It was such a peaceful movement, feel so sad that it had to take a violent turn. My heart goes out to the students and their families who were hurt. Paper leak is a very serious issue, and I am glad to know n see that the kids of our country have come together for a better educational system, and their parents supported them.
I truly appreciate the stand they have taken, showing dedication, sincerity, and keenness to study hard n make their future and a greater, educated India. This andolan, this protest, is the right way to go abt it, n the students have done this peacefully. So courageous and brave. Driven and motivated towards education, this generation will make India proud.
This issue is between the students and the educational system, it should not be hijacked politically, the credit should only go to the students of our country, and I am sure the government will also give them all the support n make it a stronger educational system. It’s a win-win situation. Hoping n praying for a positive decision. God bless all of you who wanna be educated.
Education should be the next trend and fashion, and should get trendier n more fashionable yr by yr, itna k bahar se log come to India to study and India becomes an educational hub.
विशाल आबादी वाले अपने भारत देश में ’बहुजन समाज’ अर्थात् बहुजनों के मसीहा भारतरत्न बोधिसत्व परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर को आज उनकी जयंती पर प्रातः मेरे द्वारा शत्-शत् नमन, पुष्पांजलि एवं अपार श्रद्धा-सुमन अर्पित करने के साथ ही बी.एस.पी. के लोगों द्वारा पूरे देश भर में ख़ुद व अपने परिवार सहित उन्हें पूरी मिशनरी भावना के साथ भावभीनी श्रद्धांजलि एवं श्रद्धा-सुमन अर्पित करने के लिये सभी लोगों का तहेदिल से आभार, शुक्रिया एवं धन्यवाद।
सर्वविदित है कि बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर का पूरा जीवन देश के ग़रीबों उपेक्षितों, शोषितों तथा जातिवाद एवं सामंतवाद से पीड़ित महिलाओं आदि समेत ’बहुजन समाज’ की सुरक्षा, सम्मान व उत्थान के लिये अत्यन्त ही कड़े संघर्ष में बीता, और अन्ततः जिसकी गारण्टी उन्होंने संविधान में सुनिश्चित करने का ऐतिहासिक कार्य किया और अमर हो गये और जिसके लिये देश हमेशा उनका कृतज्ञ रहेगा।
किन्तु काश, देश की केन्द्र व यहाँ राज्यों की सत्ता में रहने वाली पार्टियाँ बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर के अति-मानवतावादी, सर्वजन-हितैषी व बहुजन-कल्याणकारी संविधान के पवित्र उद्देश्यों को प्राप्त करने में सही से सफल हो पातीं तो भारत अभी तक स्वावलम्बी/आत्मनिर्भर व विकसित देश बनकर यहाँ के करोड़ों बहुजनों की अपार ग़रीबी, बेरोज़गारी, जातिवादी द्वेष, शोषण व जुल्म-ज़्यादती आदि से मुक्त समता एवं न्याय-युक्त जीवन लोगों को ज़रूर दे पाता।
अगर ऐसा नहीं हो पाया है तो क्यों? इसका जवाब ढूंढने पर देश में बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर का ’सामाजिक परिवर्तन व आर्थिक मुक्ति’ का कारवाँ चुनावी सफलता भी हासिल करके अपनी मंज़िल की ओर ज़रूर आगे बढ़ेगा। जय भीम, जय भारत
More than 1000 students from SC,ST,OBCs received less than 150 marks in the UPSC exam from 2007 to 2017.
As we can see the first name, she got 1229 in Written but only 60 in Interview. Have you seen such interview marks anywhere?
Interview is a structural barrier used against SC,ST,OBCs everywhere. Reducing the weightage of Interviews, making it faceless, nameless or even removing the interviews at all levels should be our demand.
Via Shri @nethrapal
#ISupportReservation #Reservation
देश में जब भी नारी शिक्षा और सामाजिक समानता की बात होती है, सावित्रीबाई फुले जी का नाम गर्व से लिया जाता है। सावित्रीबाई फुले जी ने एक ओर जहाँ महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया, वहीं शिक्षा को समाज सुधार का सशक्त माध्यम बनाया।
महिला विरोधी कुरीतियों को समाप्त कर नारी सम्मान की नई परिभाषा गढ़ने वाली महान समाज सुधारक सावित्रीबाई फुले जी की जयंती पर उन्हें नमन।
देशात जेव्हा कधी स्त्री शिक्षण आणि सामाजिक समानतेचा विषय येतो तेव्हा सावित्रीबाई फुले जी यांचे नाव अभिमानाने घेतले जाते. सावित्रीबाई फुले जी यांनी एकीकडे महिलांना त्यांच्या अधिकाराबद्दल जागरूक केले, तसेच शिक्षणाला सामाजिक सुधारणेचे माध्यम बनविले.
