गीत-ग़ज़ल और नवगीत की रसधारा को अपनी काव्य-सर्जना से अनुप्राणित करने वाले, साहित्य-जगत् के प्रखर मनीषी, मेरे कक्षा-गुरु व शोध निर्देशक स्वर्गीय डॉ. कुँवर बेचैन जी का आज जन्मदिन है।
वाणी के ऐसे वरदपुत्र देहावसान के उपरांत भी स्मृति-शेष नहीं होते; उनकी सृजन-धर्मिता कालप्रवाह में निरंतर स्पंदित होती रहती है। आज उनके जन्मदिन पर मॉं गंगा के तट पर पढ़ी गयी उन्हीं की एक रचना आप सबको निवेदित कर रहा हूँ। अपने छंद की गंध से सुर-लोक को सुवासित करते मेरे गुरू जी तक मेरा चरण-स्पर्श और आप सब की श्रद्धांजलि पहुँचे। 🙏🏻❤
ट्रेन नं - 02570 है,जो नई दिल्ली से दरभंगा जंक्शन तक जाती है। एक तो इसकी समय सीमा इतनी बेहूदी है ऊपर से अभी भी जिस स्टेशन पर रुकती है,तो घंटे भर रुक जाती है। एक तो यात्रा का शुल्क भुगतान करो ऊपर से स्पेशल के नाम पर यह एक भौंडा मजाक है। @RailMinIndia@AshwiniVaishnaw
छत्तीसगढ़ की माटी की सोंधी सुवास को विश्व-पटल तक पहुँचाकर हास्य और कविता को जन-जन का उत्सव बना देने वाले, व्यक्तिगत तौर पर मुझे अपने अनुज की तरह स्नेहाशीष देने वाले कविश्रेष्ठ पद्मश्री डॉ. सुरेंद्र दुबे जी की पुण्यतिथि पर उन्हें सादर स्मरण।
भैया! एक वर्ष हो गया लेकिन आपकी खिलखिलाती हँसी, आपकी सहजता एवं आपका अपनापन आज भी हृदय में वैसे ही स्पंदित है। रायपुर से जुड़ी मेरी असंख्य स्मृतियों में आपका स्नेहिल व्यक्तित्व सदैव जीवित रहेगा। भावभीनी श्रद्धांजलि🙏🏻
जिस युग में भारत को अपनी स्वतंत्र चेतना पुनः प्राप्त करने की आवश्यकता थी, उस समय बंकिमचन्द्र चट्टोपाध्याय जी की लेखनी ने एक ऐसे गीत को लयबद्ध किया, जिसे गाकर राष्ट्रप्रेम की मंदाकिनी लोक के अंतिम व्यक्ति की शिराओं में प्रवाहित होने लगी। 'वन्देमातरम्' के माध्यम से उन्होंने जन-जन को मातृभूमि की ऐसी वंदना दी, जो कालांतर में स्वतंत्रता-संग्राम का उद्घोष बन गई। साहित्य, पत्रकारिता और राष्ट्रचिंतन के अद्वितीय पुरोधा की जयंती पर सादर प्रणाम। 🙏🏻❤️🇮🇳
योग भारत की उस सनातन चेतना का अमूल्य उपहार है, जिसने मानव मात्र को शरीर, मन और आत्मा के सामंजस्य का मार्ग दिखाया। आज विश्व योग दिवस के अवसर पर पृथ्वी के कोने-कोने में योग की अनुगूंज सुनाई दे रही है; यह भारतीय ज्ञान-परंपरा के वैश्विक प्रकाश का अभिनंदन है। ‘योग’ का अर्थ ही है- जोड़ना। स्वयं को स्वयं से जोड़ना, मनुष्य को मनुष्य से जोड़ना और अंततः समस्त सृष्टि को एकत्व के सूत्र में पिरो देना। ऐसे समय में, जब विभाजन, द्वेष और वैमनस्य को पोषित करने वाली शक्तियाँ समाज को खंडित करने का प्रयास कर रही हैं, तब योग हमें प्रेम, सह-अस्तित्व और समरसता का संदेश देता है। आइए, इस विश्व योग दिवस पर हम केवल शरीर को नहीं, अपने विचारों, व्यवहारों और संबंधों को भी योगमय बनाने का संकल्प लें। ईश्वर करे, मनसा-वाचा-कर्मणा हम सभी योग की अनुभूतियों से आलोकित, ऊर्जस्वित और कल्याण-पथ पर अग्रसर रहें।
#InternationalYogaDay #YogaDay2026
श्रीरामकथा परिवार को संस्कार, समरसता और कर्तव्यबोध से अनुप्राणित करने वाली दिव्य जीवन-संहिता है। भगवान एकलिंगजी की आज्ञा एवं कृपा से उदयपुर में भगवान राघवेंद्र सरकार के गुण-स्तवन का पावन सुयोग बना। महादेवाभिपूजित राजीवलोचन श्रीराम आप सभी पर अपनी कृपा बनाए रखें🙏
#ApneApneRam
कल गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री और गुजरात के शीर्ष नेता शंकर सिंह बघेला ने जो कहा उस बात से मैं 100 नहीं 1000% सहमति रखता हूँ। बाघेला जी ने कहा इतिहास छोड़ो, आईएएस आईपीएस बनो। राजपूतो का इतिहास था ये सर्वविदित सच है।"
अब इसमें कुछ बाते मैं जोड़ देता हूँ। " आपको ना तो इसे साबित करना है और ना उन लोगो का सर्टिफिकेट चाहिए जो आपके ही सेवक थे। इसलिए इतिहास छोड़ो और वर्तमान में को ऐसा बनाओ जो कल फिर इतिहास बने। जिनका इतिहास नहीं था उन्हें विकिपीडिया और सोशल मीडिया पर फ़र्ज़ी इतिहास बनाने में उलझने दो। राजनीती को लक्ष्य बनाओ और वर्चस्व हासिल करो। करनी सेना के नमूनों के चक्कर में अपनी ऊर्जा धन और समय बर्बाद मत करो। हर मुद्दे पर आंदोलन नहीं होते। "