सबको भगवद् स्वरूप मानकर अपने कर्तव्य का पालन करो और किसी से कोई आशा मत रखो।
Shri Hit Premanand Govind Sharan Ji Maharaj
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भजन मार्ग | परम पूज्य वृन्दावन रसिक संत श्री हित प्रेमानन्द गोविन्द शरण जी महाराज
श्री हित राधा केली कुंज, वराह घाट, वृन्दावन धाम
हृदय से अपना किसी को मत मानो एकमात्र प्रभु ही अपने हैं।
Shri Hit Premanand Govind Sharan Ji Maharaj
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भजन मार्ग | परम पूज्य वृन्दावन रसिक संत श्री हित प्रेमानन्द गोविन्द शरण जी महाराज
श्री हित राधा केली कुंज, वराह घाट, वृन्दावन धाम
और आपका नाम ही सहारा बन जाता है…
अजीब सी शांति मिलती है उस उदासी में,
जैसे आपने खुद मुझे अपने पास बुला लिया हो…
जैसे कह रहे हो —
“सब छोड़ दे… मैं हूँ न…”✍🏼
चन्द्रहासोज्ज्वलकरा शार्दूलवरवाहना।
कात्यायनी शुभं दद्याद्देवी दानवघातिनी।।
जगज्जननी माँ दुर्गा के षष्ठ स्वरूप, माँ कात्यायनी भक्तों के भय, रोग एवं शोक-संतापों को हरने वाली हैं।
माँ भगवती की कृपा से अखिल संसार का कल्याण हो, हर हृदय में शांति, शक्ति और सद्भाव का वास हो, यही प्रार्थना है।
जय माँ कात्यायनी!
नाम जप करके तो देखो - सुखी न हो जाओ तो कहना।
Shri Hit Premanand Govind Sharan Ji Maharaj
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भजन मार्ग | परम पूज्य वृन्दावन रसिक संत श्री हित प्रेमानन्द गोविन्द शरण जी महाराज
श्री हित राधा केली कुंज, वराह घाट, वृन्दावन धाम
पिण्डजप्रवरारूढा चण्डकोपास्त्रकैर्युता।
प्रसादं तनुते मह्यं चन्द्रघण्टेति विश्रुता॥
शक्ति की अधिष्ठात्री माँ जगदम्बा की उपासना के पावन पर्व चैत्र नवरात्रि के तृतीय दिवस पर माँ चन्द्रघण्टा की कृपा सभी पर बनी रहे।
माँ के आशीष से सभी के जीवन में सुख, समृद्धि एवं सौभाग्य का उदय हो, सकारात्मकता का संचार हो, उनसे यही कामना है।
जय माँ चन्द्रघण्टा।
दिनांक 20 मार्च 2026
आज चैत्र नवरात्र का द्वितीय दिवस है, जो श्री ज्येष्ठा गौरी को समर्पित है। इस पावन अवसर पर श्री काशी विश्वनाथ धाम में श्री विश्वेश्वर को अवलोकित करवा कर, उपहार स्वरूप मां के धारण किए जाने हेतु वस्त्र एवं श्रृंगार सामग्री मंदिर के शास्त्रियों द्वारा विधिपूर्वक माँ ज्येष्ठा गौरी तथा शक्तिपीठ माता विशालाक्षी को अर्पित की गई।
इस क्रम में नवरात्र के आगामी दिनों में भी माँ गौरी के विभिन्न स्वरूपों, जिनके लिए जो दिन समर्पित है, उनके लिए वस्त्र एवं श्रृंगार सामग्री श्री विश्वेश्वर से अवलोकित करवा कर उपहार स्वरूप नवरात्र अवधि में प्रतिदिन प्रेषित की जाएगी।
यह आयोजन श्रद्धा, परंपरा एवं सनातन आस्था के अनुसार सम्पन्न किया जा रहा है।