"RPSC में मेरे पसंदीदा नेता श्री @GovindDotasra जी की असीमित ताक़त देखो..."
राजस्थान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और पूर्व शिक्षामंत्री श्री गोविन्द डोटासरा के सुपुत्र श्री अविनाश डोटासरा के ससुर श्री रमेश चन्द्र पूनिया की एक पुत्री प्रभा और एक पुत्र गौरव को साक्षात्कार में 80-80 नम्बर मिले, जिसको श्री गोविन्द डोटासराजी, योग्य बच्चों के साथ हुआ इत्तेफ़ाक़ बताते हैं...
लेकिन डोटासराजी यह नहीं बताते हैं कि-
1. उनके खुद के पुत्र श्री अविनाश डोटासरा ने OBC से आवेदन क्यों किया ? और
2. श्री अविनाश डोटासरा को RPSC के इतिहास में साक्षात्कार के सर्वाधिक अंक 85 क्यों मिले ?
क्या कोई बात सकता है कि प्रभा और गौरव के RAS परीक्षा के चौथे पेपर में दोनों के 99.5-99.5 नम्बर आए हैं जो इत्तेफ़ाक़ कैसे हो सकता है ?
सामान्य समझ में इसको Pure Setting कहते हैं क्योंकि ऐसा तभी हो सकता है जब दोनों ने कॉप��� खाली छोड़ी हो और RPSC चेयरमैन श्री भूपेन्द्र यादव ने खुद कॉपी भरी हो अथवा किसी अन्य व्यक्ति से भरवाई हो...
दोनों कॉपियों को अगर हाईकोर्ट मंगवा ले और देखे तो उसमें सभी उत्तर एक जैसे ही मिलेंगे...
बेरोजगारों के लिए सभी को खड़ा होना होगा अन्यथा ये सभी नेता, इन अफसरों के साथ मिलकर राजस्थान को लूट खाएंगे...
ज़िम्मेदारी से पुनः कहता हूँ कि मेरे पसंदीदा नेता डोटासरा जी से CM @BhajanlalBjp जी को डर लगता है अन्यथा इतने ज़्यादा साक्ष्य होते हुए चूँ भी नहीं कर पाएँ, यह संभव नहीं है…
डोटासरा जी ने CM से मंत्रियों वाला अवैध बंगला भी धमकाकर लिया और समय-समय पर CM की बेज्जती भी करते रहते हैं…
डोटासरा जी की जय हो… 👍
आपका अपना
Lawyer Goverdhan Singh
पिछले साल से हम प्रमाण दे रहे हैं शोर मचा रहे हैं कि तमाम अभ्यर्थी फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवा के IAS PCS बन जाते हैं,
अब देखिए राजस्थान के विधायक की बिटिया रानी फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र पर अधिकारी बनी हुई थीं, जब जांच हुई तो वो बिल्कुल ठीक पाई गईं।
🚨 डिजिटल क्रांति का असली चेहरा 🚨
रिलायंस जियो ने शुरुआत में “फ्री इंटरनेट” और “फ्री कॉल” का सपना दिखाया — दे�� ने इसे डिजिटल आज़ादी समझा।
लेकिन असल में ये डिजिटल गुलामी की चाल थी।
पहले ₹149 का प्लान, फिर ₹249, फिर ₹349 — अब ₹899 तक जा पहुँचा। नेटवर्क वहीं, स्पीड वहीं — बस लूट की दर बढ़ गई।
TRAI और सरकार दोनों मौन हैं — क्योंकि इस खेल के दोनों हिस्सेदार हैं। “डिजिटल इंडिया” के नाम पर जनता को डेटा की लत लगा दी गई — अब बिना नेट कुछ नहीं चलता।
वॉयस-ओनली रिचार्ज गायब, हर काम के लिए डेटा ज़रूरी — यानी मजबूरी का नेटवर्क युग।
गरीब से लेकर मध्यम वर्ग तक रोज़ाना कट रहा है,
और कॉर्पोरेट साम्राज्य अरबों कमा रहा है।
ये “Digital India” नहीं — 👉 Corporate India है,
