द्वारा थाना रानीगंज क्षेत्रान्तर्गत पैदल गश्त कर संदिग्ध व्यक्तियों एवं वाहनों की चेकिंग की गई-
🔹शान्ति /कानून व्यवस्था के दृष्टिगत पुलिस अधीक्षक प्रतापगढ़ डॉ0 अनिल कुमार के निर्देशन में क्षेत्राधिकारी रानीगंज श्री विनय प्रभाकर साहनी द्वारा कानून-व्यवस्था बनाये रखने हेतु थाना रानीगंज पुलिस के साथ थाना रानीगंज क्षेत्रान्तर्गत संदिग्ध व्यक्तियों एवं वाहनों की चेकिंग कराई गई व अवांछनीय तत्वों पर सतर्क नजर रखते हुए साथ ही स्थानीय लोगों को सुरक्षा का आश्वासन/भरोसा दिया गया ।
इस घटना का सख़्ती से संज्ञान लिया जाए!
दोषियों के चेहरों की पहचान करके तुरंत कार्रवाई हो। सुरक्षा बलों के मान-सम्मान के साथ समझौता किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं है।
‘योग दिवस’ पर तन-मन-वचन और व्यवहार-चलन से सु-स्वस्थ रहने की मंगलकामना!
‘योग’ केवल एक दिवस तक सीमित न रहे बल्कि हर दिन संभव हो पाए, इसीलिए हमने अपने समय में ‘सार्वजनिक पार्क’ भी बनवाये थे और आगे भी बनवाएंगे। जो लोग अपने लालच की वजह से ज़मीन पर क़ब्ज़ा करके इमारतें उठा रहे हैं, उन्हें जनता के भले के लिए पार्क बनवाने चाहिए।
सपा का काम, जनता के नाम!
सत्तापक्ष से पैसा लेकर ‘डीपफ़ेक’ के द्वारा झूठे प्रचार का ‘अपराध’ करनेवालों की सूची जब से सरेआम हुई है, तब से डर के मारे इनके संचालक और उनके कर्मचारी भूमिगत-से हो गये हैं। अगर सत्ता की मिलीभगत न होती तो अब तक डीपफ़ेक वाले डीपजेल में होते।
अब ग़ैरक़ानूनी काम करनेवाली ये गुनाहगारी कंपनियाँ जेल जाने के डर से बचने लिए अपना नाम बदलने के चक्कर में सत्ताधारियों के चक्कर काट रही हैं। वैसे जिन्होंने पैसे देकर ये काम करवाया है या कहिए कि ऐसी लालची कंपनियों को फँसाया है, वो तो स्वयं ही नाम बदलने के एक्सपर्ट हैं, ये कंपनियाँ फिर से उन्हीं की शरण में जाएं।
वैसे सूची ज़ाहिर होने के बाद इन्हें कोई बचाएगा नहीं, इनके संचालकों और कर्मचारियों पर अगर सरकार की नहीं, तो जनाक्रोश और अपनी अंतरात्मा के ईमान की गाज तो गिरेगी ही। भाजपा इन्हें दूर से बाँस से भी नहीं छूएगी क्योंकि काम निकल जाने के बाद ये अपनों को नहीं पहचानते हैं तो फिर पैसों की लालची ऐसी कंपनियों को देखकर तो आँख क्या पूरा मुँह मोड़ लेंगे, वैसे भी सब जानते हैं, भाजपा किसी की सगी नहीं है।
बेईमान कंपनियों का काउंटडाउन शुरू हो गया है। अब उनके कर्मचारी अपने को बचाने के लिए इस्तीफ़े भी देंगे, उनके खाते भी सीज़ होंगे और उनके पढ़े-लिखे संचालक जेल में शर्म से सिर झुकाए अपना जीवन गुज़ारेंगे। उनके बच्चे, परिवार और समाज वाले लोग उनसे पूछेंगे कि ऐसी कौन सी मजबूरी थी कि इतनी प्रतिभा के बाद भी वो अवैधानिक काम कर रहे थे। वो तो एक शर्मसार जीवन बिताएँगे ही, अपनों को भी पूरी ज़िंदगी के लिए शर्मसार जीवन बिताने के लिए मजबूर कर देंगे।
