@janardanmis This is correct. BJP is not a party for people with honesty, a high degree of moral ethics, character, integrity, self-pride & a clean public image. Modi and Amit Shah are doing well, but at the core of heart they have forgotten that even Ramrajya, Maurya empire etc. had an end.
यदि किसी के पास सिपाही सुनील शुक्ल का नंबर हो तो मुझे अवश्य दें , मुझे उनकी आर्थिक मदद करनी है क्योंकि उन्हें निलंबित कर दिया गया है और उन्हें मानसिक प्रताड़ना दी जा रही है , हम और हमारा संगठन काली सेना उनके साथ चट्टान की तरह खड़ा है।
भ्रष्टाचार के ऊपर इतना विनम्र प्रहार मैंने नहीं देखा था , सुनील शुक्ल के जज्बे को नमन और उनको पैदा करने वाली और इतना अच्छा संस्कार देने वाली माँ को नमन है ।
Why CBI? In my memory of the last 30 years, I have never read any news, especially involving politics, in which CBI has successfully closed the case & put this into public. CBI is only a threatening and intimidating tool used for party breaking & spying on the opposition leaders.
"दूसरे के मकान पर बुलडोज़र चलाया!
फर्जी एनकाउंटर दिखाया!
जबकि RSS से था मेरा बच्चा!!"
ग्रेटर नोएडा के 15 साल के ब्राह्मण बालक गोपाल शर्मा की निर्मम हत्या पर पिता का बयान
पोस्टमार्टम रिपोर्ट! वो भी बदल दी?
फर्जी बुलडोज़र? झूठा एनकाउंटर?
जो गोपाल के पिता कह रहे वो सत्य है ? तो इसकी जांच अब CBI के हाथों देनी चाहिए
एक पुत्र की इतनी निर्मम हत्या - पिता के दर्द को समझना होगा - उन्हें न्याय दिलाना होगा
एक बच्ची ने कॉपी चेक कराई, उसके 1 नंबर वाले (MCQ) 16 सवाल सही थे, जबकि केवल 3 सही दिखाए गए।
मैं यहाँ CBSE के अधिकारियों या शिक्षा मंत्री की गलती नहीं मानता, लेकिन जिस मास्टर ने यह कॉपी चेक की है, उसे तुरंत टर्मिनेट कर देना चाहिए। 1-2 उदाहरण ऐसे होंगे, तो बाकी लोग अपने आप ठीक हो जाएंगे।
@ajeetbharti
100% correct. It's of no use if you are a toothless, spineless, silent follower of top leaders. History doesn't remember silent, subservient slaves; it remembers leaders with integrity, character and an unparalleled desire to serve the masses, who change the fortunes of the poor.
बीजेपी..की सरकार से कुछ नहीं होता मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जैसा होना चाहिए
पूरा जयपुर - दिल्ली नेशनल हाईवे हजारों मुस्लिमों ने घंटों तक घेर के रखा और "भजनलाल" भजन करते रहें
@nch1915 Thanks for your message. Please ask @AmazonIn to make the payment towards the product and the harassment caused by its policies over the last 04 months. Will you be able to stand up to reaffirm your identity & make @Amazon listen to you? @CimGOI@PMOIndia@CMOMaharashtra
नाम : धर्मेंद्र प्रधान
पद : शिक्षा मंत्री
उपलब्धि : 2018 , 2024 , 2026 NEET पेपर लीक की उपलब्धि के साथ CBSE को भी बर्बाद करने वाले होशियार चंद।
शौक: कुर्सी के बहुत बड़े शौकीन
एथिक्स : उसको बोरी में भरकर बेच दिया।
Paid IndiaMART for business growth. Got useless leads, random enquiries & zero intent.
Question the quality?
“Buyleads are complimentary, we sell visibility.”
So you charge for leads, deny responsibility for them, and call it a model?
#IndiaMARTReality#B2BTruth#LeadQuali#SME
Paid IndiaMART for business growth, not useless buyleads. Got irrelevant enquiries, price-check traffic & zero intent. Question quality?
