राम मंदिर चढ़ावा कांड का ‘इनसाइड स्टोरी’ खुलासा। संघ-VHP की अंतर्कलह से फूटा गबन का राज।
अंदरूनी खींचतान ने खोला राम मंदिर चढ़ावा कांड का पिटारा।
ट्रस्ट में बढ़ते ‘दखल’ पर मची नाराज़गी, फिर खुला करोड़ों के गबन का खेल।
अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे में गबन का मामला अब केवल चोरी या वित्तीय अनियमितता भर नहीं माना जा रहा, बल्कि इसके पीछे ट्रस्ट से जुड़े प्रभावशाली हलकों की अंदरूनी खींचतान का एंगल भी सामने आ रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, संघ और विहिप से जुड़े दो धड़ों के बीच लंबे समय से चल रही असहजता और ट्रस्ट पदाधिकारियों के बेहद करीबी रहे कुछ लोगों के रामजन्मभूमि परिसर में बढ़ते दखल को लेकर नाराज़गी थी।
बताया जा रहा है कि इसी नाराज़गी और अंदरूनी टकराव के बीच चढ़ावा गबन की जानकारियां बाहर आईं। बताते हैं कि नगद रुपयों के मंदिर के यात्री सुविधा केंद्र में कर्मचारी पकड़े भी गए थे। बाथरूम तक में पैसा छूए हुए थे लेकिन तब भी ट्रस्ट ने FIR नहीं करवाई। इसके बाद दूसरा गुट सक्रिय हो गया। बात अखिलेश यादव तक पहुंच गई और उन्होंने ट्वीट कर सियाम मामला सार्वजनिक हो गया। मामला धीरे-धीरे खुलता गया और फिर संदिग्ध कर्मियों, उनके नेटवर्क, संपत्तियों और कथित संरक्षण पर सवाल खड़े हो गए। अब जांच सिर्फ रकम की हेराफेरी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भी देखा जा रहा है कि किसके संरक्षण में यह खेल चलता रहा और कैसे अंदरूनी संघर्ष ने पूरे प्रकरण को उजागर कर दिया।
#Ayodhya #RamMandir #VHP @ShriRamTeerth@ChampatRaiVHP@CMOfficeUP@UPGovt@dmayodhya@Adv_Anil_Mishra@ayodhya_police@igrangeayodhya@Uppolice
@HVSBanwait The difficulty isn't identifying the danger. The danger begins when Panthic decisions are perceived as party decisions. Many Sikhs believe this recent move reflects Sukhbir Badal's wishes more than independent deliberation.
@JaiveerShergill तू राजनीति का ऐसा गिरगिट है कि विचारधारा नहीं, सिर्फ़ सत्ता की दिशा देखता है। कल जिनको कोस रहा था, आज उन्हीं की जय-जयकार कर रहा है। सिद्धांत तेरे लिए बस चुनावी पोस्टर हैं—ज़रूरत खत्म, पोस्टर फाड़ दिया।
यह ख़बर कब आएगी कि NEET पेपर लीक की तरह प्रधानमंत्री राम मंदिर के चढ़ावे में डकैती के मामले को भी मॉनिटर कर रहे हैं। अभी तक FIR भी नहीं हुई। मीडिया की बेईमानी देखिए कि डकैती को चोरी लिख रहा है। इस देश में दो करोड़ तीन करोड़ अब ग़बन या डकैती नहीं है, चोरी है। ख़बर बड़ी न लगे क्या इसलिए गोदी मीडिया मौत की ख़बर को घायल लिखने लग जाएगा।
INDIAN LIVES MATTER.3 Indian ships have been attacked by the Americans and 3 innocent unarmed Indians murdered. Video clips show the ship was static. No transcripts of communications between ship and US Navy have been provided. 90% of Iran,s oil goes to China. Reportedly over 100 Chinese ships have Jumped this blockade. Not one Chinese or Russian ship has been struck. Just because India has gone out of its way to be friendly with US, it has responded by attacking our ships and murdering our sailors. Kissinger had rightly said- it is dangerous to be an enemy of US but it is FATAL to be a friend.There is a school of thought that IS LEAST CONCERNED WITH THE DEATH OF POOR INDIANS. Their deaths they feel should not poop the party in Europe https://t.co/alHY9kOfTW the initial response was to shrug it off and make a pro-forma protest without Calling the press. It was only when there was outrage in the Indian public did we gather the courage to protest loud and clear. Pak had made it a habit to kill unarmed Indians till we pushed back. Now the Americans are ushering in a new era of colonialism and gun boat diplomacy. There are those in India who would like to compete with Mulla Munir in licking Trumps shoes. Was 250 years of Colonization not enough? Can we kindly outgrow this slavish mentality and behave with the gravitas of a 10,000 years old civilizational state?Just see how China treated Trump.
@Ihatevulturism@harshdeeprapal Import dependence is a concern, but ethanol blending cuts mileage, can harm engines not designed for it, strains water resources, and diverts land from food production. Policy should be driven by science, not slogans.
