संघर्ष, संघर्ष और बस संघर्ष! जिंदगी के साथ भी, जिंदगी के बाद भी। जिंदगी भर उन्होंने संघर्ष किया। अब उनकी जिंदगी के बाद अनुकंपा नियुक्ति हेतु उनके अपने संघर्ष कर रहे हैं। सोचो क्या बीत रही होगी उनपर ? कि अपनों की ऑंखें बंद होते ही जिम्मेदारों ने आँखें फेर ली....
@ChouhanShivraj