जन-जन की आवाज़, करोड़ों युवाओं की उम्मीद, न्याय और संविधान की रक्षा के लिए निरंतर संघर्षरत लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष आदरणीय श्री राहुल गांधी जी को जन्मदिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ।
भगवान आपको उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु एवं अपार ऊर्जा प्रदान करें, ताकि आप सदैव देश के युवाओं, किसानों, गरीबों और वंचित वर्गों के अधिकारों की आवाज़ बनकर जनसेवा के इस पवित्र पथ पर निरंतर अग्रसर रहें।
@RahulGandhi #RahulGandhi
#NirmalChoudhary
माननीय शिक्षा मंत्री @madandilawar जी
इतना सुधार कर दिया तो दो दिवस की कटोती भी वापस लेकर 1 जुलाई से स्कूल खोलने के आदेश करवाते तो शिक्षक समुदाय की मांग पूरी होती।
@BhajanlalBjp
भारत का भविष्य बचाने के लिए एक विनम्र अपील...
अगर अब भी नहीं बोले.. तो मेहनत हार जाएगी और BJP के नकल माफिया फिर जीत जाएंगे।
#NEETPaperLeak#SackDharmendraPradhan
गर्मी की छुट्टियों में कटौती, सालों से अटके प्रमोशन और ढाई साल बाद भी ट्रांसफर नीति न बनना राजस्थान सरकार की घोर विफलता है।
3.5 लाख शिक्षकों को सड़क पर उतारने वाली यह सरकार पूरी तरह शिक्षक-विरोधी है।
जनता इस तानाशाही का जवाब ज़रूर देगी!
#RajasthanGovt#TeacherProtest
नरेंद्र मोदी ने जिस तरह से देश की इकॉनमी का ढांचा बदला है, वह आने वाले आर्थिक तूफान में टिक नहीं पाएगा।
दुख की बात यह है कि इस आर्थिक तूफान का खामियाज़ा देश के युवाओं, किसानों, छोटे व्यापारियों को भुगतना पड़ेगा।
इसका असर अडानी-अंबानी और नरेंद्र मोदी पर नहीं पड़ेगा, क्योंकि वे अपने महलों में बैठे रहेंगे। यह झटका बहुत बुरा होगा, आने वाला समय बहुत कठिन होगा।
कोई ठोस कदम उठाने के बजाय नरेंद्र मोदी देश के लोगों से कह रहे हैं कि कोई भी विदेश यात्रा न करे, जबकि वे खुद दुनिया भर का दौरा कर रहे हैं।
: नेता विपक्ष आदरणीय श्री राहुल गांधी जी
📍 रायबरेली, उत्तर प्रदेश
@RahulGandhi@INCIndia
#NirmalChoudhary
भाजपा सरकार में शिक्षा व्यवस्था के पूरी तरह "फेल" और "शिक्षक विरोधी" होने का इससे बड़ा सबूत और क्या होगा!
शिक्षा मंत्री के अपने ही विधानसभा क्षेत्र में शिक्षक सड़कों पर हैं, शवयात्रा निकाल रहे हैं.. शर्मनाक।
सरकार को शिक्षकों की भावनाओं का सम्मान करते हुए जल्द से जल्द उनकी मांगों का समाधान निकालना चाहिए। @RajCMO
सभी शिक्षा विभाग के कही अवकाश 60 दिन तो कही 47 दिन केवल स्कूल शिक्षा विभाग में कटौती की गई है जहां बच्चों को सबसे ज्यादा जरूरत है।
शिक्षा मंत्री जी की ऐसी मानसिकता को लेकर शिक्षकों का विरोध
सहमत है तो रीट्वीट करे, नहीं तो कमेंट
@Apnigovt
Tamil Nadu has chosen.
A new generation. A new voice. A new imagination.
My good wishes to Thiru Vijay - may he fulfil the hopes of the people of Tamil Nadu.
