चुनाव ड्यूटी में लगाने से नाराज पीटीआई ने प्रिंसिपल को मारा थप्पड़
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सरकारी कर्मचारियों सुधर जाओ
स्कूलों के वीडियो तो हर महीने 2 4 मिल ही जाते हैं
कबाड़ा जोरका ही हो गया है
कोटा के राजकीय विद्यालय नयागांव का मामला बताया जा रहा है
@KumaarSaagar यह सिर्फ वीडियो नहीं है। आज की हकीकत बन चुका है। जिन लड़कियों को लगता है, मेरा अब्दुल ऐसा नहीं है। वह अब्दुल के पास जाने से पहले इस वीडियो को जरूर देखें।
कर्नाटक के समाचारपत्रों में नेहा का अपमान आरंभ हो चुका है। जिस लड़की का कोई संबंध नहीं था, जिसने फैयाज को मना कर दिया था, जो उससे बचने के लिए दो महीने से कॉलेज नहीं जा रही थी, अब उसे यह कह कर अपमानित किया जा रहा है कि दोनों में ‘प्रेम संबंध’ थे।
इसे किसी तरह से लड़की का अपराध बता दिया जाएगा कि पहले तो सब ठीक था, बाद में नखरे दिखाने लगी। इस्लामवादियों का यह पुराना तरीका है। जब अपराध स्पष्ट हो जाए, वीडियो में सब प्रत्यक्ष दिख रहा हो, तब वो ऐसी पार्श्व कथाएँ बना कर ले आते हैं।
ये जो भीड़ सड़कों पर दिख रही है, ये जो @zoo_bear संवेदनशील हो रहा है, यह केवल कर्नाटक के चुनावों में इससे होने वाले परिणाम से बचने के लिए है। यही ज़ुबैर बदायूँ पर तो चुप था, यही मुसलमान सादिक के जनाजे में 30000 की संख्या में पहुँचे थे। तब कहाँ थी तुम्हारी संवेदना?
बात यह है कि ये धूर्त लोग जानते हैं कि कहाँ कैसे खेलना है। ये सारा विरोध प्रदर्शन फोटो खिंचाने के लिए है। सप्ताह भर बाद ये सब परे हट जाएगा और इसी के बेल के लिए यही मुसलमान समाज चंदा इकट्ठा करेगा और मृत्युदंड से बचाने के लिए मानवता, भविष्य और विद्यार्थी होने की दुहाई दी जाएगी।
तुम्हारी कोई भी संवेदना उस बच्ची को वापस नहीं ला सकती। तुम्हें यह मानना होगा कि तुम जैसों द्वारा हर अपराध का मौन समर्थन उन्हें इतना बल देता है कि वो कॉलेज में छुरा ले कर घुसते हैं। उन्हें लगता है कि वो तंत्र में काफिर का गला रेत कर, बलात्कार कर के हत्या के बाद भी बच निकलेंगे।
इसलिए, इन हरामखोरों की एक भी बात पर ध्यान मत दीजिए। आप कर्नाटक में हो या कहीं और, इस अपराध पर बोलिए, इसे जीवित रखिए। अपनी बहन-बेटियों को बचाइए- फैयाज से भी, जुबैर और सायमा से भी जो खुल कर कहती है कि उसे मुसलमान अपराधियों के अपराध की चर्चा पर हँसी आती है, निंदा का भाव नहीं।
12 साल के आयुष और 6 साल के आहान की जिस बर्बरता से हत्या की गई है , वो रुह कंपा देने वाली है . तीसरा भाई पीयूष भी बाल -बाल बच गया , वरना पड़ोस में रहने वाले साजिद की दरिंदगी का शिकार वो भी बन जाता .
बच्चों के माँ -बाप पर क्या गुजर रही होगी , इसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती है . जिनके मासूम बच्चों को गला रेतकर मार डाला गया हो , उनके साथ हमलोग हमदर्दी ही जता सकते हैं . उन्हें तो ताउम्र के लिए सालने वाला ज़ख़्म मिल गया है .
सुना है “कांग्रेस” ने इस गाने पर FIR दर्ज कराया है।
इस गाने को कोई “रिपोस्ट” नहीं करेगा न सुनेगा?
मैंने भी सिर्फ बताने के लिए डाला है।
https://t.co/T7207jp7DM