एक साल पहले दिए गए आश्वासनों पर अमल न होने से हज़ारों छात्र फिर आंदोलन के लिए मजबूर हैं ।
MPPSC इंदौर के सामने कड़ाके की ठंड में शांतिपूर्ण भर्ती सत्याग्रह जारी है ।
मुख्य मांगें
राज्य सेवा परीक्षा 2024 में कमसे कम 700 पद, राज्य वन सेवा 2026 में 100 पद, अभियांत्रिकी सेवा 2025 में 400 पद, ADPO 2026 में 300 पद
भर्ती परीक्षाओं में घपले रोकने हेतु सख़्त पेपर लीक क़ानून
अंतिम वर्ष के छात्रों को विभिन्न परीक्षाओं में अवसर
अतिथि-संविदा प्रथा समाप्त कर नियमित नियुक्तियाँ
इंटरव्यू अंक 100, बैकलॉग पदों की शीघ्र भर्ती
MPPSC परीक्षाएँ UPSC पैटर्न पर समयबद्ध व पूरी तरह पारदर्शी हों
यह आंदोलन छात्रों के भविष्य और न्यायपूर्ण भर्ती व्यवस्था के लिए है ।
आज गणतंत्र दिवस पर प्रदेश का अभ्यर्थी “गण” शासकीय “तंत्र” के आगे असहाय दिखता है।
13 महीने पहले वादे मिले, समाधान नहीं।
185 अंकों का इंटरव्यू और 87-13% का भेदभाव भविष्य खा रहे हैं।
डबल इंजन के दावे, युवाओं को धरनों पर छोड़ दिया गया। @CMMadhyaPradesh#MPPSC_Article19_सत्याग्रह
एक पिता बेटे की चिंता में इंदौर आता है।
देखता है-बेटा सालों से मेहनत कर रहा है, पढ़ाई कर रहा है…
पर MPPSC के ज़रिए पोस्ट सिर्फ़ नाम मात्र की निकल रही हैं।
तो बताए कोई—
जब अवसर ही नहीं मिलेंगे,
जब भर्ती ही नहीं होगी,
तो युवाओं की कामयाबी कैसे आएगी?
ये सिर्फ़ एक बेटे की कहानी नहीं,
ये MP के हज़ारों युवाओं और उनके परिवारों की पीड़ा है।
🔴 सरकार जवाब दे
🔴 आयोग जवाब दे
युवाओं का धैर्य नहीं, भविष्य दांव पर लगा है।
#AllEyesOnMppsc
#MPPSC_भर्ती_सत्याग्रह_2
#RepublicDay2026
#RepublicDayIndia
@DrMohanYadav51 युवाओं को ठंड में बर्फ जैसे फर्श पर बैठना पड़ा है याद रखिए, सत्ता किसी की परमानेंट नहीं होती, कौन सोच सकता था कि @ChouhanShivraj जी की कुर्सी जाएगी? आपको भी नहीं पता था कि भाग से इतना बड़ा छींक टूटेगा @NEYU4INDIA की मांगे सुनिए और मानिए, हमेशा लाडली बहना नहीं जिताएगी आपको
MPPSC भर्ती सत्याग्रह में संख्या कम लेकिन कड़ाके की ठंडी रात में टिके हैं NEYU के कार्यकर्ता
Report - 1/25/2026 02:52:00 AM
मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षा में रिक्त पदों की संख्या में वृद्धि की मांग को लेकर छात्र नेता राधे जाट के नेतृत्व में National Educated Youth Union के कार्यकर्ताओं ने आयोग के दरवाजे पर सत्याग्रह शुरू कर दिया है। पहले दिन संख्या कम है लेकिन इतने कड़ाके की ठंड में कार्यकर्ता खुले आसमान के नीचे डटे हुए हैं और संघर्ष के गीत गा रहे हैं।
https://t.co/vuotTJQxfp
श्री मेहरा जी से कहना चाहूंगा,
इसी चिलम, तमाकू, और खण्डवा-मंदसौर के मादक पदार्थों के कारण आज आयोग इस दशा में पहुँच गया है। आपसे
