वो तो शुक्र मना अजित भारती के दलित लोग संविधान का पालन करते हैं, बुद्ध को मानते हैं, बाबासाहेब आंबेडकर के विचारों का अनुसरण करते है, इसलिए अहिंसक है, वर्ना तेरे पिछवाड़े में बरगद का पेड़ बो देते,
यह पी पी पी की आवाज़ इसके पिछवाड़े से भी निकलती, इस गालीबाज़ का समर्थन करने वाले महा मूर्ख हैं, 🔥🔥
बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर जी ने हर वर्ग को समान अधिकार और अवसरों की स्वतंत्रता देने वाला संविधान देकर हमारे लोकतंत्र की मजबूत नींव रखी। उन्होंने देश की अखंडता के लिए धारा 370 का मजबूती से विरोध किया। समाज को शिक्षित बनने और संगठित रहने का मंत्र देने वाले बाबासाहेब का जीवन यह सिखाता है कि जब संकल्प देशसेवा और लोगों के कल्याण का हो, तब हर बाधा छोटी हो जाती है।
सामाजिक न्याय के पुरोधा, संविधान शिल्पी बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर जी को उनकी जयंती पर नमन।
समता, न्याय और बंधुत्व के उच्च आदर्शों से आलोकित, समरस एवं समावेशी समाज की आधारशिला रखने वाले भारतीय संविधान के शिल्पकार 'भारत रत्न' बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर जी की जयंती पर विनम्र श्रद्धांजलि।
अंत्योदय और लोक-कल्याण के प्रति समर्पित बाबा साहब सच्चे अर्थों में माँ भारती के अमूल्य रत्न हैं।
उनका प्रेरक जीवन हम सभी के लिए सदैव पथप्रदर्शक रहेगा।
मेरे सम्मानित प्रदेशवासियों,
14 अप्रैल को भारत रत्न बाबासाहेब डॉ. भीमराव रामजी आंबेडकर जी की पावन जयंती है। यह अवसर भारत के संविधान की रूपरेखा तैयार करने वाले उस महान व्यक्तित्व को कृतज्ञता अर्पित करने का है, जिसकी दृष्टि से करोड़ों लोगों को गरिमामयी जीवन का अधिकार मिला।
बाबासाहेब के विचारों को अपनाकर हमारी सरकार न्याय और समता के आदर्शों के अनुरूप प्रत्येक गरीब, वंचित, महिला और युवा तक योजनाओं का लाभ पहुंचा रही है।
बाबासाहेब के विचार अपनाने से ही समरस, सशक्त और समृद्ध प्रदेश के निर्माण का संकल्प पूरा होगा। प्रदेशवासियों से मेरा आग्रह है कि अपने घर में अच्छी पुस्तकें रखें, स्वयं पढ़ें और बच्चों को भी प्रेरित करें, तभी बाबासाहेब का सपना साकार होगा।
हम लोगों ने समाज कल्याण विभाग को ₹500 करोड़ उपलब्ध करवाए हैं कि बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर जी, सद्गुरु रविदास जी महाराज और महर्षि वाल्मीकि जी की प्रतिमाएं जहां कहीं भी हैं,
उनको भव्य स्वरूप प्रदान करें...
आखिरकार DU के VC योगेश सिंह अंजली के पक्ष में आ गए है ,
उन्होंने ABVP और रूचि तिवारी द्वारा सुनियोजित तरीके आंदोलन करने वाले पर हमले की निंदा की।
अब ये देखना दिलचस्प होगा है कि DU में नफरत फैलाने वालों पर इनके द्वारा कार्रवाई कब तक होती है?……
मेरे परिवार के लिए ये मुश्किल घड़ी है।
जय भीम साथियों, मेरी जीवनसाथी अज़रा इस समय गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं। उन्हें दो तरह के रेयर एब्डॉमिनल ट्यूमर हैं और मेदांता अस्पताल (गुरुग्राम) में उनका इलाज चल रहा है।
नवंबर 2022 में इन्हीं ट्यूमर की सर्जरी कराई गई थी लेकिन दुर्भाग्य से ये ट्यूमर फिर लौट आए हैं। इस बार मामला क्रिटिकल है और अज़रा को मल्टीपल सर्जरी और कीमोथेरेपी वग़ैरह से गुज़रना होगा।
