#Follow
सफ़र चाहे जितना लंबा हो, शुरुआत पहले कदम 🚶♂️से ही होती। मैंने भी अपने शुभचिंतकों के भरोसे करीब दो हफ्ते पहले डिजिटल मीडिया 📱की इस यात्रा की शुरुआत कर दी है।
अगर आप प्रिंट मीडिया की तरह इस सफर में हमराह बने रहेंगे 🤝 तो मंजिल भी मिलेगी 🎯 ही, सफर का आनंद भी कई गुना बढ़ जाएगा। साथ में प्रिंट मीडिया 🗞️ की साढ़े तीन दशकों की यात्रा के कुछ खास पड़ावों की तस्वीर भी। 😊🙏
करीब तीन दशकों से गोरखपुर की रामगढ़ झील का साक्षी रहा हूं। कभी इसे गोरखपुर का गटर कहते थे अब मरीन ड्राइव। इस पर दर्जनो खबरें भी लिखीं।
फोटो पिछ्ले दिनों गोरखपुर यात्रा के दौरान झील के किनारे की है।❤️
#गोरखपुर#रामगढ़#झील#अपनाशहर#उतरप्रदेश#UP53
#Health
🔥 कई दिनों से सूरज अंगारे बरसा रहा है। धरती भट्ठी बनी हुई है। ऐसे में हर कोई परेशान है, लेकिन सबसे ज्यादा मुश्किल उन लोगों के लिए है जिन्हें रोज़ी-रोटी के लिए तपती धूप में घंटों काम करना पड़ता है।
🚲 रिक्शा एवं ठेला चालक 📦 डिलीवरी ब्वॉय पटरी दुकानदार, पल्लेदार और श्रमिक आदि
इनके लिए वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. आलोक गुप्ता द्वारा दी गई यह जानकारी बेहद उपयोगी है। सही खानपान 🥗, उचित पहनावा 👕, पर्याप्त पानी 💧 और दिनचर्या में छोटे-छोटे बदलाव करके जानलेवा गर्मी और लू से काफी हद तक बचा जा सकता है।
लिंक👇
https://t.co/65RrTDZayr
#गर्मी #लू #गोरखपुर #स्वास्थ्य #डिलीवरीब्वॉय #रिक्शाचालक #मजदूर #खानपान #पहनावा
#FOLLOW
अपने देश की राजनीति में यह दौर "नॉन-प्लेइंग कैप्टन" का है। 🎭
वह मैदान में खेलता नहीं, लेकिन अपनी प्रतिबद्धता के अनुरूप ऐसी रणनीति बना देता है कि माहौल 🌪️ और जनता का मूड 🗳️ चाहे जो हो, जीत उसी पार्टी की होगी जिसके प्रति उसकी प्रतिबद्धता है।
ऐसे कैप्टन एक से अधिक भी हो सकते हैं। 👥 यह कोई रहस्य नहीं है। लगभग हर कोई इससे वाकिफ है। 😉 यूँ भी एक मुहावरा है...