महिलांबद्दल असलेल्या कुप्रथा संपवून महिला सन्मानाची नवी परिभाषा लिहिणाऱ्या महान समाज सुधारक सावित्रीबाई फुले जी यांच्या जयंतीनिमित्त त्यांना विनम्र अभिवादन.
पड़ोसी देश बांग्लादेश में तख़्ता पलट होने के बाद वहाँ नई सरकार में ख़ासकर हिन्दू अल्पसंख्यकों पर हो रही हिंसा व जुल्म-ज्यादती आदि तथा उससे वहाँ बिगड़ते हालात अति-दुखद व चिन्ताजनक। इसको लेकर भारत के लोगों में काफी आक्रोश। सरकार इस पर संसद में वक्तव्य दे व उचित कदम भी उठाए।
Udaipur City Palace पर ना अरविंद सिंह का अधिकार है, ना ही विश्वराज सिंह का हक़ है.
ये पैलेस आम जनता और किसान के टैक्स से बना है.
राजतंत्र में बनी संपत्ति पर अधिकार राजकीय प्रशासन का होता है. अब ना राजतंत्र है, ना राजा महाराजा.
लोकतंत्र में राज्याभिषेक संविधान विरोधी कार्य है. राजतंत्र से अच्छी व्यवस्था लोकतंत्र इसलिए राजतंत्र को दफन किया गया.
लोकतांत्रिक व्यवस्था में सरकार को पैलेस का अधिग्रहण करना चाहिए.
बदायूं में अच्छन लाल की बेटी की शादी 4 फरवरी 2025 को है। बेटी की शादी के लिए मैरिज लॉन बुक करने गए। पहले तो बुक हो गया लेकिन जाति बताने के बाद रद्द कर दिया गया। कई और मैरिज हाल में गए लेकिन मिला नहीं। अच्छन एसडीएम के पास पहुंच गए। कहा कि बेटी की शादी के लिए कोई हाल दिलवा दीजिए। सीएम को भी एक पत्र लिखा है।
2024 का भारत। सब बराबर होने में अभी वक्त है। अब मत पूछिएगा कि आरक्षण क्यों मिलता है? वो कोई ठीक कह रहा था, शादी का हाल तो किराए पर दे नहीं सकते, बराबर वाली कुर्सी पर कैसे बैठा लेंगे!
The Chittagong-based group Hefazat-e-Islam has called for a ban on ISKCON. Today, their slogan was: "Catch one ISKCON, then slaughter." Hefazat-e-Islam has called for terrorism. They want to kill ISKCON members. Is ISKCON a terrorist organization that it should be banned? Have ISKCON members ever kill anyone while loudly chanting "Hare Krishna, Hare Rama"? On the other hand, Islamic terrorists shout "Allahu Akbar" while killing people. ISKCON exists in many countries around the world, and nowhere does it face such issues, but it does in Bangladesh. Why is that? Because in this country, there is a large number of Islamists and jihadists who cannot tolerate people of other religions. They use all sorts of tricks and tactics to harm non-Muslims or drive them out of their land. Hefazat-e-Islam is playing the role of the terrorists here, while ISKCON is the persecuted minority.
I strongly condemn the deliberate attack on a Hindu temple in Canada. Equally appalling are the cowardly attempts to intimidate our diplomats. Such acts of violence will never weaken India’s resolve. We expect the Canadian government to ensure justice and uphold the rule of law.
