कल रात ठीक 1 बजे मुलाकात हुई — बिहार के एक युवक से, नाम था संतोष। पहली बार लगा कि कोई अपने नाम को सच में जी भी सकता है।
सुबह 8 बजे से लेकर रात 1 बजे तक ड्यूटी… यानी लगभग 16 घंटे काम वो भी राजस्थान में, अपने घर-परिवार से सैकड़ों किलोमीटर दूर।
महीने की तनख्वाह — सिर्फ ₹5000। 😔
मैंने अनायास पूछ लिया, “भाई, इतने में कैसे गुज़ारा होता है?”
वह हल्का सा मुस्कुराया और बोला, “बचपन में पढ़ाई नहीं की… कोई हुनर नहीं सीखा… रोजगार और है नहीं। यहाँ दो वक्त का खाना मिल जाता है और ₹5000… मैं संतुष्ट हूँ।”
उसकी आँखों में शिकायत नहीं थी, बस एक सादा-सा स्वीकार था।
मैंने कहा, “चलो मेरे साथ, कुछ और देखते हैं…”
वह बोला, “नहीं भाई, यहीं ठीक हूँ। छह महीने से यहीं काम कर रहा हूँ।”
उसकी वह शांत आवाज़ रात की ख़ामोशी से भी ज़्यादा गहरी लगी।
आज के दौर में, जहाँ हम छोटी-छोटी बातों पर असंतोष से भर जाते हैं,
वहीं एक युवा 16-16 घंटे मेहनत कर सिर्फ दो वक्त की रोटी और ₹5000 में “संतोष” ढूँढ लेता है।
दुख भी हुआ… करुणा भी आई…
पर सबसे ज्यादा एहसास हुआ कि ज़िंदगी सबको बराबर मौके नहीं देती।
किसी के हिस्से सपनों की उड़ान होती है,
तो किसी के हिस्से जिम्मेदारियों का बोझ।
कल रात “संतोष” से मिलकर समझ आया —
कभी-कभी इंसान हालात से नहीं,
अपने स्वीकार से बड़ा होता है।🙌💔
FIR हो,
मुकदमा दर्ज हो या
Privilege प्रस्ताव लाएं - मैं किसानों के लिए लड़ूंगा।
जो भी ट्रेड डील किसानों की रोज़ी-रोटी छीने या देश की खाद्य सुरक्षा को कमजोर करे, वह किसान-विरोधी है।
अन्नदाताओं के हितों से किसान-विरोधी मोदी सरकार को समझौता नहीं करने देंगे।
सावधान: आपका WhatsApp हो सकता है हैक: राजस्थान पुलिस ने जारी की सुरक्षा गाइडलाइन
जयपुर 07 फरवरी। डिजिटल युग में जहाँ तकनीक ने जीवन आसान बनाया है, वहीं साइबर ठगों ने अब आपके सबसे भरोसेमंद ऐप व्हाट्सएप को अपना हथियार बना लिया है। महानिदेशक पुलिस साइबर क्राइम के निर्देशानुसार एक विशेष एडवाइजरी जारी की गई है, जिसमें बताया गया है कि कैसे अपराधी आपके अकाउंट का एक्सेस लेकर बैंकिंग धोखाधड़ी को अंजाम दे रहे हैं।
कैसे जाल बिछाते है साइबर ठग:
उपमहानिरीक्षक पुलिस साइबर क्राइम विकास शर्मा ने बताया कि साइबर अपराधी अक्सर अनजान लिंक, फर्जी कॉल या स्क्रीन शेयरिंग ऐप्स के जरिए आमजन के स्मार्टफोन में सेंध लगाते हैं। एक बार व्हाट्सएप का नियंत्रण हाथ में आते ही, वे आपके संपर्कों से पैसों की मांग करते हैं या आपके मोबाइल में मौजूद बैंकिंग ऐप्स का दुरुपयोग कर चंद मिनटों में खाता खाली कर देते हैं।
हैक हुआ अकाउंट कैसे करें रिकवर (स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया):
पुलिस ने हैक हुए अकाउंट को वापस पाने के लिए एक सुरक्षित तरीका साझा किया है:
★ सबसे पहले अपने फोन से व्हाट्सएप को Uninstall कर दें और सिम कार्ड बाहर निकाल लें।
★ मोबाइल को Wi-Fi से जोड़ें और अधिकृत ऐप स्टोर से एक विश्वसनीय एंटीवायरस डाउनलोड कर Full Scan करें। संदिग्ध फाइल्स और बोट्स को तुरंत डिलीट करें।
★ मोबाइल की सुरक्षा के लिए Install from unknown sources को डिसेबल करें और कॉल/एसएमएस फॉरवर्डिंग की जांच कर उसे बंद करें।
