समाज और व्यक्ति
एक सराय थी जिसमें रुकने वाला व्यक्ति कभी ज़िंदा वापस नही लौटा. क्योंकि सराय में रुकने की एक ही शर्त थी कि सराय में एक खाट थी और रुकने वाला व्यक्ति को उस खाट के समान/बराबर होना ज़रूरी था. यदि कोई व्यक्ति खाट से छोटा पड़ता था तो उसे खींच के तान के खाट के बराबर किया जाता था इस बराबर होने की कोशिश में वह व्यक्ति मारा जाता था. और यदि कोई व्यक्ति खाट से बड़ा पड़ता था तो उस व्यक्ति को काट के खाट के बराबर किया जाता था इस कोशिश में भी वह व्यक्ति मारा जाता था.क्योंकि बड़े या छोटे दोनों ही उस खाट के बराबर होने की कोशिश में जीवित रहना मुश्किल हो गया और मौत हो जाती थी
ऐसे ही देश, धर्म और समाज एक सराय है और व्यक्ति समाज, धर्म और देश के पैरामीटर(मानक/आदर्श) सराय की खाट है और व्यक्ति इनके मानकों पर खरा उतरने की कोशिश में व्यक्ति का व्यक्तित्व मर जाता है और स्वयं का वजूद ख़त्म हो जाता है क्योंकि व्यक्ति या तो मानक से बड़ा होता है या छोटा लेकिन मानक(आदर्श) के बराबर कभी नही होता न हो न हो पाता है और यही आदर्श होने की कोशिश ही उसकी ज़िंदगी/व्यक्तित्व की मौत का कारण होता है और समाज के मानक और आदर्श व्यक्ति के असली दुश्मन हैं.
की हिंदू बनने की कोशिश में है तो कोई कोई मुस्लिम, कोई जातीय गर्व से भरा है तो कोई क्षेत्रीय
इराक़ कोशिश में व्यक्ति का व्यक्तित्व ही छीन लिया गया और व्यक्ति को पता ही नही.
वो गधा है। 1965 की हिस्ट्री पढा नही है ऊपर ऊपर हाजी पीर रट लिया है। तिथवाल, उड़ी, अखनूर, सांबा, पुंछ, आरएसपुरा हाथ से निकल चुके थे, यह नही पढ़ पाया।
इसी मजबूरी में भारत को लाहौर पर अटैक करना पड़ा। इंटरनेशनल बॉर्डर क्रॉस करके। कम पढ़े लिखे के साथ इसलिये माथा नही फोड़ना चाहता।
इंडिया का मैप में क्या लिखा, वो बता रहा है। मैं इंटरनेशनल व्यू बता रहा हूँ।
इंडिया का मैप नेहरू ने 1954 में बनाया था। ऐसे तमाम इलाके है जो क्लेम लाइन है, लेकिन एक्चुअल कंट्रोल नही। तब भी नही था, आज भी नही है। इसे ये अधिकार का सबूत कहता है। दरअसल मैं क्या कह रहा हूँ उसकी समझ से बाहर है।
वो नरेन्दर मोदी चचा 😄 हमरा गांव के रोड देख कैंसन है
भ्रष्टाचार तो है ही लेकिन
अपनी भाषा की शालिनता से किसी का विरोध करना चाहिए।
इस महिला को नमन है जो अपनी भाषा की मर्यादा को बनाए रखा।
ये जौनपुर में शादी के दौरान मारे गए दूल्हे आज़ाद बिंद की बहन है
ये बहन अखिलेश यादव और योगी आदित्यनाथ दोनों से मिल चुकी है
अब इस बहन से दोनों नेताओं के बारे में सुनिए
आप मंदिर 🛕 में जाओगे और भगवान से माँगोगे।और जो दिन रात भगवान के मंदिर 🛕 में हैं ,वो पुजारी आपसे माँगेगा ।
और फिर आप मंदिर 🛕 से बाहर निकलोगे बाहर भिखारी भी भगवान से नहीं आप से माँगेगा ।
कुल मिलाकर मतलब यही है , जो महनत कर रहा है वो भगवान से माँग रहा है ,और जो काम नहीं कर रहे हैं वो लोगों से माँग रहे हैं ।🤔
महमूद ग़ज़नवी(धर्म)
बख्तियार खिलजी(शिक्षा),तैमूर(जनसंहार) चरित्र हैं जो हर काल में मौजूद रहते हैं लेकिन राजनीति इन चरित्र पर पर्दा डाल के अपनी रोटी सेंकते रहें हैं.
बस महसूस करने के लिए संवेदनशील मनुष्य होना पड़ता है
किसी मूवी में मैंने देखा था, विलेन ने ज्योतिषी से पूँछा कि तेरी जिंदगी कब तक है, ज्योतिषी ने बोला 100 साल ,
विलेन ने तुरंत गोली मार दी, बोला अब बताओ, 😂कृपया अपनी मृत्यु की तिथि, समय तथा स्थान और किस प्रकार होगी, बताने का कष्ट करें,,,फिर आप राहुल गांधी जी पर बोलिये,,,!!
सबसे बढ़िया अपना नेता न ताम झाम न कोई खर्च... लखनऊ जाओ पार्टी कार्यालय जाओ सुरक्षाकर्मी आपको चेक करेंगे...
उसके बाद कार्यालय में AC लगे कमरों में बैठो माननीय जी का मिलने का प्रोग्राम होता है तुरंत बुलाकर मिल लेते....
अन्य पार्टियों में तो नेता जी मिलने का चार्ज लेते हैं....
राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े और पीएमओ में शीर्ष पद पर काम कर चुके नृपेंद्र मिश्रा ऑन रिकॉर्ड स्वीकार रहे हैं की अयोध्या राम मंदिर में करोड़ों की गड़बड़ी हुई है!
वे स्वीकार कर रहे हैं की जिस तरह लोगों की आस्था के साथ गड़बड़ी हुई वह गलत है! जिन महिलाओं ने मंदिर में पूरी श्रद्धा और जतन से जिदंगी की गाढ़ी कमाई से आए गहने चढ़ाए वह तक गायब हुए हैं! वे साफ कह रहे हैं की वहां मानक का पालन नहीं किया गया! जब वह टीवी चैनल के सामने बैठकर इतनी गंभीर बात कह दे रहे हैं तो एक्शन कहाँ है?
कहीं किसी अनाम शिकायत भर पर जो एजेंसी ED विपक्षी नेताओं को महीनों जेल भेज देती है वह एजेंसी ऐसी सो गयी मानों उसका कोई अस्तितव न हो!
राम के नाम पर करोड़ों का घोटाला भारत के सबसे शर्मनाक घोटालों में एक माना जाएगा
कोई भी स्वाभिमानी, आत्म सम्मान वाले देश का गैरतमंद नेता ट्रम्प को वैसा ही जवाब देगा जैसा कि इटली की मेलोनी जी ने दिया।
अपने वाले कि तरह खी-खी नहीं करता रहेगा।