“Buyleads are complimentary, we sell visibility.”
So why charge like a growth platform with no accountability?
#IndiaMARTReality#LeadQuality
मेरा जन्म मुंबई के इसाई परिवार में 8 मई 1964 में हुआ था मेरी माता जी का नाम श्रीमती रोजी डिसूज़ा और मेरे पिताजी का नाम श्री जॉन डिसूजा है। मेरा नाम माता-पिता ने माइकल जान डेसूजा रखा था। मैं अपने माता-पिता का जेष्ठ पुत्र हूं। मेरे अतिरिक्त मेरी एक बहन श्रीमती हिल्डा और एक भाई श्री हेनरी हैं। बचपन से मैं अपने परिवार के साथ हर रविवार को चर्च जाता था। चर्च के पादरी के उपदेश आदि सुनता था। बाइबल का उनके द्वारा निर्देशित स्वाध्याय भी करता था। एक सामान्य इसाई के समान मेरा जीवन था। 12वीं तक पढ़ाई करके मैंने दो वर्ष आईटीआई से तकनीकी शिक्षा ग्रहण की। इसाई त्योहारो आदि में मै सक्रिय रूप से भाग लेता था। पर धीरे-धीरे बाइबल पढ़कर मैं असंतुष्ट रहने लगा। बाइबल में दिए अनेक उपदेशों पर मुझे शंका होने लगी।
मैंने अपने चर्च के पादरी से उन सब शंकाओं का समाधान करना चाहा पर वह मुझे संतुष्ट नहीं कर सके। उनकी सलाह से मैं स्थानीय पुस्तकालय से अन्य पुस्तकें लेकर पढ़ना आरंभ किया। इसी प्रक्रिया में मुझे भारत और यूरोप में चर्च के इतिहास की जानकारी मिली। मैं जब अनंत वायरल कर की गोवा इन्कुइसिशन नामक पुस्तक को पढ़ा कि कैसे पुर्तगाल से आकर गोवा में सेंट फ्रांसिस जेवियर ने स्थानीय हिंदुओं पर अनेक अत्याचार कर उन्हें जबरन इसाई बनाया तो मुझे इसाई होते हुए भी अच्छा नहीं लगा। जब मैंने पढ़ा कि वास्कोडिगामा ने व्यापार की आड़ में कैसे भीषण कत्लेआम किया था तो मुझे विदेशियों के व्यवहार पर शंका होने लगी कि क्या एक मानव को दूसरे मानव के साथ ऐसा व्यवहार करना चाहिए? छल, कपट से धर्म परिवर्तन करवाना मुझे महा पाप जैसा लगा।
दक्षिण भारत में रॉबर्ट दी नोबेली ने पंचम वेद का स्वांग कर अपने आप को रोम से आया ब्राह्मण कहकर भोले भाले ग्रामीण लोगों को जिस प्रकार से इसाई बनाया। वह पढ़कर तो मुझे ऐसा प्रतीत हुआ कि क्या इसाइयत के सिद्धांत अंदर से इतने कमजोर हैं जो उसे सत्य मार्ग के स्थान पर छल, कपट, दबाव, हिंसा, झूठ, धोखा, ढोंग, धन प्रलोभन आदि का सहारा लेना पड़ता है? मेरा ऐसे इसाइयत से विश्वास उठने लगा। मैं सत्य अन्वेषी बनाकर गृह त्याग कर विभिन्न मतों में जाकर उनकी विचारधारा का विश्लेषण करने लगा पर मेरी मंजिल अभी दूर थी।
