"तू ही थी ना..आज दिखाते हैं इसको"
"कपड़े उतारेगी...
पत्रकार रुचि तिवारी याद है....
नेहा बोरा ओर उसकी गैंग ने रुचि तिवारी के साथ क्या किया ये दिख रहा है वीडियो में....
वह अभी मासूमियत का मुखौटा लगाकर भूख हड़ताल का पोज़ दे रही है।
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रीअल में मोदीजी के विरोधी हैं?
मर्जी से आ जाओ… दरवाज़ा खुला है!!
मुंबई में CJP का प्रोटेस्ट अब बॉलीवुड का नया पिकनिक स्पॉट बन गया है।
मंच बना है, माइक लगा है, हजारों की भीड़ है… और मंच पर सौरव दास, आशुतोष रांका, अभिजीत दीपके के साथ पूरी CJP टीम।
थोड़ी देर पहले नसीरुद्दीन शाह और विशाल ददलानी भी आ गए समर्थन में।
अब धीरे-धीरे मुंबई की पूरी एंटी-BJP लॉबी वहाँ इकट्ठा होने वाली है। छोटे-बड़े कलाकार, एक्टिविस्ट, और जो भी “न्याय” के नाम पर मोदी विरोध का बिज़नेस चलाते हैं… सब आ रहे हैं।
देश में आतंकियों के मास्टरमाइंड मारे जा रहे हैं, सीमा पर गोलीबारी हो रही है, लेकिन इनके एजेंडे में सिर्फ एक ही मुद्दा है—मोदी हटाओ।
प्रोटेस्ट करना लोकतंत्र का अधिकार है।
लेकिन जब वही चेहरे बार-बार एक ही तरफ खड़े दिखें, तो सवाल उठना लाज़मी है—यह विरोध है या व्यवस्थित लॉबी?
जो असली मुद्दों पर बोलना चाहते हैं, वो बोलें।
जो सिर्फ सत्ता विरोध का शौक पूरा करना चाहते हैं, वो भी आ जाएं।
मंच तैयार है। माइक तैयार है।
बाकी फैसला जनता करेगी।
#MumbaiProtest #bollywoodlobby #cjp
कैप्टन स्मित ने फ्लाइट में अपने अदम्य साहस का परिचय दिया है। उनके इस कार्य से सारा देश गौरवान्वित है। पीएम मोदी उनसे बात कर चुके हैं। इजराइल और अमेरिका के राष्ट्रपति उनकी प्रशंसा कर चुके हैं।
आज मीडिया में यह भी खबर आई है कि आरोपी पायलट इमाम अल हमामी का अल-कायदा ने तारीफ करते हुए समर्थन किया है।
इस पर कांग्रेस के प्रथम परिवार (गांधी परिवार) से एक भी शब्द, एक भी पोस्ट और एक भी प्रेस वक्तव्य कैप्टन स्मित के लिए न आना यह सवाल खड़ा करता है कि प्रथम परिवार की राजमाता श्रीमती सोनिया जी, जिनकी आंखों में बाटला हाउस एनकाउंटर के आरोपियों के लिए आंसू थे, उनकी आंखों में करुणा का एक भी भाव कैप्टन स्मित के लिए दिखाई नहीं दे रहा है।
वो बिगड़ैल शहजादा, जो गाजा पर गमजदा था, जो ट्वीट से लेकर कांग्रेस वर्किंग कमेटी के प्रस्तावों और अखबारों में आर्टिकल लिखे जा रहे थे, लगता है वो अपने वोटबैंक से इतना खौफजदा हो गया है कि उसके मुंह से एक शब्द नहीं निकला।
पूरे देश को कांग्रेस के सर्वोच्च नेतृत्व के इस आचरण को देखना चाहिए।
- डॉ. @SudhanshuTrived
बंगाल के CM सुवेंदु अधिकारी ने किया बड़ा खुलासा-
"अस्पताल के रिकॉर्ड से पता चलता है कि 2021 में नंदीग्राम में ममता बनर्जी को लगी चोट में कोई फ्रैक्चर या हड्डी खिसकने (डिसलोकेशन) की बात नहीं थी।
बंगाल सरकार ने नए सिरे से जांच के आदेश दिए हैं"
सवाल- व्हीलचेयर और "खेला होबे" के नारे। क्या 2021 के चुनावों को प्रभावित करने के लिए यह सब पहले से तय (स्टेज्ड) था?