जहाँ जनता यूज़र नहीं, शिकार बन चुकी है। 🕳️📶
चाहो तो इसका टैगलाइन रखो —
#JioSeJudaDesh, JaalMeinPhansaDesh 🤡
ईश्वर भी ऊपर से यह टेलीकॉम और सरकार की जुगलबंदी अन्याय देखकर विचलित होते होंगे —>>
जैसे रावण अहंकार में लंका जला बैठा, वैसे ही आज की टेलीकॉम कंपनियां और शासक वर्ग लोभ में जनता का धर्म और धैर्य जला रहे हैं।
गरीब और मध्यम वर्ग से अन्यायपूर्वक धन वसूलना कोई सेवा नहीं, अधर्म है।
जिनके हाथ में नीति और न्याय है, वे ही जब लोभ में अंधे हो जाएँ, तब प्रजा की पुकार आकाश को छूती है।
जैसे तुलसीदास ने लिखा — “जिनके हृदय बसि लोभ लसाई, तिन्ह ते नीति न प्रीति उपाई।”
अब समय है कि धर्म और न्याय पुनः सिंहासन पर लौटे।
भाईयों तब तक रिपोस्ट ���र शेयर करते रहो जब तक टेलीकॉम कम्पनियों के bosses और
भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण
(Telecom Regulatory Authority of India) के ऑफिस तक आवाज नहीं पहुंचती है।
It was responsibility of both the govt and the BCCI to ensure India does not play Pakistan in Asia Cup. They failed.
Now the choice is yours: either shrug it off with “if they don’t care, why should I” and watch, or refuse to watch and make a statement.
I hope you choose the latter. Don’t watch, neither on TV, nor online, nor through apps. Don’t even engage when cricket accounts post live scores or hype the match as it gets “interesting.”
Refusing to engage is a small act for each of us, but together it becomes a powerful statement that neither the govt nor the BCCI can ignore. Let silence be the rebellion.
सैन/नाई समाज के सभी नेताओ, सरकारी पदो पर आसीन लोग और सभी संगठनो को हार्दिक बधाई ! आज नारायणी माता की यात्रा 4 किलोमीटर तक सीवर ��े गंदे पानी मे से गुजरी । समाज के सभी सक्षम लोगो को हार्दिक बधाईयाँ 🙏🏻
@mahenderINC @VartikaSainBJP
क्या यह नितिन गडकरी के बेटे की कंपनी है? जी हाँ। इसे निखिल गडकरी चलाते हैं। इथेनॉल बनाती है। पाँच साल में 22-गुणा बढ़ी है। दूसरे बेटे सारंग, मानस एग्रो चलाते हैं, वो अनलिस्टेड है, इथेनॉल बनाती है। मानस का रेवेन्यू 2021 में ₹5990 करोड़ था, जो 2024 में ₹9591 करोड़ हो गया।
@nitin_gadkari का इथेनॉल ब्लेंडिंग से कोई संबंध नहीं होना चाहिए क्योंकि वह @HardeepSPuri का मंत्रालय है। टार्गेट भी 2030 का था 20% ब्लेंडिंग का, फिर गडकरी यह कह कर क्यों नाचते रहते हैं कि 2025 में ही पूरा हो गया?
@narendramodi जी, क्या यह ‘खाने दूँगा’ के अंतर्गत नहीं आता? क्या यह स्पष्ट रूप से ‘कॉन्फ्लिक्ट ऑफ इंटरेस्ट’ नहीं है? किसी की कंपनी आगे बढ़े, कोई समस्या नहीं, परंतु जबरन हर गाड़ी में, बिना शोध के, अपनी कंपनियों के लाभ के लिए, करोड़ों लोगों की पॉकेटमारी कैसे हो रही है?
इस पर वृहद जाँच होनी चाहिए।