देश की सत्ता में लगातार तीसरी बैठी मोदी सरकार "विश्वगुरु" के बनने सपने बेच रही है, 2047 तक विकसित भारत गढ़ने के झूठे वादे कर रही है, लेकिन हक़ीक़त में देश की शिक्षा व्यवस्था की ज़मीनी सच्चाई बेहद शर्मनाक और भयावह है।
मोदी जी के "नए भारत" में करोड़ों बच्चों का भविष्य बदहाल सरकारी स्कूलों में दम तोड़ रहा है। कहीं बिजली नहीं, कहीं पानी नहीं, कहीं लड़कियों के लिए शौचालय नहीं, तो कहीं पूरा स्कूल सिर्फ एक शिक्षक के भरोसे चल रहा है।
- देश में 1.19 लाख स्कूलों में आज भी बिजली नहीं है
- 98,592 स्कूलों में लड़कियों के लिए शौचालय नहीं है
- 61,540 स्कूलों में शौचालय तक चालू हालत में नहीं है
- 14,505 स्कूल बिना पानी की सुविधा के चल रहे हैं
- 59,829 स्कूलों में हाथ धोने की व्यवस्था तक नहीं है
- 1,04,125 स्कूल सिर्फ एक शिक्षक के भरोसे है
- 7,993 स्कूलों में एक भी छात्र नहीं है
- केवल 51.7% सरकारी माध्यमिक स्कूलों में साइंस लैब नहीं है
- 2005 में यूपीए सरकार के समय 71% बच्चे सरकारी स्कूलों में थे, जो अब घटकर सिर्फ 49.24% बचे हैं
- देश में 44.01% माध्यमिक संस्थान अब प्राइवेट स्कूल हैं
- सालभर में 14% शिक्षण दिवसों पर टीचर्स की ड्यूटी चुनाव और सरकारी कामों में बर्बाद होती है
भाजपा की डबल इंजन सरकारों ने डिजिटल शिक्षा, कौशल विकास, NEP का का खूब ढोल पीटा, लेकिन लाखों बच्चों को आज तक स्कूलों में बुनियादी सुविधाएं, ढांचा और शिक्षा तक नहीं मिली।
मोदी जी ने केवल थोथे भाषण देने और जुमले देने के सिवाय कोई काम नहीं किया। शिक्षा को सुधारने के बजाय उसे बर्बादी और उपेक्षा के हवाले किया एवं देश में नफ़रत फैलाने के लिए RSS के स्कूलों के बढ़ावा दिया।
यही कारण है कि ज़मीन पर सरकारी स्कूलें बदहाल और बच्चों का भविष्य अंधकार में हैं।
थलापति विजय ने CM बनने के 10 मिनट में 3 फैसले लिए
1. 200 यूनिट बिजली फ्री
2. ड्रग्स की समस्या के लिए स्पेशल टास्क फोर्स
3. महिलाओं की सुरक्षा के लिए स्पेशन टास्क फोर्स
ग्रीष्मकालीन अवकाश कटौती वापस ले सरकार।
ग्रीष्मकालीन अवकाश में की गई कटौती उचित नहीं है।
इतनी गर्मी में न तो बच्चे मन लगा के पढ़ सकते हैं। ओर न ही अध्यापक पढ़ा सकते हैं।ओर दूर जिलों में लगे शिक्षकों के अवकाश में कटौती कर सरकार उन्हें मानसिक पीड़ा दे रही हैं। क्योंकि इन्हीं छुट्टियों में उन्हें अपने परिवार के साथ समय व्यतीत करने का मौका मिलता हैं।सरकार तृतीय श्रेणी शिक्षकों के तबादलों के नाम पर तो मौन है। फिर अवकाश में कटौती करना निराधार है।
#ग्रीष्मकालीन_अवकाश_कटौती_वापस_ले
#तृतीय_श्रेणी_शिक्षक_तबादला
@DrRanjeetMeena@me_moharsingh@madandilawar @SKT_Choudhary
#बड़ी_खबर
*शिक्षक हितों की अनवरत अनदेखी : शिक्षक आक्रोश होगा अब मुखर*
शिक्षा के मंदिरों में ज्ञान का दीप जलाने वाले शिक्षक आज स्वयं उपेक्षा, विसंगतियों और प्रशासनिक उदासीनता के अंधकार में खड़े हैं।
👉राजस्थान सेवा नियमों की अनदेखी कर शिक्षकों के अवकाश में कटौती,
👉तृतीय श्रेणी शिक्षकों की पदोन्नति प्रक्रिया वर्षों से पीड़ा का पर्याय बनना,
👉तृतीय श्रेणी अध्यापकों के तबादले इनके लिए दूर की कोड़ी बनना,
👉संविदा शिक्षकों के नियमितीकरण में अनिश्चितता
👉पदोन्नत कार्मिकों की अव्यवस्थित काउंसलिंग, नियमों की निरंतर अनदेखी, रिक्त पदों को उचित रूप से नहीं खोलना,
👉BCI कैडर सुधार,
👉गैर शैक्षणिक कार्य,
👉असंख्य ऑनलाइन प्रोजेक्ट्स
और बच्चों को पढ़ाने के अलावा सारे काम शिक्षकों से करवाने जैसे अनगिनत मुद्दों ने शिक्षक समाज को गहरे आक्रोश से भर दिया है।
इन्हीं ज्वलंत समस्याओं को लेकर
✊ अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ राजस्थान (विद्यालय शिक्षा)
आज दोपहर करेगा प्रेस वार्ता।
📍 समय: आज दोपहर 12 बजे ।
📍स्थान : पिंक सिटी प्रेस क्लब, जयपुर।
सूत्रों के अनुसार, शिक्षक हितों की लगातार हो रही अनदेखी से क्षुब्ध महासंघ आज सरकार के विरुद्ध व्यापक आंदोलन की घोषणा भी कर सकता है।
यह केवल शिक्षकों की व्यथा नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था के भविष्य का प्रश्न है।
जब गुरु ही पीड़ित होगा, तो पीढ़ियों का निर्माण कैसे होगा?
🖋️*“शिक्षक की आवाज को दबाया नहीं जा सकता, क्योंकि वही राष्ट्र के भविष्य की आवाज का निर्माणकर्ता है।”*