दुनियाँ “सलाम”
कर रही है लेकिन @RahulGandhi को क्या हो गया,
कैप्टन स्मित तो “भारत”
का है उसे “भाजपा” का क्यूँ समझ रहे हो,
आपकी लड़ाई भाजपा से है “भारत”
से मत लड़ो. #CaptainSmitMachchhar
कितने कमाल की बात है कि भर दुनिया को पता चल चुका है कि प्लेन बचाने वाला भारतीय पायलट था लेकिन इतनी देर बाद भी इस बात पर सन्नाटा है कि प्लेन गिराने की कोशिश करने वाला पायलट कौन था।
अभी तक की खबरों के मुताबिक हमलावर को-पायलट ओमान का था।
सोचिए अगर हीरो और विलेन अगर इंटरचेंज हो जाते तब देखते कि कैसे पूरा इकोसिस्टम घोड़े खोल देता माहौल बनाने के लिए।
ड्रग ट्रैफिकिंग के खिलाफ भारतीय बलों की बड़ी कामयाबी।
भारतीय तटरक्षक बल और गुजरात ATS ने अरब सागर में, लक्षद्वीप के पश्चिम में, एक ईरानी नाव को पकड़ा है।
नाव से करीब 526 किलो हाई-ग्रेड ड्रग्स, जिनमें heroin और methamphetamine शामिल हैं, बरामद की गई हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इनकी कीमत 3,000 करोड़ से ज्यादा बताई गई है।
नाव चला रहे 5 पाकिस्तानी नागरिकों को भी हिरासत में लिया गया है।
प्रवेश वर्मा वाला थप्पड़ कांड हुआ था। तब आज ही लगा था कि इस मामले में अरविंद केजरीवाल कहीं ज्यादा परिपक्व और संयमित नेता हैं। उनके साथ एक से अधिक बार सार्वजनिक दुर्व्यवहार हुआ है, फिर भी उन्होंने कभी इस तरह अपना आपा नहीं खोया।
और फिर आज ही उनका यह बयान सुनने को मिल गया।
UN में आज विदेश मंत्री एस. जयशंकर लाइबेरिया की विदेश मंत्री के साथ मीडिया ब्रीफिंग के दौरान पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
इसी दौरान एक पाकिस्तानी पत्रकार ने उन्हें बीच में टोकते और उकसाने वाले अंदाज़ में आतंकवाद पर सवाल किया।
इस पर विदेश मंत्री ने पलटकर जवाब दिया-
“एक आतंकवादी देश मुझसे यह सवाल पूछ रहा है।”
कौन सा आतंकी मस्जिद नहीं जाता है? कभी ऐसा हेडलाइन बनाये?
वैसे मंदिर तो आप भी जाते हो, तो क्या आपके पाप का बोझ मंदिरों पर डाल देंगे?
वैसे वो लालू यादव परिवार का समर्थक था, लगातार वीडियो बनाता था, उसको हाइलाइट करने में डर लग रहा? @ajitanjum
IIT बॉम्बे के छात्र प्रो. सूर्यनारायण दुल्ला के समर्थन में खुलकर खड़े हैं।
लेकिन इसकी चर्चा शायद उतनी नहीं होगी, जितनी ‘डफली गैंग’ के हर शोर को मिलती है।
यही है चुनिंदा नैरेटिव और चुनिंदा कवरेज का खेल।
किसी भी बच्चे की मौत से ज्यादा दुखद क्या हो सकता है लेकिन बच्चा जाकर सुसाइड ना कर ले इसकी आशंका या डर के चक्कर में प्रोफेसर को चीटिंग करते बच्चे को रोकना नहीं चाहिए?
