The six-member task force will be lead by Nandan Nilekani. One of the members of the committee, Anita Karwal, was the CBSE director in 2018 when class 10 Maths paper and class 12 Economics paper were leaked following which students protested demanding her resignation.
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Modi Announces Task Force on Exam Reforms; Says Nothing About Pradhan's Exit, Police Brutalities https://t.co/3q7nYZ4QRG via @thewire_In
Pradhan did not resign, he was not even sacked or kicked out. He was actually dragged out of his office by the students of India. Many have forgotten that this man Pradhan, whom every BJP minister is now praising, called protesting students "B-team of terrorists".
As Prime Minister, Manmohan Singh presented proof against Pakistan at the United Nations, exposing and isolating them. The Chief Minister of the state resigned. Under Narendra Modi, no one knows how RDX entered Pulwama, terrorists fled Pahalgam, and yet he released Dhurandhar to mask his failure
The youth of India have started to take our country back from those who tried to suppress their voice… today is the day an undemocratic and oppressive government was forced to bend to the will of the people of India.
To all you boys and girls who stand unflinchingly for what is right. Don’t ever let your spirit be oppressed, you are the soul of our beautiful nation, stay strong and brave always.
"यह देश के छात्रों, युवाओं और राहुल गांधी जी के संघर्ष की जीत है"
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के उपरांत आज कोटा शहर में कांग्रेस सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता प्रकोष्ठ द्वारा आयोजित विजय मार्च में शामिल हुआ, जिला अध्यक्ष कान सिंह सोनगरा जी को शानदार कार्यक्रम की बधाई व शुभकामनाएँ!
कार्यक्रम में कोटा शहर जिला अध्यक्ष श्रीमती राखी गौतम जी व पीसीसी महासचिव श्री अमित धारीवाल जी की गरिमामयी उपस्थिति रही!
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता प्रकोष्ठ
@INCRajasthan
शिक्षा व्यवस्था में बदलाव की सोच के साथ युवाओं की आवाज को निरंतर बुलंद करते हुए एक व्यवस्थित आंदोलन की पटकथा लिखने वाले शख्स है राहुल गांधी, वो 2018 से यह मूवमेंट खड़ा करने में लगे थे,
देश के लोगों को उभारना, उन्हें अपने मुस्तकबिल का मालिक बनाना कांग्रेस की राजनीति रही है, कांग्रेस की राजनीति को कैसे जिया जाता है राहुल गांधी इसका उदाहरण प्रस्तुत कर रहे है राहुल गांधी ने युवाओं के खड़े होने का इंतजार किया, युवाओं को अपने हक हकूक़ के लिए लड़ने के लिए प्रेरित करते रहे, आख़िरकार युवा मैदान में उतरे, जब लगा कि मोदी सरकार आंदोलन का दमन करने पर उतारू है तो छात्रों के लिए सड़क पर उतर गए, पूरी कांग्रेस पार्टी को सड़क पर उतार दिया, लगातार युवाओं के संपर्क में रहे उनसे संवाद करते रहे, उनका बैकअप बने रहे!
कल भी जब धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा हुआ तो उन्होंने पूरा श्रेय देश के युवाओं को देते हुए कहा कि मेरा फुल सपोर्ट देश के युवाओं के साथ है!
यह होता है “लीडर” और यह होती है “लीडर शिप”
मैं इसी वजह से राहुल गांधी को पसंद करता हूँ!
राहुल गांधी रोज नए आयाम स्थापित कर रहे है सीखने वालों के लिए उनकी राजनीति एक यूनिवर्सिटी की तरह है करीब से समझिए राहुल गांधी को!
विभिन्न चुनौतियों के बावजूद बंदा तानाशाही हुकूमत से बहुत ख़ूबसूरती से मुकाबला कर रहा है!
@RahulGandhi
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हमारे education system को फिर से संवारने की दिशा में बहुत बड़ा कदम है।
शाबाश देश भर के छात्रों, आप सभी पर गर्व है।
सड़कों पर आ कर लोकतंत्र, संविधान और अपने भविष्य की रक्षा में डट कर खड़े होने वाले हर एक युवा, हर छात्र को बहुत-बहुत बधाई।
2 मांगें अभी भी बाकी हैं - प्रधानमंत्री छात्रों और भारत के भविष्य को सम्मान देते हुए माफ़ी मांगें और छात्रों पर हिंसा के दोषियों पर कार्रवाई हो।
ये समाज के दूसरे वर्गों किसानों, मजदूरों, गरीबों, हर वो व्यक्ति जिसे इस सरकार ने दबाया है, कुचला है - अपने सम्मान के लिए संवैधानिक तरीके से डटकर खड़े होने में ही असली साहस है।
इस सरकार को हटाने का वक्त आ गया है।
डरो मत!
आज छात्रों को बहुत बड़ी जीत मिली है।
याद रहे, प्रदर्शन में जिन छात्रों पर घातक हमले हुए - किसी का हाथ टूटा, किसी का पैर, किसी की पसली, पेलेट गन जैसे जानलेवा हथियार का इस्तेमाल किया गया, तो कई चोट खा कर critical हो गए - इन सबके सीधे ज़िम्मेदार गृह मंत्री अमित शाह हैं।
मांग साफ है, इस हमले के organisers से लेकर implementors तक, सभी की जवाबदेही तय हो और उनपर ऐसी कार्रवाई हो जो छात्रों को दिखे - तब जा कर होगा इंसाफ़।
अमित शाह जी, आपको जवाब तो देना ही पड़ेगा।
मेट्रो बंद करो।
रास्ते बंद करो।
दुकानें बंद करो।
Internet बंद करो।
खाना बंद करो।
अपना हक़ मांग रहे छात्रों के ख़िलाफ़ सरकार ने ये क्रूर कदम उठाए।
बस एक चीज़ बंद नहीं कर पाए, मोदी जी - पेपर लीक।
मोदी जी, अपने "फ्रैंड" को एक मंत्रालय से हटाकर दूसरे में बैठाकर बचाने की आपकी साज़िश देश के छात्रों और भारत की जनता को मंज़ूर नहीं।
धर्मेंद्र प्रधान भ्रष्टाचार और देश की education system की बर्बादी के चिन्ह और अनेक छात्रों की मौतों के ज़िम्मेदार हैं।
उन्हें अब किसी और की ज़िंदगी उजाड़ने नहीं देंगे। धर्मेंद्र प्रधान को कैबिनेट से जाना ही पड़ेगा - ये non-negotiable demand है।