आप सभी को देवशयनी आषाढ़ी एकादशी की हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं।
चराचर जगत के पालनहार भगवान श्री विष्णु की कृपा हम सभी पर बनी रहे, सभी के जीवन में सुख-शांति एवं समृद्धि आए, यही प्रार्थना है।
माता पिता - साहब रिज़वान मेरी 14 साल की
बेटी को लेकर भाग गया है
पुलिस - चलो निकलो... हमारे पास समय नहीं है
महाराष्ट्र वासाई विरार से 28 साल का रिज़वान शेख 14 साल की हिंदू नाबालिक बच्ची को लेकर फरार हुआ..
पेरेंट्स ने उनकी लोकेशन भी दे दी.. लेकिन पुलिस ने अब तक लड़की बरामद नहीं की...
मुस्लिम की बच्ची होती तो हज़ारों मुस्लिम झुण्ड में पंहुचते और पुलिस 100 काम छोड़कर बच्ची ले आती..
यही सत्य है ✍️
सबसे ज्यादा उत्तर प्रदेश में पेपर लीक करने का रिकॉर्ड और भरती बोर्ड में धांधली और घोटाला करने का रिकॉर्ड अखिलेश यादव के नाम है
यह वीडियो अखिलेश यादव को दिखा देना जब टेट परीक्षा का पेपर लीक हुआ था अखिलेश यादव ने विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर बड़ी बेदर्दी से लाठी चार्ज करवा कर सैकड़ो छात्रों के सर फोड़ दिए थे उनके हाथ पैर तोड़ दिए थे
ब्यूरोक्रेट्स
पीले कपड़े में जिन्हें आप देख रहे हैं ये है बलिया से बीजेपी की विधायक केतकी सिंह, और ये जिसका हाथ पकड़ कर घसीट रही हैं वो बिजली विभाग का अधिकारी हैं।
हुवा कुछ यूं कि गांव वाले काफी दिन से एक तार को बदलने के लिए बिजली विभाग के चक्कर काट रहे थे, यहाँ तक कि विधायक जी ने भी तार को बदलने के लिए कहा था....
लेकिन सरकारी कर्मचारियों के कान में जु तक नही रेंगा, आज उसी तार से करंट लगने की वजह से दो निर्दोष लोगों की जान चली गयी।
जब ये खबर केतकी सिंह जी को पता चला तो वो परिजनों के बीच न जाकर सीधा बिजली विभाग के दफ्तर पहुच जाती है और वहाँ से जेई साहब को घसीटते हुए मृतक के दरवाजे तक ले जाती है
और उन्होंने पूछा कर्मचारी से कि आप का क्या जाता तार बदलने में ?
विधायक जी ने जेई साहब समेत कई कर्मचारियों पे दो लोगो के हत्या का मुकदमा दर्ज करवाया है ।
How many of you know this? It’s time to remind these Gen-Z who were babies when this happened. That’s the difference between BJP and present opposition.
2010 April 6. Dantewada. Naxals ambush and kill 76 security personnel one of the worst attacks on Indian forces.
Next day, then Home Minister P. Chidambaram offers his resignation, taking full moral responsibility. The Prime Minister rejects it.
What does the main opposition party (BJP) do?
They don’t demand his head. They don’t create street theatre. They don’t stall Parliament. Their spokespersons come out and say clearly: this is not the time for politics. The country is facing a serious internal security challenge. Chidambaram resigning now would only be celebrated by the Maoists. The nation comes first. Stay and fight.
That was the stand of the opposition in 2010.
Fast forward to 2026.
Paper leak in NEET. Serious issue, no doubt. Students are angry, and they have every right to demand answers and reforms.
But look at how the Congress and other opposition has handled it.
From day one they made one single demand the non-negotiable condition for everything: Education Minister Dharmendra Pradhan must resign. They refused discussion in Parliament unless he is sacked first. They turned the entire monsoon session into a slogan-shouting ground. They joined every protest and amplified the demand for resignation as if that alone would magically fix the examination system.
In 2010, when 76 jawans were killed, the opposition said “nation first, politics later.”
In 2026, when students are frustrated over exam leaks, the opposition’s first and loudest demand is “minister must go.”
This is the difference between treating a crisis as a national challenge and treating every crisis as a political opportunity.
One side in 2010 chose restraint when the country was bleeding. The other side today chooses maximum pressure and street-level agitation the moment they see a chance to corner the government.
People can decide for themselves which approach shows respect for institutions and which one reduces every problem to a resignation drama.
Accountability is important. Reforms are needed. But turning every issue into a demand for one minister’s head, while blocking Parliament, is not statesmanship. It is pure, petty politics.
That’s the contrast. Clear as day.
मणिपुर के खिलाड़ी ने भारत को दिलाया मेडल।
भारत को कॉमनवेल्थ गेम्स में मिली दूसरा मेडल।
वेटलिफ्टर ऋषिकांत सिंह ने ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में 60kg वर्ग में 264kg वजन उठाकर भारत को दूसरा पदक (सिल्वर) दिलाया।
स्नैच में 121kg का नया रिकॉर्ड बनाने वाले ऋषिकांत मणिपुर के उभरते हुए स्टार खिलाड़ी हैं।
Remember him?
Junaid, the food minister of CJP
He is on the run from Baba’s Police now😂
Who is asking one simple question
Where did he get those Crores of rupees to spend 10 lacs/Day on CJP Protest while he owns a small mobile shop
Yogi Adityanath😎
‘हर घर तिरंगा’ अभियान ने पूरे देश को राष्ट्रीय भावना से जोड़ा है। इस वर्ष भी पूरे उत्साह और सम्मान के साथ इस अभियान को जन आंदोलन के रूप में आगे बढ़ाना है: PM श्री @narendramodi जी
If the Government starts taking strict action against fake news and those who deliberately spread it, half the problem will disappear on its own...