न 100 प्रश्न ठीक से बनते है,
न कोई परीक्षा समय से होती है।
#MPPSC_भर्ती_सत्याग्रह_2#AllEyesOnMppsc#Republic
मध्य प्रदेश लोकसेवा आयोग कार्यालय का दृश्य ये युवाओं का करवा बढ़ता ही जा रहा है अब तो प्रदेश के सभी जिलों से छात्र इंदौर कूच कर रहे है
@DrMohanYadav51 जी हदधर्मिता छोड़ो युवाओं की बात सुनो सरकार @jitupatwari@RahulGandhi@SachinPilot
सभी कोचिंग संस्थानों एवं लाइब्रेरी संचालकों से विनम्र अनुरोध है कि 24 से 27 जनवरी तक अपने संस्थान बंद रखकर सभी अभ्यर्थियों को
#MPPSC_भर्ती_सत्याग्रह_2.0 में शामिल होने की सूचना दें।
जैसा कि आप सभी जानते हैं, यह आंदोलन माननीय उच्च न्यायालय की विधिवत अनुमति के बाद आयोजित किया जा रहा है। अतः यह हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है कि अधिक से अधिक विद्यार्थियों की भागीदारी सुनिश्चित कर इस सत्याग्रह को ऐतिहासिक रूप से सफल बनाया जाए।
पढ़ने के लिए साथ में अपनी किताबें भी लेकर आयें
@NEYU4INDIA
कड़ाके की सर्दी, आधी रात, सड़क ही बिस्तर और अलाव ही सहारा—यह दृश्य किसी आपदा का नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश सरकार की “युवा नीति” का आईना है। 13 महीने पहले भी यही अभ्यर्थी सड़कों पर थे, तब आश्वासन मिले, समाधान नहीं। आज फिर वही चेहरे, वही मांगें, वही हताशा।
राज्य सेवा परीक्षा में 155 पद, जबकि जरूरत सैकड़ों की—क्या यही “रोजगार सृजन” है? इंटरव्यू 185 अंकों का, जहां मेहनत से ज्यादा पहचान का डर बना रहे—क्या यही पारदर्शिता है? 2024-87-13 जैसे फॉर्मूलों से चयन रोकना और नियुक्तियों में सालों की देरी, युवाओं का समय नहीं, भविष्य खा रही है।
मप्र सरकार डबल इंजन की रफ्तार बताती है, लेकिन युवाओं को सर्द रातों में धरने पर छोड़ देती है। सवाल यह है—सरकार युवाओं का भविष्य चला रही है या सिर्फ आश्वासनों की अलाव जला रही है?
मध्यप्रदेश सरकार का असली युवा-विरोधी चेहरा देखिए—
13 महीने पहले छात्रों से उनकी जायज़ मांगें पूरी करने का वादा करके धोखा दिया
आंदोलन की अनुमति नहीं दी गई तो छात्रों को हाईकोर्ट की शरण लेनी पड़ी।
अब जब कानून के दायरे में, अदालत की अनुमति से शांतिपूर्ण सत्याग्रह हो रहा है,
तो पुलिस के माध्यम से छात्रों को बैठने तक की जगह नहीं दी जा रही।
सवाल यह है—क्या सरकार को पढ़े-लिखे, जागरूक युवाओं की आवाज़ से डर लगने लगा है?
#MPPSC_भर्ती_सत्याग्रह_2
#MPPSC_PROTEST
मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जिंदाबाद के नारे लगाते हुए भांजे - भाजियां 😆
कुछ लोग कहेंगे MPPSC के छात्र मांगो को
लेकर सड़कों पर उतरे है !
#MPPSC_भर्ती_सत्याग्रह#MPPSC_PROTEST