👉 "अक्लमंद को इशारा काफी।" 😌
#अपनीबात #राजनीति #भारत #चुनाव #ECI #Election #Thought #गोरखपुर
#अपनीबात 📣
निजी और सार्वजनिक जीवन अलग-अलग होते हैं। इन दोनों का घालमेल करके आप कुछ समय के लिए सुर्खियां 📰 तो पा सकते हैं, लेकिन इसकी कीमत देश 🇮🇳, समाज 🤝 और परिवार 👨👩👧👦 को चुकानी पड़ती है।
हेट स्पीच 😡 से शुरू होने वाला यह सिलसिला आखिर कहां जाकर रुकेगा, कोई नहीं जानता। आज राजनीतिक लाभ के लिए जो भाषा बोई जा रही है, कल वही सामाजिक वैमनस्य का वृक्ष 🌳 बन सकती है।
प्लीज 🙏, आप किसी भी दल, विचारधारा या संगठन से जुड़े हों, परिवार को राजनीति का अखाड़ा मत बनाइए। परिवारों को बख्श दीजिए।
नियामक संस्थाओं ⚖️ को भी मंचों से लेकर सोशल मीडिया 📱 तक नफरत और व्यक्तिगत हमलों की गंध फैलाने वाले तत्वों के बारे में गंभीरता से सोचना होगा।
लोकतंत्र में विरोध ज़रूरी है, लेकिन मर्यादा उससे भी ज़्यादा ज़रूरी है। ✍️
#राजनीति #लोकतंत्र #मर्यादा #सोशलमीडिया #निजता #देश #समाज #परिवार
तृणमूल सांसद सयोनी घोष का एक पुराना बयान, "मैं चड्ढा नहीं हूं जो 'चड्डी' बन जाऊंगी, घोष हमेशा घोष ही रहेगा।" 😏
राजनीति बड़ी दिलचस्प चीज है। यहां कल का विरोधी ⚔️ आज का साथी 🤝 और आज का साथी कल का विरोधी हो सकता है।
अब देखना यह है कि सयोनी अपने पुराने बयान पर टिकी रहती हैं या राजनीति की नई पटकथा लिखती हैं। 🤔
गर ऐसा करती हैं तो तो लोग यही कहेंगे👇
"थोथा चना बाजे घना।"
#SayoniGhosh #TMC #Politics #Statement #WestBengal #TrendingNews #ApniBaat #ViralPost #Follow
@jai29451 कितना भी छिपाएं संलिप्त लोगों के रसूख का रायता फैल चुका है। बात प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के संज्ञान में है। कुछ न कुछ होगा। अभी वह शाह जी के साथ वाशिंग मशीन से तृणमूल के कुछ खास लोगों की धुलाई में व्यस्त हैं🙏
#Follow
वैसे तो इतना बड़ा अखबार 🗞️, बिना किसी प्रमाण के ऐसी खबर लिख नहीं सकता। दैनिक जागरण तो कतई नहीं। मैंने भी 1994 से 2019 तक इसमें काम किया है। इसलिए मैं इसे ठीक से जानता हूं।
लेकिन अगर यह खबर तनिक भी सच है तो सोचना पड़ेगा कौन बड़ा लुटेरा है। जिसको हम पानी पानी पी पी कर कोसते रहे हैं। या चोरी में शामिल मौजूदा लोग?
#रामलला #अयोध्या #राममंदिर #दानपत्र #चोरी #दैनिकजागरण
@TheTribhuvan नाम के अनुसार "रजत" जी चांदी हैं ही। प्रतिबद्धता के नाते वह अपना नाम "मोती"और "जवाहर" तो कर नहीं सकते। बेहतर होगा "हीरा" कर लें। यह चांदी से बहुत मंहगी होती हैं।✍️
#अपनीबात 📣
एक झूठ छिपाने के लिए 100 झूठ बोलने पड़ते हैं। अतत: यही झूठ बोलने वाले के गले की फांस बन जाता। इसके बाद बोलने वाला गलदोदई पर आमादा हो जाता है। क्या इस मुद्दे पर भी इसकी शुरुआत हो चुकी है??
#Follow
वैसे तो इतना बड़ा अखबार 🗞️, बिना किसी प्रमाण के ऐसी खबर लिख नहीं सकता। दैनिक जागरण तो कतई नहीं। मैंने भी 1994 से 2019 तक इसमें काम किया है। इसलिए मैं इसे ठीक से जानता हूं।
लेकिन अगर यह खबर तनिक भी सच है तो सोचना पड़ेगा कौन बड़ा लुटेरा है। जिसको हम पानी पानी पी पी कर कोसते रहे हैं। या चोरी में शामिल मौजूदा लोग?
