सोशल मीडिया पर सीएम योगी का जलवा कायम।
➡️फॉलोअर्स के मामले में देश के नंबर एक सीएम
➡️देश के सबसे लोकप्रिय मुख्यमंत्री बन गए हैं
➡️सोशल मीडिया पर फैन फॉलोइंग में सबसे आगे
➡️पॉपुलैरिटी में अन्य सभी सीएम को भी पीछे छोड़ा
➡️सोशल मीडिया एक्स पर CM योगी के 32.7M फॉलो��र्स
➡️लोकप्रियता में तमिलनाडु के सीएम विजय को पीछे छोड़ा
➡️इस रेस में तमिलनाडु के सीएम विजय दूसरे स्थान पर
➡️महाराष्ट्र के CM तीसरे,उत्तराखंड के CM चौथे स्थान पर
@myogiadityanath
मशीनें पूरी ताकत लगा चुकीं�� क्रेनें भी जवाब दे गईं… लेकिन उज्जैन के खड़े हनुमान अपनी जगह से नहीं हिले! 🚩
करीब 170 साल पुरानी हनुमान प्रतिमा को सड़क चौड़ीकरण के लिए हटाने की कोशिश हुई, लेकिन इंसानी ताकत बार-बार बेबस नजर आई।
जिसे मशीनें नहीं हिला सकीं, उसे आस्था ने अपना स्थान मान लिया।
शायद यही संदेश है—
जहाँ विज्ञान की कोशिश खत्म होती है, वहाँ से आस्था का विश्वास शुरू होता है।
कहते हैं—
मारुतिनंदन की इच्छा के बिना एक ���त्ता भी नहीं हिलता। 🙏
अब IIT करेगा प्रतिमा की वैज्ञानिक स्कैनिंग।
फैसला मशीनों का नहीं… मारुतिनंदन की मर्जी का होगा! 🚩
जय श्री राम।
जय वीर बजरंगबली। 🚩🙏
वसूली में फंसे सिपाही, सेवा समाप्त की तैयारी
उत्तर प्रदेश में पहली बार शायद ऐसा होगा जब किसी करप्शन के मामले में सीधे नौकरी से बर्खास्त किया जाएगा। यूपी के शाहजहांपुर में सर्राफ से वसूली में फंसे चारों सिपाहियों पर गिरेगी गाज,सेवा होगी समाप्त।दरअसल चार सिपाहियों ने सर्राफा व्यवयायी को स्मैक के मामले में फंसाने और धमकाने का मामला सही पाया गया है.फंसे चारों सिपाहियों ने दो लाख रूपये मांगें थे.मामले के खुलासे के ��ाद अब उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं। पुलिस ने उनकी सेवा समाप्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।मामले की विवेचना में सर्राफा की अपने पिता से हुई बातचीत की काल रिकॉर्डिंग को भी अहम साक्ष्य के रूप में शामिल किया जाएगा।एसपी सौरभ दीक्षित ने बताया कि जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।इधर एसओजी के पहुंचने से पहले नामजद मेरठ निवासी सिपाही अरुण चित्तौड़िया और तुपार गिरफ्तारी से ब���ने के लिए दिल्ली भाग गए। दोनों वहां अपने परिचितों के माध्यम से अधिवक्ताओं से संपर्क कर अग्रिम जमानत लेने की कोशिश में थे।लोकेशन के आधार पर एसओजी दिल्ली पहुंची,लेकिन दोनों सिपाही वहां से निकल गए।पुलिस अब उनकी तलाश में