इस देश में बेरोजगारी की हालत देखनी हो तो कल का KBC एपिसोड जरूर देखिए। यह आपको सोचने पर मजबूर कर देगा।
हॉट सीट पर पहुंचा विवेक दिहाड़ी मजदूरी करता है। उसके पिता और मां भी मजदूरी करते हैं। विवेक के ₹1 लाख जीतने पर अमिताभ बच्चन ने उसके पिता से पूछा—“अब तो खुश हैं?”
पिता ने हाथ जोड़कर कहा—“अगर यहां बैठे किसी व्यक्ति के पास मेरे बेटे के लिए छोटी-सी भी नौकरी हो, तो दे दीजिए। जिंदगी भर दुआ करेंगे।”
यह अपील सुनकर अमिताभ बच्चन ने भी दर्शकों से विवेक को नौकरी देने की अपील की।
पूरे संवाद के दौरान विवेक सिर झुकाए बैठा रहा।
सोचिए, जो युवा अपने ज्ञान के दम पर KBC की हॉट सीट तक पहुंच सकता है, उसे इस देश में एक छोटी-सी नौकरी के लिए भी अपील करनी पड़ रही है। यही तस्वीर हमारी बेरोजगारी की हकीकत दिखाती है।
अंकिता भंडारी के परिवार से 2 दिन पहले मिला। चार साल बीत चुके हैं, लेकिन आज भी वो न्याय का इंतज़ार कर रहे हैं - अपनी बच्ची के ख़िलाफ़ एक ऐसे अपराध के लिए जिसकी कोई माफी नहीं।
सिर्फ 19 साल की अंकिता वनंतरा रिज़ॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट थीं जहां एक "VIP" मेहमान की शर्मनाक मांग का विरोध करने पर चीला नहर में डुबो कर उनकी हत्या कर दी गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने हिंसा और डुबोने के सबूतों की पुष्टि भी की।
मगर, रिज़ॉर्ट में अंकिता के रूम को किसी भी तरह की जांच होने से पहले ध्वस्त कर दिया गया जो खुद में संदेहपूर्ण है।
इस दुखद मामले में सबसे शर्मनाक बात है कि राज्य सरकार खुद आज तक उस "VIP" को संरक्षण दे रही है। क्यों? क्योंकि वह BJP-RSS का बड़ा नेता है।
यही BJP की विकृत मानसिकता है बलात्कारियों और अपराधियों को बचाना, उनका राजनीतिक संरक्षण करना, यहां तक कि बलात्कार के दोषियों का फूल-मालाओं से स्वागत करना। दुनिया में सबसे घिनौने इंसान वो होते हैं जो बलात्कारियों की रक्षा करते हैं और BJP में ऐसे लोगों की भरमार है।
भारत तब तक आगे नहीं बढ़ सकता, जब तक महिलाओं को पुरुषों के इस्तेमाल की वस्तु समझने वाली यह अमानवीय मानसिकता खत्म नहीं होती। भारत तभी आगे बढ़ेगा, जब भारत की महिलाएं आगे बढ़ेंगी - सम्मान, सुरक्षा, समानता और न्याय के साथ।
“अब मेरे पास कोई रास्ता नहीं बचा” - कल प्रयागराज में एक छात्र ने मुझसे यही कहा। सालों की तैयारी, घर की ज़मीन बेची, माँ-बाप का कर्ज़ और फिर भी हाथ में कुछ नहीं।
यह हार उसकी नहीं है। यह उस व्यवस्था की हार है जिसने उसकी मेहनत का दाम देने से इनकार कर दिया।
तेरह दिन हो गए - गृह मंत्री अमित शाह के मुंह से एक शब्द नहीं निकला। मोदी जी माफी मांगने की जगह क्षमा बाँट रहे हैं।
@AmitShah जी, यह मत समझिए कि हम जवाबदेही मांगना बंद कर देंगे। राजधानी की सड़कों पर बच्चों पर लाठियां और पैलेट चले - और आपने एक शब्द नहीं कहा। आज नहीं तो कल, इस जुर्म का जवाब आपको देना ही पड़ेगा।
छात्र देश की रोशनी हैं, और मैं उनकी पूरी शक्ति के साथ खड़ा हूं।
#ChhatronKiGoonj
रिजिजू जी, संसदीय कार्य मंत्री होने के नाते आपसे बेहतर यह कौन जानता होगा - महिला आरक्षण विधेयक 2023 में ही सर्वसम्मति से पारित हो चुका है, कांग्रेस के पूर्ण समर्थन के साथ।
सवाल यह है कि तीन साल बाद भी वह लागू क्यों नहीं हुआ और अब आप उसे परिसीमन से बेवजह क्यों जोड़ना चाहते हैं?
2023 का क़ानून लागू कीजिए। बिना किसी शर्त के।
PMO summoned Meta officials yesterday under the pretext of PM Modi's video takedown. But the real motive was to tighten the grip around Genz & anti-govt content.
Anything remotely critical of PM Modi gets taken down instantly, even if you don't name him.
Several of my Instagram posts have been restricted in India, where I satarized him without taking his name.