#रामलला #अयोध्या #राममंदिर #दानपत्र #चोरी #दैनिकजागरण
#Follow
वैसे तो इतना बड़ा अखबार 🗞️, बिना किसी प्रमाण के ऐसी खबर लिख नहीं सकता। दैनिक जागरण तो कतई नहीं। मैंने भी 1994 से 2019 तक इसमें काम किया है। इसलिए मैं इसे ठीक से जानता हूं।
लेकिन अगर यह खबर तनिक भी सच है तो सोचना पड़ेगा कौन बड़ा लुटेरा है। जिसको हम पानी पानी पी पी कर कोसते रहे हैं। या चोरी में शामिल मौजूदा लोग?
#रामलला #अयोध्या #राममंदिर #दानपत्र #चोरी #दैनिकजागरण
#अपनीबात📣
वक्त ⏰ देने वाला, तोहफे देने वाले से बहुत बेहतर होता है। क्योंकि तोहफे की एक तय कीमत होती है, पर लिया और दिया गया वक्त अनमोल होता है। आपकी क्या राय है??
#Follow
सबके पास सिर्फ 24 घंटे ⏰ ही होते हैं लिहाजा कमोबेश समय सबका समय अनमोल💰होता है। अगर किसीने आपको आपकी हर जरूरत पर समय और साथ में संपर्क 🤝 भी दिया तो उसका मोल और बढ़ जाता है। क्योंकि वह संपर्क उसकी सामाजिक कमाई होती है। उसके लिए भी अगले ने समय खर्च किया है।
उसी इंसान को अगर आपसे कभी समय, संपर्क और सहयोग की जरूरत पड़ जाए..और आपसे कोई रिस्पांस न मिले तो आप परले दर्जे के अहसानफरामोश, मौकापरस्त माने जाएंगे।
याद रखें। अच्छा हो या बुरा समय गुजर जाता है। यही समय की सबसे बड़ी खूबी है।🙏
#रिश्ते #समय #विचार #अनुभव #सच #LifeLesson
#अपनीबात 📣
किसी दल में एक नए बड़े चेहरे के आने से उसके कई खांटी कार्यकर्ता नाराज, क्षुब्ध और निष्क्रिय हो सकते हैं। 😕 भाजपा में तो बाहरी लोग मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और कैबिनेट मंत्री तक बने बैठे हैं। ऐसे में पार्टी के लिए खुद को खपाने वाले कार्यकर्ताओं में नाराजगी स्वाभाविक है।
अब देखना यह है कि नागेंद्र जी इन कार्यकर्ताओं को कैसे मनाते हैं। 🤝 यही उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती है। आपकी राय का स्वागत है??
हफ्ते भर से नागेंद्र नाथ त्रिपाठी जी की खूब चर्चा है। उनके और उनको मिले दायित्व "राष्ट्रीय संगठक - वरिष्ठ कार्यकर्ता संपर्क" के बारे में बहुत कुछ लिखा जा चुका है।
लंबे समय तक बतौर रिपोर्टर भाजपा को कवर करने और नई भाजपा के अब तक की पृष्ठभूमि को देखते हुए मेरी छठी इंद्रिय कुछ अलग ही संकेत दे रही है।
👉पूरी पोस्ट मेरे फैसबुक वाल पर।
#नागेंद्रनाथ #बीजेपी
#राजनीति #विश्लेषण #अपनीबात
लगता है। संगम में इतनी बार डुबकी लगाने से गंगा मैया नाराज हो गईं। कुछ मिलने की बजाय यूपीडा नंदी जी के हाथ से चला गया। इसलिए कहा जाता है,"हर चीज की अति खराब होती है।
#राजनीति#संगम#महाकुंभ#प्रयागराज@BJP4UP@NandiGuptaBJP
@sureshsinghj@BJP4UP@NandiGuptaBJP नहीं। इतने पुण्य कमाने वाले इंसान के साथ यह नाइंसाफी है। एक एक दिन में कई बार पुण्य की डुबकी लगाई थी माननीय ने। कोई बड़ा आदमी नहीं बचा था। किसीको तो ख्याल रखना चाहिए था।🤔