★ अब सिम को किसी साधारण फोन में डालें और स्मार्टफ़ोन में व्हाट्सएप फिर से इंस्टॉल करें।
★ वेरिफिकेशन के समय एसएमएस के बजाय Call me विकल्प चुनें। साधारण फोन पर कॉल के जरिए प्राप्त कोड को दर्ज करते ही आपका अकाउंट पुनः आपके नियंत्रण में आ जाएगा।
इन नंबरों पर तुरंत दें सूचना:
यदि आप इस घटना के शिकार हुए हैं, तो घबराएं नहीं। तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या 9256001930 / 9257510100 पर संपर्क करें। आप अपनी शिकायत https://t.co/DlzOGY02R9 पर भी दर्ज करा सकते हैं।
पुलिस का संदेश: जागरूकता ही बचाव है। अपनी सुरक्षा सेटिंग्स को मजबूत रखें और किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपना ओटीपी या स्क्रीन साझा न करें।
#RajasthanPolice
#CyberAlert
#WhatsAppHack
#CyberCrimeAwareness
#StayCyberSafe
#DigitalSafety
#OnlineFraud
#CyberSecurity
#ThinkBeforeYouClick
#1930CyberHelpline
#SafeInternet
#PublicAwareness
संसद में राहुल गांधी और राजनाथ सिंह के बीच डोकलाम वाली किताब पर बहस. उसके लेखक General Naravane ने किताब पर क्या बताया था?
[4 Stars of Destiny Book, Parliament, Budget Session]
@kuldeepmishra#GITN
कुनाल कामरा भाई को सैल्यूट 🫡
कॉलेजियम सिस्टम ने उच्च न्यायपालिका को कुछ गिने-चुने वर्गों तक सीमित कर दिया है।
SC, ST, OBC का प्रतिनिधित्व नगण्य है, लेकिन फैसले उन्हीं के खिलाफ आते हैं।
जब बेंच पर सामाजिक अनुभव नहीं होगा, तो न्याय भी समान नहीं होगा।
आरक्षण का लाभ सर्वाधिक ले कौन रहा है चलिए समझते है ,
SC ~ 15% आरक्षण (20% जनसंख्या)
ST ~ 7.5% आरक्षण (10% जनसंख्या)
OBC ~ 27% आरक्षण (60% जनसंख्या)
EWS ~ 10% आरक्षण (10% जनसंख्या)
इस हिसाब से समझिए सवर्णों की जनसंख्या 10% है उन्हें 10% ही आरक्षण मिल रहा है ,वही 60% OBC को सिर्फ 27% आरक्षण दिया जा रहा।
फिर भी सवर्ण SC,ST,OBC को आरक्षणजीवी बोलकर उनका मजाक उड़ाते है लेकिन सच्चाई ये है सबसे ज्यादा आरक्षण का लाभ सवर्ण लोग ही उठा रहे ,
भले ही EWS गरीब सवर्णों के लिए आरक्षण लाया गया लेकिन अमीर सवर्ण भी EWS सर्टिफिकेट बनवाकर सरकारी नौकरी ले रहे है।
EWS की कटऑफ भी SC के बराबर जाती है ,अगर आप इससे सहमत हो तो रीट्वीट जरूर करिएगा।
बाड़मेर को फिर से सलाम 🙌
पहले सुनते थे लू पश्चिम राजस्थान से आती है, अब देखते हैं हर मांग की आवाज पश्चिमी राजस्थान से ही उठती है,,,
#OMR_घोटाला_मांगे_CBI_जांच
हक़ और न्याय की माँग करना हमारा कर्तव्य है। जब तंत्र न्याय नहीं कर पाता है तो सड़क, सदन तथा न्यायपालिका इसका सहारा होता है।
इसी अन्याय के ख़िलाफ़ कल 27 जनवरी को बाड़मेर जिला मुख्यालय पर बेरोजगार युवा साथी अपनी मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन आयोजित कर रहे हैं। मैं स्वयं भी इस प्रदर्शन में उपस्थित रहूँगा, आपसे भी निवेदन है कि आप सभी भी इस प्रदर्शन में शामिल होकर युवाओं के हक़ की आवाज़ को बुलंद करें।
#27_जनवरी_बाड़मेर_चलो
वायरल वीडियो एक ग्रह प्रवेश के दिन का बताया जा रहा है, ये कांग्रेस जिलाध्यक्ष लक्ष्मण गोदारा से संबंधित नहीं है।
उनके आगे बैठे व्यक्ति से पारिवारिक महिला का प्रॉपर्टी विवाद और लेनदेन से संबंधित बताया जा रहा है मामला।