हेल्थ इंश्योरेंस और पर्सनल सेविंग्स ख़त्म होने के बाद हमें आपकी मदद की ज़रूरत है। हमें कुल 30 लाख रुपये की ज़रूरत है इसलिए हम आपसे अपील कर रहे हैं।
मैं आपसे गुज़ारिश करता हूँ कि अगर आप हमारी मदद कर सकें तो प्लीज़ करें। अकाउंट की जानकारी नीचे दी जा रही है।
Account Holder: SUMIT CHAUHAN
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Bank: HDFC Bank
Branch: Sector 62, Noida
UPI - sumitchauhaan@icici
UPI - azrasumit@kotak
PhonePe, Paytm - 8595794224
आप पोस्टर में दिए गए QR कोड को स्कैन करके भी हमारी मदद कर सकते हैं।
अगर आप मदद नहीं कर सकते तो प्लीज़ इस पोस्ट को ज़्यादा से ज़्यादा शेयर करें। मुझे उम्मीद है कि इस मुश्किल वक़्त में आप हमारा साथ देंगे।
आपका
सुमित चौहान
कल एक साथी ने यह दो तस्वीरें शेयर की Robot वाली के ऊपर China लिखा और Jay Bhim वाली के ऊपर India लिखा,
दरअसल जिस मित्र ने यह पोस्ट लिखा वह ब्राह्मण हैं।
यदि हम चीन से टेक्नोलॉजी और इंफ्रास्ट्रक्चर में पीछे हैं तो इसके पीछे "जय भीम" वजह नहीं है बल्कि वजह यह है कि
इस देश की लगभग एक चौथाई आबादी सदियों सदियों तक कलम और कॉपी से दूर रही है। पिछली कई सदियों से
कलम और कॉपी पर मात्र एक ही जाति वर्ग का विशेषाधिकार था फिर भी आपने देश को कुछ भी ऐसा नहीं दे पाया जिसपर पूरा देश गर्व करता।
यह असफलता जय भीम वालों की नहीं बल्कि उनकी है जिन्होंने सालों साल कलम और किताब पर एकाधिकार रखा।
मुझ पर महिला विरोधी विरोधी होने का गंभीर आरोप लगाया जा रहा है. ऐसे लोगन को जुपिटर देवता माफ नही करेंगे.
आप लोग भली भांति जानते है मेरे सर पर जूपि देवता का आशीर्वाद है. और मैं महिलाओं का बहुत सम्मान भी करता हूँ.
देखा भाई, बात ई बा... रोहिणी घावरी को जो कुछ समस्या है वो दो सालों से सोशल मीडिया पर बोल चुकी है. अगर उन्हें सच में न्याय चाहिए तो कोर्ट में जाना चाहिए.
एक होनहार नेता जो अपनी मेहनत से इतना बड़ा बना है हम उसका नाम धूमिल नही होने दे सकते हैं. हमको पहली नजर में यह बदनाम करने वाला मामला लगता है.
चंद्रशेखर आज़ाद CBI ED या पुलिस से डरने वाला आदमी तो है नही, तो इसलिए बहुजन सम्राट चंद्रशेखर का चरित्र हनन कर बदनाम किया जा रहा है. और मैं यह होने दूंगा नही.
रोल्स रॉयस के मुद्दे पर जब रेल सकता हूँ तो हम मुसीबत आने पर संकट मोचन बनकर चंद्रशेखर आजाद के लिए भीड़ भी सकता हूँ, इसी का नाम क्रांति कुमार है.
AMBEDKAR : गांधी जी आप आमरण अनशन कर के SC-ST का अधिकार कम्युनल अवार्ड क्यों छीनना चाहते हैं 🔥
GANDHI : अलग निर्वाचन क्षेत्रों में SC ST वोटों से जीत कर आने वाले सांसद, संसद भवन में सामाजिक न्याय के मुद्दे पर भूचाल ला देंगे.
AMBEDKAR : यानी आप SC-ST समाज को ताकतवर बनने देना नही चाहते है.
GANDHI : आंबेडकर मान जाओ, आमरण अनशन में मैं मर गया तो समझ जाओ. कम्युनल अवार्ड वापस करो, और बदले में आरक्षण ले लो.
AMBEDKAR : आप मुझे ब्लैकमेल कर रहे हैं. मैं पूना पैक्ट पर साइन नही करूंगा 🔥
मित्रों, आज ही के दिन मोहनदास करमचंद गांधी आमरण अनशन कर डॉ आंबेडकर को जबर्दस्ती पूना पैक्ट साइन कराकर कम्युनल अवार्ड छीन लिया.