क्या और कैसा सिस्टम बनाना चाह रहे हैं हम?
प्रोफेसर दुल्ला को कई बार उनकी टीचिंग के लिए ही अवॉर्ड मिल चुका है.. इसलिए बिना जांच पूरी हुए ये मान लेना कि अचानक रातों रात वो जातिवादी हो गए होंगे और जातिसूचक गालियां देने लगे होंगे, यकीन से परे लगता है..
SC/ST एक्ट का इस्तेमाल जिस तरह से हो रहा है वो इस देश के लिए महाघातक साबित होता जा रहा है। ऐसे डर के माहौल में टीचर/प्रोफेसर क्या ही पढ़ाएंगें बच्चों को..
IITs में बच्चे आत्महत्या क्यों कर रहे हैं इसको जरुर देखिए लेकिन उसके साथ ये भी देखिए कि SC/ST एक्ट पर चर्चा क्यों ना हो?
जो लोग कह रहे हैं कि कल छात्रों की गूंज कार्यक्रम में वह फूहड़ और अशोभनीय कॉमेडी एक्ट था और audience पर सही तरह land नहीं किया, जबकि ऐसा नहीं है। यह सब तैयारी के साथ किया गया था।
कुछ दिन पहले संदीप दीक्षित के कार्यक्रम में भी इसी तरह की मिमिक्री के दौरान इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी पर एक फूहड़ और अशोभनीय टिप्पणी राहुल गांधी के सामने की गई थी, जिसकी बाद में सोशल मीडिया पर खूब आलोचना हुई।
उसके बाद कल एक मिमिक्री आर्टिस्ट को मंच पर लाकर उसी फॉर्मेट को और बड़े स्तर पर आजमाया गया।
अच्छा लगे या खराब, Instagram की भाषा और राजनीतिक मंच की भाषा अब एक-दूसरे में घुल रही है। आगे राजनीति में यह और ज्यादा दिखेगा-और सिर्फ एक तरफ से नहीं, सभी तरफ से।
मां के अपमान पर हंसकर राहुल गांधी ने अपने राजनीतिक संस्कार पूरे देश के सामने रख दिए हैं। कांग्रेस का ये राजकुमार मानसिक दिवालियापन का शिकार हो चुका है- ये एक बार फिर इसी ने खुद पूरे देश को बता दिया है।
राजनीति में विरोध हो सकता है, वैचारिक मतभेद हो सकते हैं, तीखे प्रहार भी हो सकते हैं। लेकिन किसी की दिवंगत मां पर अमर्यादित टिप्पणी और उस पर उपहास की राजनीति भारतीय समाज कभी स्वीकार नहीं कर सकता।
आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी से राजनीतिक विरोध कीजिए, सवाल पूछिए, आलोचना कीजिए। लेकिन उनकी स्वर्गीय माताजी को राजनीति में घसीटना और अपमानजनक टिप्पणी पर हंसना किस राजनीतिक संस्कृति का परिचय है?
राहुल गांधी को याद रखना चाहिए कि मां किसी दल या विचारधारा की नहीं होती। मां का सम्मान हमारे संस्कारों का विषय है।
देश की मातृशक्ति ने यह दृश्य भी देखा है और राहुल गांधी का आचरण भी।
शर्मनाक और निंदनीय।
20 साल... एक बेकसूर की पूरी जवानी जेल में बर्बाद हो गई और सिस्टम अब भी सोया है?
@India_NHRC तुरंत सरकार को मजबूर करे कि #VishnuTiwari को भारी मुआवज़ा दिया जाए.
जो साल छीने गए वो वापस नहीं आएंगे, पर सम्मान और गुज़र-बसर बहाल सरकार का फर्ज है. न्याय में देरी भी अपराध है..इस दिशा में काम कर रहे किसी वकील भाई से निवेदन है की विष्णु तिवारी की मदद की जाये और सुप्रीम कोर्ट या हाई कोर्ट के सामने के सामने इस मामले को उठाये .
@indSupremeCourt@BhaiPreetSingh@barcouncilindia