वैसे तो इस महाखुलासे के बाद वो पढ़े-लिखे भी बहुत शर्मिंदा होंगे, जो भाजपा द्वारा प्रचारित झूठ को सच मानकर, विपक्ष को बदनाम करने और ऐसे वीडियो को सोशल मीडिया पर बिना जाँच-परख के फ़ारवर्ड करने की साज़िश में अपने भोलेपन की वजह से शिकार हुए हैं। भाजपा लोगों के भोलेपन का इस्तेमाल करने में शातिराना उस्तादी रखती है। आशा है ऐसी जनता अपने अपराधबोध से उबरने के लिए आगे से भाजपा की ऐसी किसी साज़िश का हिस्सा नहीं बनेगी क्योंकि क़ानूनन गुनाहगार तो वो भी है जो किसी को बदनाम करने की बदनीयत से प्रचारित किसी सूचना या समाचार को आगे प्रसारित करता है। भाजपा ने अपनी राजनीतिक रोटी सेंकने के लिए जानबूझकर जिस भोली-भाली जनता को अपराधी-सा बना दिया है, अब वही जनता भाजपा को हराकर, हटाकर सबक सिखाएगी। भाजपा ने अपने ही समर्थकों के साथ सिर्फ़ विश्वासघात ही नहीं, बल्कि धोखाधड़ी भी करी है और अपनी चार सौ बीसी से क़ानूनी रूप से उन्हें अपने झूठे प्रचार का हिस्सा बनाकर एक अपराध में संलिप्त भी कर दिया है। भाजपा से दूरी ही उनको बचा सकती है।
हम माननीय न्यायालय से मांग करते हैं कि वो ‘डीपफ़ेक’ खुलासे का स्वतः संज्ञान लेकर, ऐसा अवैधानिक काम करवानेवाले राजनीतिक दल, अधिकारियों और ऐसा ग़ैरक़ानूनी काम करनेवाली कंपनियों के मालिकों-संचालकों के ख़िलाफ़ जाँच और दंड की प्रक्रिया तत्काल शुरू करें।
प्रतापगढ़, उप्र में दलित समाज की एक युवती की मौत पर शासन-प्रशासन की निष्क्रियता और उदासीनता से भीड़ के आक्रोशित होने के लिए भाजपा सरकार स्वयं ज़िम्मेदार है। हर बार देखा गया है कि छोटी सी बात पर बुलडोज़र लेकर पहुँच जानेवाला एक पक्षीय शासन-प्रशासन ‘पीडीए समाज’ में किसी की मौत हो जाने के बाद भी सुविधाजनक चुप्पी साधकर बैठ जाता है।
न्याय हो!
आगरा में मुख्यमंत्री जी के उपस्थित रहते हुए भी, पीडीए के एक सांसद के घर पर कुछ लोगों द्वारा तोड़फोड़ की हिंसक वारदात जब रोकी नहीं जा सकती है, तो फिर ज़ीरो टॉलरेंस तो ज़ीरो होना ही है।
क्या मुख्यमंत्री जी का प्रभाव क्षेत्र दिन पर दिन घट रहा है या फिर ‘आउटगोइंग सीएम’ की अब कोई सुन नहीं रहा है। अगर वो अभी भी मुख्यमंत्री हैं तो तुंरत कार्रवाई करें और दोषियों को Ai से पहचानकर दंडित करें, नहीं तो मान लिया जाएगा कि पीडीए सांसद के खिलाफ़ ये सब उनकी अनुमति से हुआ है।
निंदनीय!
शोरगुल होता है नफ़रतों की दुनिया में, मोहब्बत का जहाँ तो ख़ुशबूओं सा ख़ामोश रहता है।
कन्नौज की इत्र की कहानी कहनेवालों को गुलों सा खिला और ख़ुशनुमा महक से भरा दिली शुक्रिया!