चेता रहा हूं हे मानव ,
प्रकृति ☘️ पुत्र 🌳 बन मैं तुझे हर बार ।
दरिंदे बेहशी लूट रहे हैं,
मां धरती 🌎🌍का अतुल श्रृंगार ।
चिपको 💚आंदोलन पुनः चला कर ,
लौट आओ पुनः बाहर ।
कुछ तो विचार कर हे मानव ,
वरना न बच पायेगा संसार 🌎।
न बच पाएगा संसार 🌍।।
JS 💚..
Plant ☘️ before cake