Freelance Writer & Conscious Philosopher ✊
Darkness it is can't drive out darkness only light can do that, hate can't drive out hate only love can do that!
@reliancejio@JioCare पेशे से में एक पत्रकार हूं, नौ या दस वर्ष से ये नंबर 7417474441 का उपयोग कर रहा हूं, मैने आपके साथ रिलायंस से जियो 5जी तक सफर आपकी शर्तों पर तय किया है, आज मैने कुछ दिन बाद फोन ऑन किया सिम अचानक बंद हो गई है नेटवर्क खत्म हो गए, इसे पुनः शुरू करने की कृपा हो।
#StoryAlert 🚨
The much-awaited profile.
'Performative Justice: The equivocations of DY Chandrachud'
The burden of expectation on an erudite man with a sophisticated demeanour was immense. But Chandrachud’s tenure “has been two steps forward, four steps backward, six steps sideways.” My cover story for @thecaravanindia magazine.
Link- https://t.co/lqwRrNKzvI
आंखों में पट्टी हटा देने के फायदे
• बॉलीवुड की पिक्चरों में कानून अंधा है कि जगह कानून सब देख रहा है जैसे डायलॉग बोले जायेंगे,
• अदालतों से सारे मुकदमे खत्म हो जायेंगे,
• लोगों को न्याय घर बैठे ही मिल जाएगा ,
• कम वर्क लोड होने की वजह से कोर्ट और जजों की संख्या में भरी कमी आएगी ,
हाथ में तलवार की जगह संविधान दे देने के फायदे
• राहुल जी और अखिलेश जी इसको अपनी जीत मानेंगे कि हमारी वजह से हुआ ,
• देश में संवैधानिक संस्थाएं संविधान के हिसाब से काम करने लगेंगी,
• लोग संविधान को अपने धर्म ग्रंथों से ऊपर मानने लगेंगे और हमारे मुसलमान भाई इस कतार में सबसे आगे रहेंगे,
बहराइच की पुलिस कप्तान खुद कह रही हैं कि हिन्दू जुलूस मुस्लिम एरिया से गुजर रहा था
सवाल ये है कि हिन्दू जुलूस जबरन मुस्लिम एरिया से क्यों गुजर रहा था ?
सवाल ये है कि जुलूस में आपत्तिजनक गाने ,नारे क्यों लगाए जा रहे थे ? पुलिस कहां थी ?
सवाल ये है कि जब गोपाल मिश्रा दूसरे घर में घुसकर झंडा बदल रहा था तब पुलिस कहां थी ?
सवाल सीएम योगी की मंशा ,पुलिस प्रशासन की कार्यशैली संदिग्धता प्रकट करती है
कहीं ऐसा तो नहीं कि उपचुनाव देखकर यूपी के माहौल को हिंदू मुसलमान ,दंगा फसाद में झोंककर सीएम योगी अपने लिए चुनाव जीतने का कोई अवसर खोज रहे ? और इस अवसर का शिकार कभी चंदन गुप्ता बनता है और कभी गोपाल मिश्रा ? #नहीं_चाहिए_भाजपा
आख़िर अब क्या होगा पप्पू यादव का ?
पप्पू यादव ने जब लॉरेंस बिश्नोई को लेकर पोस्ट किया था तो उसके बाद
पोस्ट की पहली लाइन को लेकर मनीष कश्यप ने पप्पू यादव को अल्टीमेटम दिया था, मनीष कश्यप ने कहा था कि
"या तो पप्पू यादव 24 घंटे में माफ़ी मांगें नहीं तो मनीष कश्यप स्वयं ही पप्पू यादव से टकराने के लिए पूर्णिया जाएगा"
अब तो 24 घंटे के अल्टीमेटम का टाइम भी ख़त्म हो चुका है अब न जानें मनीष कश्यप पप्पू यादव का क्या करेंगे?
सुप्रीम कोर्ट में "न्याय की देवी" की मूर्ति लगी हुई है, अब इस मूर्ति में CJI डीवाई चंद्रचूड़ जी की पहल पर बदलाव कर दिया गया है,
पहले न्याय की मूर्ति के
हाथ में तलवार थी
आंखों पर पट्टी थी
लेकिन अब उस पट्टी को उतार दिया गया है, हाथों में तलवार की जगह संविधान पकड़ा दिया गया है।
अब सवाल यह है कि
क्या न्याय की देवी की मूर्ति में बदलाव करने से हमारे देश की न्याय व्यवस्था में बदलाव आयेंगे?