ईरान की इस बहादुर लड़की के चर्चे पूरी दुनिया में हो रहे हैं।
तेहरान के विज्ञान और अनुसंधान विश्वविद्यालय में पढ़ाई कर रही इस छात्रा को वहां के प्रशासन द्वारा हिजाब पहनने को लेकर परेशान किया गया। जो कि ईरान में आम बात है।
इसके विरोध में उसने कैंपस में कपड़े उतार कर टहलने लगी।
कहा जा रहा है इस घटना के बाद कैंपस से सुरक्षा बलों द्वारा इस लड़की को उठा कर किसी अज्ञात स्थान पर ले जाया गया है। उसके साथ बुरी तरह से मार पीट भी की गई है।
फिलहाल वो कहां है किस हालात में है किसी को नहीं पता।
ईरान में दमघोंटू कट्टरपंथी इस्लामिक शासन द्वारा थोपे गए मध्ययुगीन नियमों के खिलाफ इस छात्रा ने इतना बहादुरी भरा कदम उठाया। यह जानते हुए भी कि इस साहस की कीमत उसे अपनी जान देकर चुकानी पड़ सकती है, उसने यह जोखिम करोड़ो महिलाओं के लिए उठाया।
भारत से लेकर पूरी दुनिया में महिला अधिकारों का ढिंढोरा पीटने वाले तथाकथित चैंपियन यहां चुप्पी साध लेते हैं। वैसे लोगों का पाखंड इसी तरह के मामले में बेनकाब होता है।
आज सुबह मैं वंदे भारत ट्रेन से दिल्ली से कानपुर की यात्रा कर रहा था। सुबह लगभग 7:12 बजे ट्रेन ने जैसे ही बुलंदशहर जिले के कमालपुर स्टेशन को पार किया, तभी बाहर से किसी असामाजिक तत्व ने पत्थर फेंके, जिससे मेरे से दो सीट आगे बैठे यात्री के पास का शीशा चकनाचूर हो गया। इस घटना से मैं हतप्रभ और स्तब्ध रह गया। इस घटना से न केवल सरकारी संपत्ति को क्षति पहुँची, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़ा हुआ है। ऐसी घटनाएं निंदनीय हैं और किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जा सकतीं है।
एक रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2022 में ऐसी घटनाओं का आंकड़ा 1503 तक पहुँच गया, जिससे रेलवे को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ। यह आंकड़ा सोचने पर मजबूर करता है कि आखिर इस तरह की घटनाएं बार-बार क्यों हो रही हैं। ट्रेन पर पथराव से न केवल संपत्ति को क्षति होती है, बल्कि यह यात्रियों के लिए जानलेवा भी साबित हो सकता है।
यह समझने की आवश्यकता है कि रेलवे देश की एक अमूल्य संपत्ति है और इसका संरक्षण देश के हम सभी नागरिकों की जिम्मेदारी है। समाज में इस तरह की हरकतें न केवल असुरक्षा की भावना पैदा करती हैं बल्कि हमारे देश की छवि को भी नुकसान पहुँचाती हैं।
इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए केंद्रीय रेल मंत्री जी, रेलवे पुलिस और प्रशासन को सख्त कदम उठाने चाहिए, साथ ही समाज में जागरूकता भी फैलानी चाहिए।
मेरा निवेदन है कि परिवार में माता-पिता और स्कूलों में अध्यापकों द्वारा बच्चों को इस विषय पर जागरूक करना आवश्यक है। इससे न केवल ऐसी घटनाएं कम होंगी, बल्कि रेलवे यात्रियों की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो पाएगी।
हम सभी को एक जागरूक नागरिक बनना चाहिए। यह देश हमारा है, और देश की संपत्ति की सुरक्षा केवल सरकार की ही नहीं बल्कि हम सबकी नैतिक जिम्मेदारी और संवैधानिक मूल कर्तव्य है।
@RailMinIndia@AshwiniVaishnaw
Shurei Sasai, an 89-year-old Buddhist monk from Japan, working in India for over 50 years, promoting Buddhism and fighting against the caste-based discrimination that affects millions. His mission is deeply tied to the restoration of Buddhism, which teaches the equality of all people.
Born in 1935 in Okayama, Japan, Sasai struggled with personal challenges in his youth before dedicating his life to Buddhism in 1960. Moved by the suffering of the Dalit community in India, he decided to devote his efforts to fighting discrimination and supporting the marginalized.
#Buddhism #SocialJustice #ShureiSasai #dalitlivesmatter
Illegal land grabbing of hindu lands by Islamist including Md. Dulal Ali & Md. Kalu Ali, are attempting to grab 6 acres of land belonging to the shamshan (cremation ground) of the hindus.
Location: Lehemba village, Ranisankail, Thakurgaon
भाजपा को हराने के लिए कांग्रेस को वोट दो,
कांग्रेस को हराने के लिए भाजपा को वोट दो।
यही सेक्युलर एवं दक्षिणपंथी गैंग की मिलीभगत सोच है। ये दोनों गैंग दलित नेतृत्व को B टीम कहकर समाज को राजनैतिक रूप से 'अछूत' बनाने पर लगे हुए हैं।
CongRSS की मिलीभगत ने समाज को बांट दिया।