थ्रेड... अवश्य पढ़ें
#कांग्रे कहती है चरखा से आजादी मिली? #नीरा_आर्य की कहानी। जेल में जब मेरे स्तन काटे गए ! स्वाधीनता संग्राम की मार्मिक गाथा। एक बार अवश्य पढ़े, नीरा आर्य (१९०२ - १९९८) की संघर्ष पूर्ण जीवनी:
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और समाजसेवी ... उनकी तो एक एक विडियो सोशल मीडिया पर है... सबने अपने हिसाब से जमकर नंबर बनाए...
और सिस्टम उसके पास ना तो कोई पूर्व सूचना होती है और ना ही कोई तैयारी....
मतलब फेलियर
आम आदमी का तो अब भगवान भी नहीं है... वो भी सिलेबस से बाहर किए जा रहे हैं... 🙏
सिस्टम ... नहीं इसको नाम दीजिए फेलियर...
सब गोरखधंधा है... पहले कोरोना ने खून चूस लिया आम आदमी का... और अब डेंगू...
मेडिकल सेक्टर और मज़बूत हुआ मतलब अब उसे और मजबूत रहना पड़ेगा... मतलब आम आदमी को अभी और संकट झेलने पड़ सकते हैं... हॉस्पिटल बिल्डिंग्स और भी ऊंची होने लगी हैं ...
जैसलमेर के border पे BSF की बैरक में AC लगाएगा , Fridge खरीद के देगा , बुलेट प्रूफ जाकिट ले के देगा , राफेल खरीद के देगा , रोड बनेगी, इंफ्रास्ट्रक्चर में लगेगा, देश के लिए इस्तेमाल होगा........
मोदी पे भरोसा है .......
वो देश नही बिकने देगा ......
वो देश नही झुकने देगा ।
थ्रेड... Must read
सत्य घटना सुना रहा हूँ ........ पुराने जमाने की बात है ।
70 के दशक की ।
एक वैद्य जी थे ....... नब्ज नाड़ी देख के जड़ी बूटी से इलाज करते थे ।
रोज़ाना 10 - 20 रु कमा लेते थे । उस ज़माने में 20 रु भी बड़ी रकम हुआ करती थी , ये तब की बात है ।
, गरीब के घर मे LPG पहुंचा दी , गरीब का घर रोशन किया , सड़कें बनाई , रेल की नई पटरियां बिछा दीं , देस भर में AIIMS खोल दिये ..........
इसीलिए जब मोदी जेब से पैसे निकालता है तो चिंता फिकिर नही होती ........ पता है सही जगह खर्चा करेगा .......
गुंबद और मूर्ति का केंद्र एक ही होने से मूर्ति में निरंतर ऊर्जा प्रवाहित होती रहती है। जब हम उस मूर्ति को स्पर्श करते हैं, उसके आगे सिर टिकाते हैं तो हमारे अंदर भी वह ऊर्जा प्रवेश करती है। इस ऊर्जा से शक्ति, उत्साह और प्रसन्नता का संचार होता है।
जय श्रीराम 🌹🌹
#मंदिरों_की_छत सपाट क्यों नहीं होती, #नुकीली क्यों बनाई जाती है
मंदिर तो आपने देखे ही होंगे। मंदिरों की छतों पर एक विशेष प्रकार की आकृति बनाई जाती है। यह आकृति ऊपर की तरफ नुकीली हो जाती है। प्रश्न यह है कि मंदिरों की छतों को इस प्रकार से क्यों बनाया जाता है।
जिसे गुंबद कहा जाता है।
शिखर के केंद्र बिंदु के ठीक नीचे मूर्ति स्थापित होती है। गुंबद के कारण मंदिर में किए जाने वाले मंत्रों के स्वर और अन्य ध्वनियां गूंजती हैं तथा वहां उपस्थित व्यक्ति को प्रभावित करती है।