आरक्षण पर अब बहस शुरू हो गई है तो सबके तर्क और सब��ी बातें सामने आ रही हैं।
आज मैथ्स के मशहूर टीचर अभिनय शर्मा सर ने एक वीडियो बनाया और उसमें वो सच्चाई बताई जो आज से कई साल पहले होता था वो
कई जगहों पर अभी भी हो रहा है तो किस आधार पर आरक्षण हटाया जाए?
उनके साथ आज भी भेदभाव होता है, उन्��ें घोड़े पर बैठने नहीं दिया जाता, उन्हें समाज की मुख्य धारा से दूर रखा जाता है
और आज लोग Reservation Hatao Andolan लेकर आ रहे हैं, कमियों पर बात होनी चाहिए न कि रिजर्वेशन हटाने को लेकर।
एक ट्रेंड चल रहा है— 'Reservation Hatao'
हो सकता है आपके चार दोस्त हों, जिन्हें लगता हो कि आरक्षण की वजह से उनका चयन नहीं हुआ। उनकी पीड़ा भी वास्तविक है, उसे नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता।
लेकिन क्या सिर्फ़ उन्हीं चार लोगों की कहानी पूरे भारत की कहानी है?
मैं गाँव से आता हूँ। मैंने अपनी आँखों से ऐसे परिवार देखे हैं जो इंसानी मल साफ़ करते थे। ऐसे बच्चे देखे हैं जिन्हें स्कूल में अलग बैठाया जाता था। जिनके छू लेने पर लोग नहाने चले जाते थे। यह कोई सैकड़ों साल पुरानी कहानी नहीं, आज भी बहुत से गाँव ऐसे हैं जहाँ वो स��ाज के नल से पानी नहीं पी सकते। आज भी उनकी बारात गाँव के बीच से नहीं निकल सकती।
सोचिए... जिस समाज ने किसी इंसान को जन्म के आधार पर ही सम्मान से वंचित कर दिया हो, उस मानसिक और सामाजिक दूरी का क्या ?
इसका मतलब यह भी नहीं कि आज का आरक्षण सिस्टम बिल्कुल परफेक्ट है।मैं खुद मानता हूँ कि Reforms की ज़रूरत है।?
जैसे General वर्ग में EWS आया।
जैसे OBC में Creamy Layer और Non-Creamy Layer का सिद्धांत आया।
SC/ST आरक्षण में जिन परिवारों की कई पी���़ियाँ शिक्षा और अवसरों के माध्यम से आगे बढ़ चुकी हैं, उनके बारे में भी नीति-निर्माण के स्तर पर चर्चा हो सकती है।
लेकिन एक बात समझिए।
जब राजनीति आज भी जाति पर होती है...
जब समाज में आज भी जाति पूछी जाती है...
जब सामाजिक भेदभाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ...तब केवल यह कहना कि "आरक्षण पूरी तरह खत्म कर दो ��र सब कुछ सिर्फ़ आर्थिक आधार पर कर दो"
मेरा मानना है कि देश को दो अतियों से बचना होगा।
एक - 'कुछ मत बदलो।'
दूसरी -'सब खत्म कर दो।
'सही रास्ता है- सुधार (Reform), डेटा के आधार पर नीति, और सामाजिक न्याय के साथ समान अवसर।
क्योंकि किसी भी नीति का उद्देश्य समाज को बाँटना नहीं, बल्कि एक दिन ऐसी स्थिति तक पहुँचाना होना चाहिए जहाँ किसी विशेष सहायता की आवश्यकता ही न रह जाए।
@UPPCLLKO@CMOfficeUP@EMofficeUP@aksharmaBharat@mduppcl Mera biil jyda aata hai pichale 2017 me mai conection liya aur 2021 me mera bill 12000 somthing tha aur ajj 2021 se 2026 tk pichale 4 sal me Mera bijali bill badhakar 110000 ho gya hai Mai 3/4 bar complaint kar chuka hu aaj tak mera koi samadhan nahi huaa
अरावली पर सवाल उठ सकता है।
लोकतंत्र पर सवाल उठ सकता है।
लेकिन सुधीर चौधरी की वफादारी पर कोई सवाल नहीं उठा सकता🏌️🤡
ये महोदय प्रदूषण का कारण “लोकतंत्र” को बता रहे हैं
प्रदूषण का कारण लोकतंत्र है , इस दिव्य ज्ञान के लिए इनको taxpayer के पैसे से सरकारी चैनल पर 15 करोड़ की सैलरी मिल रही है ?
हसूँ या रोऊँ 🤔
@UPPCLLKO@CMOfficeUP@EMofficeUP@aksharmaBharat@mduppcl Mera bill 2021 me 12849rs tha aur aaj ke date me Mera bill 101018rs ho gya hai 4 sal me itna jyda kaise ho gya jabki hamre ghar kewal ek tv 3 fan use hota hai other kuchh nahi
This part of our legal system needs a complete overhaul. So many innocent men and their families are being tortured. Imagine what #AtulSubhash must be going through during his last moments.
#JusticeForAtulSubhash
@kmrvivek14@myogiadityanath Itana sab kuchh hone ke bad bhi ab tak ek bhi apradhi nahi pakade gye Vivek sir ko kuchh ho gya to uska jimedar up prasasan hee hogi kripya sangyan me liya jaye aise aparadhi ko kadi se kadi saja di jaye
नौकरी के लिए हमारा समाज इतना विवश और सत्ता इतना निष्ठूर यह #झारखंड_उत्पाद_सिपाही भार्ती में देखने को मिल रहा है , 200 से अधिक लड़के बेहोश हो कर अस्पताल में हैं जबकि 7-8 लड़कों की मृत्यु हो चुकी है।
इतनी गर्मी में 10 किलोमीटर का दौड़, इन घटनाओं की जिम्मेदारी कौन लेगा???