पवई, मुंबई में मेरे पड़ोस में आर्यवीर दल का एक कैंप लगा। उस कैंप में छोटे-छोटे बच्चों को वैदिक विचारधारा और शारीरिक श्रम करने की ट्रेनिंग दी जा रहे थी। मैं भी देखने चला गया। वहां मेरा परिचय शिक्षक ब्रह्मचारी सुरेंद्र जी तथा श्री ओम प्रकाश आर्य जी से हुआ। उनके साथ मैंने परस्पर संवाद कर अपनी अनेक संख्याओं का समाधान किया जिससे मुझे अपूर्व संतोष मिला। ऐसा लगा चिरकाल से बहती मेरी नाव को किनारा मिल गया। उनकी प्रेरणा से मैं विधिपूर्वक यज्ञोपवीत धारण किया और आजीवन ब्रह्मचारी रहने का व्रत लिया। उन्होंने मेरा नया नामकरण ब्रह्मचारी अरुण आर्यवीर के नाम से किया और मुझे स्वामी दयानंद लिखित सत्यार्थ प्रकाश पढ़ने की प्रेरणा दी। सत्यार्थ प्रकाश पढ़कर मुझे मेरे जीवन का उद्देश्य मिल गया। स्वामी दयानंद के ज्ञान रूपी सागर में डुबकी लगाकर में तृप्त हो गया।
आर्य समाज के माध्यम से मेरा वैदिक धर्म में प्रवेश स्वेच्छा से हुआ। मैं जब वैदिक धर्म के सार्वभौमिक सिद्धांतों की तुलना ईसाई आदि मत मदांतर की मान्यताओं से की तो उन्हें सभी के लिए अनुकूल और ग्रहण करने योग्य पाया। हर मत-मतांतर की धर्म पुस्तक में आपको कुछ अच्छी बातें मिलती हैं। परंतु जो ज्ञान वैदिक धर्म की पुस्तकों में मिलता है, उसकी कोई तुलना नहीं है। सत्यार्थ प्रकाश के तेरहवें समुल्लास में ईसाई मत समीक्षा पढ़कर मेरे बाइबल संबंधित सभी संशयों की निवृत्ति हो गई।
इस पुस्तक के प्रशासन में डॉक्टर मदन मोहन जी, रिटायर प्रोफेसर फिजियोलॉजी, मेडिकल कॉलेज पांडिचेरी ने न केवल आर्थिक सहयोग प्रदान किया है अपितु पुस्तक के प्रूफ करने में भी यथोचित सहयोग दिया है। मैं उनका करबद्ध अभारी हूं।
मैं इस कृपा के लिए सर्वप्रथम परमपिता परमेश्वर को धन्यवाद देना चाहूंगा जिनकी मुझ पर यही बड़ी कृपा हुई। अन्यथा जाने कितने जन्मों तक अविद्या रूपी अंधकार में भटकता रहता। मैं भी संभवतः ईसाई पादरियों के समान भोले भाले लोगों को ईसा मसीह की भेड़ बनाने के कार्य में लगा रहता। मैंने इन वर्षों में अपने स्वाध्याय से जो बाइबिल का ज्ञान अर्जित किया था उसे निष्पक्ष पाठकों के लिए इस पुस्तक के माध्यम से मैं संकलित कर प्रस्तुत कर रहा हूं । इस पुस्तक को पढ़कर लोग इस ईसाईयत के जंजाल से मुक्त होकर वैदिक पथ के पथिक बने, यही ईश्वर से प्रार्थना है।
गैर ब्राह्मण बाबा ऐसे ही होते हैं, इसीलिए सनातन धर्म ने कर्मकांड का अधिकार सिर्फ ब्राह्मणों को दिया है बाकी को तो गृहस्थ जीवन और भोग विलास दिया है।
भगवान के प्रति जो आस्था ब्राह्मणों में पाई जाती है अन्य में दुर्लभ है।
~NEET पेपर लीक - कोई आवाज नहीं
~पेट्रोल डीजल मंहगा - कोई आवाज नहीं
~रुपया की गिरावट - कोई आवाज नहीं
~भयानक मंदी की आहट - कोई आवाज नहीं
~नौकरी पर खतरा - कोई आवाज नहीं
लेकिन "मेलोडी टॉफी" पर सुबह से हंगामा काटे हुए हैं।
पता नहीं क्या मजबूरी है इनकी, जो इनको शर्म भी नहीं आती है?