लोकेशन : बहराइच, यूपी
सरफराज का हुआ एनकाउंटर ।
गोपाल मिश्रा मामले में मुस्लिम व्यक्ति का एनकाउंटर।
रुख़सार ने कहा था "कल 4 बजे मेरे पिता अब्दुल हमीद, मेरे दो भाई सरफ़राज़ ,फ़हीम और उनके साथ एक अन्य युवक को यूपी एसटीएफ ने उठा लिया है, उनका एनकाउंटर कर हत्या की जा सकती है"
ये जो तस्वीर में मुंह बांधे खड़ी है इस महिला का नाम रीना है, यह महिला ग़ाज़ियाबाद की एक कॉलोनी में एक घर में खाना बनाने का काम करती थी,
रीना जिस परिवार के यहां खाना बनाती थी उन सबको पेट और लीवर में दिक्कत हुई तो
उनका शक़ रीना पर गया, उन्होंने किचन में मोबाइल का कैमरा खोलकर रख दिया, इसके बाद जो हुआ वह डराने वाला है,
रीना ने आटे में पेशाब करके उसे गूंध दिया और उसी से रोटी बनाई, यह सब देखकर घर वाले लोगों के छक्के छूट गए,
बाद में जब उन्होंने पुलिस में शिकायत की तो रीना ने बताया कि
मालिक उसे छोटी गलती होने पर भी टोक देते थे, इससे नाराज होकर वह खाने में पेशाब मिलाने लगी।
बहराइच हिंसा के आरोपियों का पुलिस से “एनकाउंटर” का सच जानना मुश्किल नहीं है। योगी की “ठोक देंगे” नीति के बारे में सब जानते हैं। अगर पुलिस के पास इतना सबूत होता तो आरोपियों को क़ानूनी सज़ा दिलाने की कोशिश होती।
▪️महाराष्ट्र से लेकर उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ तक - क़ानून व्यवस्था पूरी तरह से दम तोड़ चुकी है
• महाराष्ट्र में दिनदहाड़े जेल में क़ैद एक अपराधी, एक राजनेता जो कि वर्तमान में सत्ताधारी दल में था, की हत्या करा देता है
• उत्तर प्रदेश में मूर्ति विसर्जन के जुलूस के दौरान हिंसा भड़क उठती है
• छत्तीसगढ़ में जनता SDM को मारने के लिए सरेआम दौड़ाती है
▪️यह ‘जंगलराज’ नहीं तो क्या है?
▪️लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि यह नफ़रत की आग किसने और क्यों भड़काई?
▪️यह बच्चे जो सांप्रदायिकता की बलि चढ़ रहे हैं, इनकी मौत का ज़िम्मेदार कौन है?
▪️क्या पुलिस प्रशासन इतना नकारा और नपुंसक हो गया है, कि उसकी नाक के नीचे हिंसा और हत्या हो जाती है और वो हाथ पर हाथ धरे बैठा हुआ है? या कहीं ऐसा तो नहीं है कि पुलिस सत्ताधीशों के इशारे पर सांप्रदायिक दंगों को सहमति दे रही है?
▪️और मीडिया का तो क्या ही कहना? इन गोदी गिद्धों के मुँह से महाराष्ट्र से लेकर उत्तरप्रदेश और छत्तीसगढ़ के लिये जो एक शब्द नहीं निकला और वो है ‘जंगलराज’. TV पर पुलिस प्रशासन की ज़िम्मेदारी तय की गई, लेकिन मजाल है कि स्क्रीन पर योगी आदित्यनाथ, एकनाथ शिंदे या विष्णुदेव साय की तस्वीर तक दिखाई गई हो - उनका इस्तीफ़ा माँगना तो बहुत दूर की बात है
▪️लेकिन नफ़रत में झुलसने से पहले एक बार सोचियेगा कि यह नेता जो आपके बच्चों को धर्म का स्वयंभू रक्षक बना कर उनके हाथों में तमंचे, तलवारें थमा रहे हैं - इनके ख़ुद के बच्चे अमेरिका, यूरोप की बड़ी बड़ी यूनिवर्सिटी में पढ़ कर मोटा माल कमा रहे हैं
▪️आख़िर कौन है जो चाहता है जलती बस्तियों पर उसकी नफ़रत की रोटियाँ सिकती रहें?
▪️आख़िर कब तक सांप्रदायिकता की आग में निर्दोष लोगों के घर जल कर स्वाहा होते रहेंगे?
▪️कौन इस देश के युवाओं को बेरोज़गार रख कर, ड्रग्स के नशे में झोंक कर उनके हाथों में अवैध असलहे पकड़ा कर उनको अराजक बना रहा है?
▪️ताज़ा उदाहरण महाराष्ट्र से है जहाँ मात्र 50 हज़ार रुपयों में बाबा सिद्दीकी की हत्या करने के लिए गरीब घरों के लड़कों को भेजा गया और उनकी ज़िंदगी बर्बाद हो गई.
▪️आप सभी से हाथ जोड़ कर अपील है कि नफ़रत के इस गंदे खेल को समझिए और इसे हराने के लिए एकजुट होइए. अब हम देश का और नुक़सान नहीं होने दे सकते
उत्तर प्रदेश का बहराइच जल रहा है, दंगाइयों की भीड़ दूकानों को जला रही है, लूटपाट की जा रही है, प्रशासन नदारद है, भाषणों में बड़ी बड़ी बातें करने वाले क़ानून व्यवस्था सम्भाल नहीं पा रहे हैं, क्या उपचुनाव के पूर्व जानबूझकर एैसा माहौल बनाया जा रहा है ताकि ध्रुवीकरण किया जा सके ?