मुनव्वर राणा जैसै ज़हरीले सांप की सभा मे बैठ कर तालीया बजाने वाले आज भी क्या इसके जहरीले बयानों पर तालीया ही बजाये गे या अपने जमीर की सुनेंगे। ओर इस गद्दार सपोलै पर लालंत बरसायेंगे।
फ्रांस की घटनाओं से एकदम स्पष्ट हो गया कि अलगाववाद कट्टरवाद का गरीबी बेरोजगारी अशिक्षा पिछड़ेपन से कोई संबंध नहीं है
अलगाववाद कट्टरवाद का मूल कारण वह स्कूल है जहाँ प्रतिदिन काफिरों के खिलाफ नफरत सिखाया जाता है और ऐसे स्कूल भारत के हर ब्लॉक में चल रहे हैं
@narendramodi@AmitShah
बहुत से कवियों ने, शायरों, साहित्यकारों ने इस देश से पैसे और पहचान कमाई
अगर मुन्नवर राणा के इस जहर पर वो चुप है तो धिक्कार हैं, धिक्कार हैं, धिक्कार हैं
इस जहर का बहिष्कार रीढ़ वाले कवियों, शायरों, लेखकों के द्वारा हो
जो अब भी चुप वो रीढ़ विहीन क्रोकरोच
@Mayawati तो बहन जी जरा अपने उन भीम भक्तों को भी ये समझादिजीये जो इन्हीं आदी महा कवी ओर महा ऋषि वाल्मीकि की लीखी रामायण को जलारहे है।अपने मीम भाइयों को खुश करने के लिए।कहीये की वो गलत राह ओर संगती पर जा रहे हैं। ये मोमीन किसी के सगे नहीं है।
भारत सहित पुरेविश्व में ये संदेश पहुच गया है की अब अगर किसी भी देश ने इन मुल्लों को शरण दी तो समझो उसने अपनी बरबादी को निमंत्रण दिया है।हद से ज्यादा दया हमैशा प्राण घातक सिद्ध होती है ये फ्रांस के मेटर से साबित हो गया है।तो जरा दैखभाल कर शरणार्थी पर दया करो भाई।
बड़ा ही दुर्भाग्य है की छाती पीट पीट कर दैश मे सेकुलरिज्म ओर गांधी कि विचारधारा का रोना रोने वाले90%भारत के मुसलमान आज निर्दोष लोगों का गला घोंटने वाले आतंकी के साथ खड़े ह। अब इन पर केसे भरोसा करे की कल ये हमारा गला घोंटने वालो के साथ नही खड़े होंगे।जरा विचार अवश्य करे?
भारत के पंचर पुत्र चाहे जितना कोहराम मचाले फ्रांस को रत्ती भर भी फर्क नहीं पड़ेगा। क्यों की वो अच्छी तरह से जानते हैं की भारत की सरकार और भारत की120 करोड़ हिन्दुस्तानी जनता आज फ्रांस की सरकार और उनके राष्ट्रपति के साथ खड़ी ह। कुछ कुत्तों के भोकने से हांथी अपना मार्ग नहीं बदलता?
ग़ज़ब लोग है , फ्रांस में मासूमों को बेरहमी से कत्ल कर दिया और भारत में आंदोलन कर रहे है । यह किस बात का आंदोलन है भाई। इस भीड़ के 99% को पता भी नहीं होगा कि @EmmanuelMacron है कौन। इन जाहिलो को बस किसी ने बोल दिया ई*** खतरे में है और यह निकल गए भेड़ बकरियों की तरह ।
केन्द्र और जम्मू-कश्मीर की सरकारने इन जैहादीयोओर इनको पोसीत करनेवाले गद्दार नेताओंके प्रतीजो ढुलमुल रवैए अपना रक्खा है उसे देखते हुएतो जम्मू-कश्मीर में तिरंगातो ठीक भाजपाका झंडा उठानेवाला कोई नहीं मिलेगा।जम्मू-कश्मीरमें मारे गए तिन भाजपा नेताओंकी मोतका जिम्मेदार यही ढुलमुलरवैए ह?
देखरहे हो दैश के लोगों इन मुल्लों ने फ्रांस मे क्या हाल किय ह।बस इसीलिए मोदी जी ने CCA मे मुस्लिमों को सामिल नहीं किया था।जो अभी ह वो भी खुन पी रहे हैं तो दुसरो को लाने की क्या जरूरत है।
मोलाना कादरी एक नेशनल चेनल पर बेठे कर भारत सरकार और बहुसंख्यक समुदाय को धमकी दि ह की खबरदार जो फ्रांस का समर्थन किया तो वर्ना फ्रांस की ही तरह यहां भी इस्लाम का विरोध करने वालो को काट देंगे। अब क्या कहना है दैश के हिन्दू समाज का इस कादरी को?कटना है या फिर काटने को तैयार हैं?
जब पोलैंड व हंगरी तक ने इस्लामिक चरमपंथ की आग में झुलसे सीरियाई नागरिकों को शरण देने से मना किया था तब फ़्रांस ने शरणार्थियों को जगह दी थी !बदले में चर्च के बाहर एक श्रद्धालु महिला का गला काट देना कट्टरपंथियों के ख़िलाफ़ पूरी दुनिया के एकजुट हो जाने की चेतावनी है #FranceBeheading
अब समय आगयाहहै की हम भारतीय लोगभी फ्रांसकी जनता ओर वहा के राष्ट्रपति के समर्थन में हमारे दैशमे सोशल मीडिया के माध्यम से एक बहोत बड़ा अभियान चलाये ओर इस्लामीक जेहाद के विरुद्ध लड़ने मे उनके साथ खड़े हो। पुरी दुनिया में ये संदेश जाना चाहिए की भारत की जनता फ्रेंच प्रेसीडेंट के साथ ह