अन्तर्राष्ट्रीय जल में तीन दिन में तीन जहाज़ों पर अमेरिकी हमलों में तीन भारतीयों की मृत्यु हो गई। और हमारे Compromised PM? एक शब्द तक नहीं।
जब कोई विदेशी ताकत किसी भारतीय की हत्या करे, तो प्रधानमंत्री को बोलना पड़ता है। लेकिन मजाल है जो ये एक शब्द बोल जाएं।
अगले हफ्ते G7 में, हमारे नाविकों की हत्या के बस चंद दिनों बाद, मोदी जी मुस्कुराएंगे, गले मिलेंगे और समझौते करेंगे - मगर, उन तीन भारतीयों के लिए उनके पास एक शब्द भी नहीं होगा।
Compromised PM भारत माता के बेटों की रक्षा नहीं कर सकते, क्योंकि जिन्होंने उन बेटों की जान ली उन्हें नाराज़ करने की इनमें न हिम्मत है, न ताकत।
इरफ़ान एयर इंडिया विमान के क्रू मेंबर में से एक थे.
एक साल पहले अहमदाबाद में हुए हादसे में इरफ़ान की मौत हो गई.
लेकिन उनके पिता ने इरफ़ान के नंबर पर अभी तक रिचार्ज कर रखा है. वे उसके व्हाट्सएप नंबर पर हर रोज मैसेज भेजते हैं.
पिता 💔
ये नहीं देखा तो क्या मजा!
यहां एक कवि अविश्वास की
बात भी हो रही है!🫣
वैसे 😉 बता नहीं रहा की उस वक्त व्यवसाय स्थापित नहीं था जब बाबा
35₹ में पेट्रोल दिला रहा था!🤬
एक लौंडे और लौंडिया की किसी कॉमेडी शो की क्लिप चल रही है जिसमें दोनों कुछ हगे हैं। मुझे नहीं पता क्या-क्या हगे हैं पर अधिकतर जनता उनकी बात पर और विचारों की चर्चा कर रही है।
मुझे समझ नहीं आ रहा कि कोई भी यह प्रश्न क्यों नहीं उठा रहा कि कौन चू^या, गधे का लिंग कॉमेडियन था जो खुद परफॉर्म करने की बजाए जनता को माइक थमा दे रहा?
क्या लोड़ूपना चल रहा है ये कॉमेडी के नाम पर?
ससुर इंकॉम्पिटेंट झँटुए, खुद स्क्रिप्ट लिख पाते नहीं हैं। ओरिजनल जोक्स पंचिज़ लिख पाते नहीं हैं और शो में आकर जनता को माइक थमा दे रहे हैं। लो, तुम करो बक^दी।
अबे सूअर के मूत, मूर्ख शिरोमणि उसे यदि ये काम करना आता, तो वो तेरी जगह न होता/होती। उसे पब्लिक स्पीकिंग नहीं आती। अच्छी कम्युनिकेशन स्किल नहीं है उस इंसान की, तभी तो वो कोई और काम कर रहा/रही है।
मैं यहाँ किसी मूर्ख ऑडियंस को डिफेंड नहीं कर रहा क्योंकि न तो मुझे ज़रूरत है न ही मुझे पता है कि वो दोनों क्या बोले हैं।
मैं इन जनरल कह रहा हूँ कि ऐसे इंसान के हाथ में माइक आएगा तो वो तो कुछ बकवास करेगा ही। क्यों देना है उनके हाथ में माइक?
आप उस स्टेज पर बोलना डिज़र्व नहीं करते। अपने वर्कप्लेस पर जाइए, वहाँ जो करते हैं वो करिए। 'जिसका काम उसी को साजे' सुना है कि नहीं?
यहाँ कॉमेडी सुनने आए हो, चुपचाप सुनो और एन्जॉय करो। कॉमेडी शो है, सपोर्ट ग्रुप नहीं है कि आप अपनी-अपनी बकर शेयर करेंगे।
कुछ लोड़ू कॉमेडियन्स के आलस, झाँटूपने और वॉनाबी न्यू एज कॉमेडियन बनने के चक्कर में बेमतलब की कॉन्ट्रोवर्सी होती हैं। कॉमेडी का और बेचारे कॉमेडियन्स का पहले ही बहुत अच्छा हाल है हमारे देश में। ऐसे लोग और दुर्गति कराने चले आते हैं।
इनके हाथों से भी माइक छिन ही जाने चाहिए। जब लिखना नहीं आता तो स्टेज पर चढ़ने और माइक पकड़ने के भी लायक नहीं हैं ये लोग।
ऐसों के बारे में देवेश भाई ने सही ही कहा था:
This gets worse.
So not only did the US Navy fire two missiles and kill three Indian sailors they refused to rescue the 24 Indian crew despite saying they are on fire, the vessel is sinking and that they are an all Indian crew.
The Omanis rescued them.