Only if...
साम....दाम....दंड....भेद........
एक कुशल राजनीतिज्ञ को इन सबमें पारंगत होना चाहिए
हर बार की तरह इस बार भी संसद का सत्र शुरू होने से पहले युवराज संसद ना चलने देने के अपने एजेंडे की तैयारी के लिए विदेश गए थे।
पिछले एक साल से वो और उनके चेले चपाटे एक ही बात की रट लगाए थे कि 6 महीने में सरकार गिर जाएगी। नेपाल बांग्लादेश जैसा हाल होगा। मोदी देश छोड़ के भाग जाएंगे।
तैयारी पूरी थी, और इस बार इन्होंने अपनी बन्दूक रखी थी युवाओ और छात्रों के कन्धों पर......
छात्र और युवा यानि समाज का सबसे सम्वेदनशील तबका, इन्होंने ही बांग्लादेश और नेपाल मे तख्तापलट किया था।
युवराज अपनी तैयारी पूरी करके विदेश से लौटे....
मुद्दा बनाया पेपर लीक का, पूरे देश में इनके चेलों ने इस मुद्दे पर धरना प्रदर्शन शुरू किया। लेकिन तभी कुछ ऐसा होता है जिसकी कल्पना तक किसी ने नहीं की होती।
सोशल मीडिया पर अमेरिका का एक बंदा, जिसका कभी किसी ने नाम तक नहीं सुना होता, एक पार्टी बनाता है। जिसके रातोंरात लाखों मे followers बन जाते हैं।
फिर वो भारत आता है.....
और पूरी महफिल लूट ले जाता है। युवराज और उनके चेले देखते रह जाते हैं, और पूरा मुद्दा उनके हाथ से निकल जाता है।
जिस मुद्दे की तैयारी युवराज कर के आए थे, वो उनके सामने कोई और लूट के ले गया। युवराज का प्लान था कि पेपर लीक के नाम पर युवाओ को भड़का के प्रदर्शन शुरू होगा।
जिस प्रदर्शन को प्रधानमंत्री निवास तक ले जाया जाएगा, और फ़िर नेपाल और बांग्लादेश जैसी परिस्थितियां अपने आप बन जाएंगी। लेकिन ऐसा हुआ नहीं, बीच मे कोई और बाजी मार गया...
जंतर-मंतर पर मंच सजा....
लद्दाख के एक अनशन एक्सपर्ट को झूठ मूठ के अनशन पर बिठा दिया जाता है। खाने-पीने के पूरे इंतजाम किए गए, नाच गाने का पूरा इंतजाम किया गया। हर उस चीज का इंतजाम किया गया जिससे वो लोग आकर्षित हों, जिनके कन्धों पर युवराज अपनी बन्दूक रखना चाहते थे।
इस प्रोटेस्ट मे कोई पढ़ने लिखने वाला छात्र नहीं था। सारे हुडदंग करने वाले थे, संसद सत्र शुरू होने से पहले तक इस प्रोटेस्ट मे गिने चुने लोग जा रहे थे। लेकिन 20 तारीख, यानी सत्र शुरू होने वाले दिन अचानक कहीं से हजारो हुड़दंगी पहुंच जाते हैं.....
अब इसके पीछे दिल्ली का नटवरलाल था, UP का रावन या अलीशेख था। या फिर कोई और.....वो आप समझते रहिए, और फ़िर शुरू होता है वो काम जो युवराज करना चाहते थे।
हुड़दंग......
इसी बीच, मोदीजी Instagram पर पहुंचते हैं। रील बनाते हैं Gen-Z के साथ उन्ही के अंदाज मे बात करते हैं, और Instagram पर छा जाते हैं।
Gen-Z उनका दीवाना हो जाता है और दूसरी तरफ Gen-G (Gen-Z नहीं Gen-G) हुड़दंग करने के बाद जंतर-मंतर पर मौज काट रहा होता है। खाने पीने नाच गाने से लेकर मौज मस्ती की हर व्यवस्था उसे उपलब्ध होती है, जो हम सबने वीडियो मे देखा।
फ़िर अचानक से ही सबकुछ खत्म ही जाता है। दूसरी बातचीत मे ही सरकार इनकी सारी मांगें मान लेती है। और ये सारा धरना प्रदर्शन रातोंरात ग़ायब...
लोग कह रहे हैं ये सब Deep State ने कराया था। तो सवाल उठता है कि DS इतना बेवक़ूफ़ तो नहीं हो सकता कि एक ही काम के लिए युवराज को भी हायर करे और किसी और को भी.......
ये तो टकराव वाली बात हो गई, और टकराव का मतलब उनका एजेंडा ध्वस्त....
और वो तो हो भी गया.....
कुल मिला के ये देश के खिलाफ एक बहुत बड़ा षड्यंत्र था। जो किसी बड़े ही कुशल खिलाड़ी ने बेहतरीन तरीके से विफल कर दिया। अगर युवराज इसे लीड करता तो आज देश मे परिस्थिति कुछ और होती। जो हुआ वो उसके मुक़ाबले कुछ भी नहीं है जो होने वाला था।
बाकि आपलोग अपने अपने हिसाब से उस खिलाड़ी का अंदाजा लगाते रहिए......
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जय श्रीराम 🙏🚩