शिक्षिका के मोबाइल में विभागीय आदेश देखना, विपक्ष ने "मोबाइल चेक करना" बता दिया — यह विपक्ष की राजनीतिक दिवालियापन का स्पष्ट प्रमाण है।
सत्य को तोड़-मरोड़कर प्रस्तुत करना विपक्ष की राजनीति हो सकती है, लेकिन इससे तथ्य कभी नहीं बदलते ...
विद्यालय निरीक्षण के दौरान शिक्षकों से विभागीय कार्यों, ऑनलाइन पोर्टल, आदेशों, ऐप्स एवं अन्य डिजिटल प्रक्रियाओं की जानकारी लेना एक सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया है। इसी क्रम में संबंधित शिक्षिका ने अपने मोबाइल पर विभागीय आदेश दिखाए थे। इसे "शिक्षिका का मोबाइल चेक करना" बताकर भ्रामक और तथ्यहीन प्रचार करना केवल जनता को गुमराह करने का प्रयास है।
यह किसी भी प्रकार से निजी मोबाइ�� की जाँच, निजता में हस्तक्षेप या सम्मान को ठेस पहुँचाने का मामला नहीं था।
राजस्थान आज शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर नई ऊँचाइयों को प्राप्त कर रहा है। विद्यालयों में गुणवत्ता, नवाचार, जवाबदेही और पारदर्शिता को लेकर किए जा रहे प्रयासों की चर्चा पूरे देश में हो रही है। यही सकारात्मक परिवर्तन विपक्ष को असहज कर रहा है।
झूठ और भ्रम फैलाकर विकास की गति नहीं रोकी जा सकती। जनता सच्चाई जानती है और श��क्षा व्यवस्था को सशक्त बनाने के हर प्रयास के साथ मजबूती से खड़ी है।
MGGS में दूसरा राउंड जल्दी हों ताकि शिक्षकों की कमी न रहे,साथ ही दूसरे राउंड में L2 सामाजिक,हिंदी,संस्कृत,
अशैक्षणिक कार्मिकों को भी शामिल करे। पहले राउंड में शामिल नहीं किया गया। परीक्षा लेकर काउंसलिंग नहीं करना सही नहीं है। @madandilawar@rajeduofficial@RESTARajasthan@pantlp
@BhajanlalBjp पीटीआई किसी भी खेल मैं कोचिंग डिप्लोमा कर के आता है तो उसको आप कोई जिला लेवल पर कोई स्कूल खोल कर स्पोर्टस स्कूल खोल कर उनको वह पर ज्वाइन करवावो ताकि वह उसका KNOWLEDGE का काम आ सके और ��ुझाव बहुत सारे है खेल के प्रति धन्यवाद
@BhajanlalBjp सर प्रणाम मैं गोपाल लाल लुहार फूटबाल कोच हु मेरे यह निजी सुझाव है कि आप बजट मैं खेल के क्षेत्र में जरुर करे जेसे की आप केंद्र सरकार से बात कर के SAI CENTER अधिक से अधिक खुलवावे ताकि हमारे राजस्थान का खेल कल्चर को बढ़ावा मिल सके और जो भी पीटीआई कोचिंग डिप्लोमा कर