@Chander04230421 शुभ संध्या।
*जयश्रीराधेकृष्णा*
*क्रोध* का जबाब क्रोध से देना वैसा ही है। जैसा कि तुम किसी *बाजार*से गुजर रहे हो और किसी गधे ने तुम्हे लात मार दी तो तुमने भी उसे लात मार दी।
*पर खयाल रखना*
लात का ज़बाब लात से गधा ही देता है, इंसान नहीं।
*क्रोध का समाधान क्षमा* है ।
@Be_khyali *जीवन* कीअंतिम मंजिल कौनसी है ?
समझ लेना। इन महल _मरघट में ही मत अटक जाना।
इन्हे किसी *सराय* , किसी *धर्मशाला* से ज्यादा महत्व मत देना ही मत।
तुम्हारी मंजिल तो मरघट से बहुत आगे है। यहां तो सब चंद दिनों का *पड़ाव* है , यह तो*रैनबसेरा* हैं
सुबह होते ही फिर चलना है, जीवन का
@Sabhapa30724463 जिंदगी भर जिसने *राम* का नाम नहीं लिया, उसकी *अर्थी* उठाकर कहते हो _ *राम नाम सत्य* है
जब वह असत्य हो गया, तब तुम कहते हो कि *राम नाम सत्य है* ।
यह जिंदगी के साथ कितना गहरा *मजाक* है ।
राम नाम सत्य तभी सत्य तभी है, जब तुम्हारा जीवन, तुम्हारी चर्या भी सत्य हो।
@Sabhapa30724463 कांग्रेस से __ जिंदगी भर जिसने *राम* का नाम नहीं लिया, उसकी *अर्थी* उठाकर कहते हो _ *राम नाम सत्य* है
जब वह असत्य हो गया, तब तुम कहते हो कि *राम नाम सत्य है* ।
यह जिंदगी के साथ कितना गहरा *मजाक* है ।
राम नाम सत्य तभी सत्य तभी है, जब तुम्हारा जीवन, तुम्हारी चर्या भी सत्य हो।
@jpgupt25651 @SanataniPurnima *कड़वी बातें*
अति सुख अच्छा नहीं है। जीवन में एकाध दुःख तो होना ही चाहिए।
दुःख से *सद्बृद्धि* आती है। अति सुख में आदमी होश खो बैठता है।
अति मान _ सम्मान प्राप्त हो तो भी अच्छा नहीं है।
*मीठे* के साथ *नमकीन* जरुरी है। वैसे ही सुख के साथ थोड़ा दुःख भी जरुरी है। *राधे राधे*