चाहे सत्ता की चाटुकारिता हो या गुणगान…
अगर मीडिया और व्यवस्था महंगाई, बेरोज़गारी, मिलावट और आम आदमी के असली मुद्दों से ध्यान हटाने लगे,
तो सवाल कौन पूछेगा?
Dear World,
This is Manipur today at 10 pm IST (18th April 2026). We are facing war like situation since 2023. And international community & India failed to address the Manipur Crisis. Over 200 people killed, over 60,000 people lost their homes. Manipur deserves justice now. 😢🙏
Please stop lying to citizens just to please Modi. Women reservation bill was approved in 2023 itself. It can be passed even now . But your gang wanted to pass Delimitation bill which would weaken the representation of South Indian states including Andhra Pradesh. Requesting you not to sell the self respect and the State rights of Andhra People who have made you DCM 🙏🙏🙏 I am ready for debate with you to explain . Are you ready #justasking
जब दुनिया Artificial Intelligence पर रिसर्च कर रही थी तब हम क्या कर रहे थे?
हम हिंदू-मुसलमान कर रहे थे। JNU के लड़कों से झगड़ा कर रहे थे। लिंचिंग करने वाली भीड़ को भगत सिंह के बच्चे बता रहे थे। हत्यारों को फूलों की माला पहना रहे थे।
उन्होंने AI बनाया, हमने मेक इन इंडिया के तहत देश को उल्लू बनाया। विश्वगुरु तो हम ही हैं।
मंदिर फेमस हो जाएगा फिर ज्यादा चढ़ावा आएगा! इसी योजना पर काम करते हुए मंदिर की मूर्ती तोड़ दी गईं, ताकि ख़बर बने प्रसिद्धी मिले और साथ-साथ धन वर्षा भी हो। यह सब पैसे के लिए किया गया है। सोचिए! धर्म की आड़ कैसा घिनौना खेल खेला जा रहा है।
मुसलमानों को टाइट करेंगे। सालों को अबकी बार बताएंगे। इनकी जो टोपी लगती है ना, जालीदार टोपी, इनकी टोपी के नीचे सबको सनातनी बनाएंगे। यह वापसी होगी। इतनी सी बोलने की देर है, टप्पा टप्पा टप्पा टप्पा टप्पा, फूल खिल गया। बड़ा सिंपल सा फार्मूला यह है कि हिंदू नेता मुस्लिम को गाली देगा, मुस्लिम नेता पलटवार करेगा, उस पलटवार के बाद आम जनता मुसलमान कौम की सड़कों पर आएगी, सरकार बुलडोजर चलाएगी, हिंदू नाचेगा, अंधभक्त और वह वोट देगा। इतना सा फार्मूला है, एक फार्मूला।
बकी फार्मूला वीडिओ मै सुनिए 👇
ये कहना चाहते हैं कि पाकिस्तान और बांग्लादेश में रहने वाले हिंदू अपने-अपने देशों के ग़द्दार हैं। और वो अपनी मातृभूमि को छोड़कर दूसरे देश को अपनी मातृभूमि मानते हैं। यही मानसिकता भाजपा और उसके अनुषांगिक संगठनों की है। अपने देश में पैदा होने वाले मुसलमान इन्हें घुसपैठिया नज़र आते हैं, और बांग्लादेशी पाकिस्तानी हिंदू भारतीय हैं।
ऐसी किस्मत सबकी नहीं होती। राजकीय अतिथि का दर्जा कर इन्हें लाया जाना चाहिए ताकि इन्हें यहाँ घूमने-फिरने में दिक्कत न हो। बाकी लोग बिना बेल और ट्रायल के पांच पांच साल जेल में सड़ते रहें।
मुझे दिल्ली में हर जगह फॉलो किया जा रहा है. मेरे पीछे एक गाड़ी लगाई गई है. वे कौन हैं, मुझे नहीं पता. मेरे स्टाफ के लोगों को हिरासत में लेकर उनसे मारपीट की जा रही है.
- गीतांजलि वांगचुक (सोनम वांगचुक की पत्नी)
#SonamWangchuk
नीच बुड्ढा डर गया है, देश की सारी संस्था उसके राज में अपनी विश्वसनीयता दिन-प्रतिदिन गँवाती जा रही है, बुड्ढे को डर सताने लगा है कि अगर पासा पलट गया तो उसका कच्चा चिट्ठा जनता के सामने आ जाएगा, बुढ़ापे में जेल जाना पड़ेगा।
जेल में मशरुम बंद हो जाएगा, विदेश का मुँह नहीं देख पाएगा, सारे ऐशो आराम बंद हो जाएँगे, जनता मुँह पर गाली देगी।
इसलिए वो हर चीज़ करेगा जिससे वो कुर्सी पर बना रहे, कुर्सी से प्यारा उसे कुछ भी नहीं, देश भी नहीं।
तैयार रहिए, खेल में बहुत कुछ होना बाक़ी है।