ज्ञानू की बेटी ने 5 लाख का जुर्माना बचाने के लिए 35-35 लाख प्रति सुनवाई वाले दो वकील खड़े किए। मिलोर्ड के रेट का अभी खुलासा नहीं हुआ।
बात पैसे की नहीं, पापा के रसूख की थी। लेकिन ज्ञानू ने इस मामले में कमर कसी तो पीछे से एक अखबार ने दूसरे मामले में उनका पजामा खींच दिया।
अंतत: अमेरिकी दबाव ने असर दिखाया. 14 सितम्बर की तारीख से वित्त मंत्रालय की अधिसूचना जारी कि UPI से 2000/ से ऊपर के भुगतान पर शुल्क देना पड़ेगा. शुल्क भले ही पाने वाले को देना हो पर इसका असर तो सब पर पड़ेगा. पूरे मार्केट पर पडेगा! भुगतान 'रिसीव' करने वाला अपने शुल्क को कहीं एडजस्ट तो करेगा न! अमेरिकी कंपनियां काफी समय से ट्रंप प्रशासन के जरिये भारत पर दबाव बनाये हुए थीं! अब कोई "राष्ट्रवादी" ये न कहे कि सरकार ने ये फैसला किसी के दबाव में नहीं "स्वांत: सुखाय" किया!
बधाई हो 💐
मोदी सरकार ने ₹2,000 से ऊपर के पेमेंट पर 0.4% चार्ज ठोक दिया है. मतलब - ₹10,000 के UPI पेमेंट पर ₹40 का चार्ज लगेगा.
इसकी अधिकतम सीमा ₹300 सेट की गई. मतलब ₹75,000 से अधिक के हर ट्रांजैक्शन पर ₹300 का चार्ज फिक्स रहेगा.
15 अक्टूबर से वसूली चालू
जब NSUI कार्यकर्ता छात्रों के हक और अधिकारों के लिए लड़ रहे थे, तब उन्हें पुलिस हिरासत में लिया जा रहा था। तब ABVP कहाँ थी?
छात्रों के हक की लड़ाई में NSUI सड़क पर थी, तब ABVP खामोश थी।
जहाँ सारी राजनैतिक पार्टियां और धरनेबाज अब चुप है वहाँ ये बंदा अकेला सिस्टम से लड़ रहा है . विनोद जाखड़ ग्राउंड की लड़ाई जबरदस्त लड़ता है कोई माने या ना माने . एक अकेले के पीछे हज़ारो एक छोटी सी कॉल पर आ जाते है .
आज स्वतंत्रता सेनानियों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी का नाम भी बीच में घुसा दिया कि वो भी आजादी का सपना देखते थे।
ये बात सच है कि श्यामा जी आजादी के सपने देखते थे, लेकिन दिक्कत ये थी कि वो दिन में सोते थे और जब तक वो उठते थे फ्रीडम फाइटर धरना खत्म करके घर आ चुके होते थे।
एक बुड्ढे बंदर ने राहुल गांधी को गालीयां दिलवाने के लिए करोड़ों रुपए खर्च किए
आज देश के करोड़ों लोग उसी बूढ़े बंदर को मुफ़्त में करोड़ों गालीयां दे रहें हैं😂
#Karma
“अब मेरे पास कोई रास्ता नहीं बचा” - कल प्रयागराज में एक छात्र ने मुझसे यही कहा। सालों की तैयारी, घर की ज़मीन बेची, माँ-बाप का कर्ज़ और फिर भी हाथ में कुछ नहीं।
यह हार उसकी नहीं है। यह उस व्यवस्था की हार है जिसने उसकी मेहनत का दाम देने से इनकार कर दिया।
तेरह दिन हो गए - गृह मंत्री अमित शाह के मुंह से एक शब्द नहीं निकला। मोदी जी माफी मांगने की जगह क्षमा बाँट रहे हैं।
@AmitShah जी, यह मत समझिए कि हम जवाबदेही मांगना बंद कर देंगे। राजधानी की सड़कों पर बच्चों पर लाठियां और पैलेट चले - और आपने एक शब्द नहीं कहा। आज नहीं तो कल, इस जुर्म का जवाब आपको देना ही पड़ेगा।
छात्र देश की रोशनी हैं, और मैं उनकी पूरी शक्ति के साथ खड़ा हूं।
#ChhatronKiGoonj
"अमेरिका में पेटेंट है गौमूत्र"
- तोता रटंत त्रिवेदी
भाई आपको किसने रोका है गौमूत्र पीने से, पानी के जगह 4 लीटर गौमूत्र डेली पीजिये।
ऐसे नमूने भाजपा के इंटेलेक्चुअल कहलाते है!
“नई कमिटी बनाने से काम नहीं चलेगा… (शिक्षा सुधार पर) प्रधानमंत्री की बनायी नई कमिटी में एक गौमूत्र विशेषज्ञ भी हैं… भला उनका शिक्षा से क्या मतलब?”
@priyankagandhi लोकसभा में बोलते हुए
जैसे ही किसी राज्य में चुनावों का नतीजा आता है, संतरे पोस्ट डालना शुरू कर देते हैं कि RSS ग्राउंड पर चुपचाप मेहनत कर रही थी, ये उसी का नतीजा है।
लेकिन जब प्रोटेस्ट में लोग RSS के खिलाफ नारे लगाते हैं तो संतरे पिचक जाते हैं कि संघ का नाम क्यों लेते हो, उन्होंने क्या बिगाड़ा है
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हमारे education system को फिर से संवारने की दिशा में बहुत बड़ा कदम है।
शाबाश देश भर के छात्रों, आप सभी पर गर्व है।
सड़कों पर आ कर लोकतंत्र, संविधान और अपने भविष्य की रक्षा में डट कर खड़े होने वाले हर एक युवा, हर छात्र को बहुत-बहुत बधाई।
2 मांगें अभी भी बाकी हैं - प्रधानमंत्री छात्रों और भारत के भविष्य को सम्मान देते हुए माफ़ी मांगें और छात्रों पर हिंसा के दोषियों पर कार्रवाई हो।
ये समाज के दूसरे वर्गों किसानों, मजदूरों, गरीबों, हर वो व्यक्ति जिसे इस सरकार ने दबाया है, कुचला है - अपने सम्मान के लिए संवैधानिक तरीके से डटकर खड़े होने में ही असली साहस है।
इस सरकार को हटाने का वक्त आ गया है।
डरो मत!
मेट्रो बंद करो।
रास्ते बंद करो।
दुकानें बंद करो।
Internet बंद करो।
खाना बंद करो।
अपना हक़ मांग रहे छात्रों के ख़िलाफ़ सरकार ने ये क्रूर कदम उठाए।
बस एक चीज़ बंद नहीं कर पाए, मोदी जी - पेपर लीक।