PM Modi was never a tolerate person, but now his insecurity is increasing with his age. He loves it when people call him tough, but fears of being mocked. Meta seems to get along with him atleast for now.
#MetaCensorsIndia
विदेश से आते बेटे का वीडियो डाल रहे एमपी के मंत्री है ये वही है जो बोलते है मेडिकल की पढ़ाई हिंदी में होनी चाहिए , पढ़ाई के लिए बाहर क्यों जाना 😂😂
बंकियों तुम सब लड़ मरो,,, और फैलाओ धार्मिक उन्माद,,,समाप्त कर दो 1 दूसरे को।
- इन्हें घंटा फर्क़ नही पड़ता 😂😂😂
Many girls who been getting abuses by Right Wing for years are now making videos to forgive their Abusers. PM @narendramodi inspires younger generation to forget and forgive their Abusers.
धर्मेंद्र प्रधान भ्रष्टाचार और भारत की बर्बाद education system के प्रतीक हैं और हमेशा रहेंगे।
उसी system ने 26 बच्चों की जान ली, और लाखों युवाओं को सड़कों पर उतरने को मजबूर किया।
इस्तीफ़ा भी नैतिकता से नहीं - युवाओं के आक्रोश से डरकर देना पड़ा।
और आज उसी व्यक्ति को संसद में BJP माला पहना रही है। यह कोई सम्मान नहीं - लाखों बच्चों के भविष्य की बर्बादी का जश्न है।
देश का हर छात्र ये देख रहा है। और इसमें शामिल हर चेहरा याद रखेगा।
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हमारे education system को फिर से संवारने की दिशा में बहुत बड़ा कदम है।
शाबाश देश भर के छात्रों, आप सभी पर गर्व है।
सड़कों पर आ कर लोकतंत्र, संविधान और अपने भविष्य की रक्षा में डट कर खड़े होने वाले हर एक युवा, हर छात्र को बहुत-बहुत बधाई।
2 मांगें अभी भी बाकी हैं - प्रधानमंत्री छात्रों और भारत के भविष्य को सम्मान देते हुए माफ़ी मांगें और छात्रों पर हिंसा के दोषियों पर कार्रवाई हो।
ये समाज के दूसरे वर्गों किसानों, मजदूरों, गरीबों, हर वो व्यक्ति जिसे इस सरकार ने दबाया है, कुचला है - अपने सम्मान के लिए संवैधानिक तरीके से डटकर खड़े होने में ही असली साहस है।
इस सरकार को हटाने का वक्त आ गया है।
डरो मत!
A woman giving the Mumbai police the much needed education: Do not silence us in the name of giving us protection. If you want to give us protection, protect us from the Prime Minister and the Home Minister of the country
अल्लाहताला का लाख लाख शुक्र है, उन्हें सुरक्षित निकाल लिया गया। सुरक्षा बलो को बधाई..
जय हिंद,
जय हिंद की सेना!!
😊 🙏
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सुरक्षा सर्वोपरि है।
हालात के मद्देनजर, उन्हें किसी मित्र देश की सुरक्षा में, कुछ समय अज्ञात द्वीप में छिप जाने पर विचार करना चाहिए।
कुछ दिनों में बार बार आकर, भारत का दौरा करने से भी बचना चाहिए।
भारत माता की जय।
भक्त अपना देख लें।
Takla Kher, Vimal Devgn, Canadian Kumar, Panama Bachchan,Khan bros etc...The vocal Bollywood is not just silent, but occasionally works as an active amplifier of the govt propaganda.
But this isn't a reflection upon the film industry or the leaders of automobiles and other industries, who were earlier very vocal on social & political issues.
Their silence is a reflection upon the inflated ego of an ageing joker. The one who tries to portray that one who criticises his work & policies, is a threat to the nation.
It's not easy to speak up in a namesake democracy, when you are wealthy and famous, Some Income tax irregularities, a few yards of unauthorized construction, an old court case, a new FIR, you never know what will hit you next. Or even online harassment of your closed ones by the paid dogs of the ministries, could demoralise & silence you.
Also for most of them, it pays well to ride along with the power, they get endorsements, promotions, awards, rewards for being active partners in their propaganda projects. And if you are just silent, they let you live, you survive like a harmless lizard.
इस वीडियो ने मुझे झकझोर दिया।
ये उस भारत के लाचार युवा हैं - जिसकी सरकार अपने अरबपति दोस्तों पर लाखों करोड़ लुटा देती है, पर अपने ही छात्रों को एक सुरक्षित सफ़र तक नहीं दे सकती।
चुनाव के वक़्त यही सरकार पूरी-पूरी ट्रेनों का इंतज़ाम कर लेती है। और परीक्षा देने जा रहे छात्रों के हिस्से में आती है - भीड़, घुटन, और बेबसी।
इससे बड़ा सबूत क्या होगा कि मोदी सरकार छात्रों की गूंज सुनना ही नहीं चाहती।
पर मैं वादा करता हूँ - हम यह आवाज़ उन बहरे कानों तक पहुँचाएँगे। हर छात्र को उसका हक़ मिलेगा, उसका न्याय मिलेगा।
17 जून, कोटा। यही गूंज, अब हुंकार बनेगी।
#ChhatronKiGoonj