@bhupeshbaghel संस्थागत आरक्षण वैध है यह बात आज उच्च न्यायालय के निर्णय से स्पष्ट हो गई। इसलिए काउंसलिंग कमेटी/डीएमई/सीएमई/शासन , छतीसगढ़ में इसे तत्काल करेक्शन करते हुए लागू करे जिससे छत्तीसगढ़ के आयुष विश्वविद्यालय से पढ़े हुए तथा छत्तीसगढइया मनके अधिकार मिल सके 🙏🏻🙏🏻🙏🏻💐💐
@bhupeshbaghel@ChhattisgarhCMO@Devendra_1925@ShrivasGouri@vijaysharmacg बघेल जी आप कितना काम किए बेरोजगारों के लिए?खुद का सरकार था तो भर्ती का नियम बदल दिए। आप कौन होते है तय करने वाले के कौनसे जॉब में क्या योग्यता होगी ? आपकी योग्यता नहीं है cm के लिए ये तय किए थे छत्तीसगढ़ की जानता 🙏
@bhupeshbaghel NEET UG में राज्य का कोटा 85 फीसदी और आल इंडिया कोटा 15 फीसदी होता है। तो फिर पीजी के मामले में राज्य का कोटा 50 फीसदी क्यों?छत्तीसगढ़ के विद्यार्थियों को 50% पीजी सीटें दे कर बाकी 50% सीटों को आल इंडिया कोटा के लिए सुरक्षित करना ग़लत है। पीजी के लिए भी 85 -15 हो न कि 50-50 कोटा
@bhupeshbaghel राज्य कोटे की सीट उन्हें मिले जिन्होंने बस्तर जैसे दुर्गम क्षेत्र में २ साल छत्तीसगढ़ महतारी की सेवा दी है ,जिहोने इस पीजी सीट के लिए अपनी 25 लाख की प्रॉपर्टी गिरवी रखी है !
ना की उनको जो छत्तीसगढ़ के बाहर प्राइवेट मेडिकल कॉलेज में मोटी रकम देकर पढ़ाई किए है ना बांड किए है !
@bhupeshbaghel Chhattisgarh sarkar our dme se ye vinamara anurodh hai manniya high court ke adesh ka palan krte huye institutional quata ko 100 percent kre ..taki Chhattisgarh se mbbs kiye huye student ko unka hak mil paye
@bhupeshbaghel PG ki Seat unhe mile jo CG se pdayi krk CG ke logo ki shewa kr rhe hai... Na ki unhe jo paise ke dam pe bahar se pd ke aaye hai ...
Institutional seat hak h hamara....
@bhupeshbaghel Chhattisgarh ke jo mulniwasi hai vo kahi se bhi kare PG unka seat 50% ho na ki kewal Chhattisgarh se kare isliye ye galat hoga un students ke liye jo chaattisgarh ke hai par bahar study kar rahe
@bhupeshbaghel संस्थागत आरक्षण वैध है यह बात आज उच्च न्यायालय के निर्णय से स्पष्ट हो गई। अब CME, Chhatisgarh इसे लागू करे जिससे छत्तीसगढ़ के आयुष विश्वविद्यालय से पढ़े हुए तथा छत्तीसगढ़ महतारी की सेवा में लगे डॉक्टरों को इसका लाभ प्राप्त हो।
माननीय हाईकोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि छत्तीसगढ़ के मेडिकल कॉलेजों से एमबीबीएस करने वाले छात्रों के लिए पीजी में मेरिट अनुसार 50 प्रतिशत आरक्षण रहेगा।
अब सरकार को छात्रहित में तुरंत अपने नियम सुधार लेने चाहिए।
छत्तीसगढ़ी छात्रों का भविष्य सुरक्षित रहना चाहिए।