चंद्रशेखर आजाद पर एक और तार्किक पोस्ट
आप सभी को जरूर पढ़नी चाहिए ताकि सच और झूठ का पता लगे
चंद्रशेखर आजाद पर आरोप लगाना सरल है लेकिन चंद्रशेखर आजाद बनना बहुत कठिन है
चंद्रशेखर आजाद कोई चांदी की चम्मच लेकर पैदा हुए नेता नहीं है
उन्होंने जो भी आज हासिल किया है अपने संघर्ष अपनी मेहनत के बल पर किया है, चंद्रशेखर आजाद का फर्श से अर्श का बहुत कठिन रहा है यह हमसे आपसे किसी से छुपा नहीं है
मुझे राजनेता के तौर पर चंद्रशेखर आजाद में कोई बुराई नहीं दिखती, जितना संभव हुआ है उन्होंने एससी– एसटी ओबीसी और माइनॉरिटी के लिए आवाज उठाई,
अगर आप रोहिणी घावरी वाले मामले को देखते हुए चंद्रशेखर आजाद से नफरत कर रहे हो तो आप गलत हो,
क्योंकि मुझे इतिहास में रुचि है, मैंने तमाम राजनीतिक पार्टियों का इतिहास पड़ा है, उनके बड़े नेताओं के एक्स्ट्रा मटेरियल अफेयर थे, यह राजनीति में आम बात है, इस पर हम और आप कुछ नहीं कर सकते।
चंद्रशेखर आजाद और रोहणी घावरी दोनों का आपसी विवाद है, तमाम मामलों में कोर्ट भी इसी बात को मानता है सहमति से किया हुआ कोई भी कार्य अपराध नहीं है
मेरी नजर में चंद्रशेखर आजाद बिल्कुल भी गलत नहीं है आपके मन में चंद्रशेखर आजाद के लिए क्या विचार हैं जरूर साझा करें
रोहिणी घावरी को विदेश में पीएचडी करने के लिए स्कॉलरशिप मिली थी. आप लोग तो भली भांति जानते हैं मैं महिलाओं का बहुत सम्मान करता हूँ.
रोहिणी घावरी ने ज़हरीला ट्वीट करने के अपने घर के नल में आने वाला पानी पिया जो स्विट्जरलैंड की रोण झील से आता है.
नाश्ते में DUCK के अंडे का ऑमलेट और Bircher Muesli खाया जो दूध में भीगे हुए ओट्स, कद्दूकस किया हुआ सेब, मेवे और बेरी से बनता है.
लंच में ज़्यूरिख शैली का मांस खाया जो बछड़े के मांस के टुकड़े और मशरूम की क्रीमी ग्रेवी साथ बनाया जाता है. डिन्नर में शायद, स्पैट्ज़ली खाएंगी. जो अंडा, नूडल्स और मांस के साथ बनता है.
रही बात पीएचडी की तो वो गयी तेल लेने. पढ़ाई लिखाई भी गयी तेल लेने. इस महिला को चंद्रशेखर आज़ाद को डिफेम करने का मिशन मिला, तो वही मैडम जी कर रही हैं.
हम सवर्णों के लिए HINDU तभी है जब उन्हें अब्दुल से लड़ना होता है.
बाकी समय हम उनकी नजर में दलित, पिछड़ा और आदिवासी हैं.
सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस का अपमान पूरे बहुजन समाज का अपमान है. अभी भी चीफ जस्टिस पर जातिसूचक प्रहार जारी.
चीफ जस्टिस को अपमानित करने उन्हें एक जरिया मिल गया. उनकी टिप्पणी से समस्या नही है. टिप्पणी तो बहाना है, असल वजह जाति है.
एक दलित वर्ग का आदमी सुप्रीम कोर्ट का चीफ जस्टिस कैसे बन गया. वे पचा नही पा रहे हैं. इसलिए उल्टा सीधा बोलकर उल्टी कर रहे हैं.
मित्रों अगर बहुजन समाज का आपसी भाईचारा, आपसी सहयोग और आपसी सामंजस्य मजबूती से बनेगा तभी 10% वालों की हेजेमनी खत्म कर सकते हैं.
विनम्र अपील 🙏
आज हम अगर CJI BR gavai के साथ खड़े नहीं हुए तो कोई भी मनुवादी ताकतों के खिलाफ नहीं बोल पाएगा उन्हें डराया जा रहा है। ।
उनका ट्रेंड 2nd पर है हमारा top 30 में भी नहीं है दुखद है थोड़ा सा और जोर लगाओगे तो टॉप 30 में आ जाएगा।
#We_Stand_With_BR_Gavai लिखो 🙏
युवाओं आज रोटी नही खाया है क्या. मटन मछली या चिकन नही खाया है.
इतना सन्नाटा क्यों है. जब बात समाज की आती है तब सोशल मीडिया पर बहुजन युवाओं की दहाड़ सुनाई देनी चाहिए.
दाल भात और चटनी खाकर कुछ लोग सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस बीआर गवाई को अपमानित कर रहे हैं. क्यों कि वो दलित समाज से आते हैं.
आलोचना करनी है तो शब्दों का चयन ठीक से करें. लेकिन असंवैधानिक शब्दों का इस्तेमाल कर उनके खिलाफ अभद्र टिप्पणी की जा रही है.
चीफ जस्टिस बीआर गवाई के सम्मान में इस हैशटैग को टॉप ट्रेंड कीजिए #We_Stand_With_BR_Gavai
अनिल तुम बेहद घटिया और बेहूदे आदमी हो। दलितों ने सदियों तक पीड़ा झेली है लेकिन तुम्हारे लिए दलितों की पीड़ा मखौल है जो तुम्हारे भीतर भरी जातिवादी मवाद के सिवा कुछ नहीं है।
रही बात बकवास की तो कभी सामने आ जाना। पता चल जाएगा कि कौन रेला जाएगा। तेरे जैसे घटिया जातिवादियों को सुधारना हमें अच्छे से आता है।