"सावरकर ने अंग्रेजों के सामने 10 दया याचिकाएं दायर की थीं, जबकि भगत सिंह जैसे क्रांतिकारियों ने समझौता करने से इनकार कर दिया था"
◆ पुणे कोर्ट में जिरह के दौरान सावरकर के प्रपौत्र सत्यकी सावरकर ने कहा
◆ राहुल गांधी के ख़िलाफ़ दायर आपराधिक मानहानि के मामले में सत्यकी सावरकर ने बयान दिया कि, "दया याचिकाओं का रिकॉर्ड सरकार के पास मौजूद है"
#Savarkar | #SatyakiSavarkar | #RahulGandhi | #PuneCourt
इसलिये tv media का भरोसा ख़त्म हुआ |
Media सिर्फ growth % दिखा कर बोल रही है - ‘भारत GDP का boss’
क्या ये आधा सच नहीं बेचा जा रहा?
Agar comparison करना ही है - तो per‑capita income, jobs और poverty ke numbers भी साथ दिखाओ – तब पता चले- boss कौन है?
और किसकी हालत अभी भी struggle कर रही है|
Developing देश का 7–8% growth और developed देश का 2% growth same cheez नहीं होती अंजना मैडम
साधारण सी गणित है जब base chhota हो to % बड़ा दिखेगा |
THIS IS KHAN SIR DESTROYING PAPER LEAK EXCUSES 🔥
REPORTER: NEET paper will now be transported by Air Force.
KHAN SIR 🎯: But malaria cannot be treated with typhoid injection.
REPORTER: Meaning?
KHAN SIR: The problem is not transport. The paper is leaking where it is printed and prepared.
REPORTER: What should happen?
KHAN SIR 🔥: Punish those who leaked it. Poor and middle-class students only ask one thing from the government: conduct exams honestly.
जिसने वर्षों तक पत्रकारिता को TRP, प्रोपेगेंडा और सत्ता के पक्ष-विपक्ष की लड़ाई में बदल दिया हो, उसे शिक्षकों को 'धंधेबाज' कहने से पहले आत्ममंथन करना चाहिए।
शिक्षा में गलत लोग भी हैं।
लेकिन पत्रकारिता में भी हैं।
राजनीति में भी हैं।
व्यापार में भी हैं।
तो क्या कुछ गलत लोगों के कारण पूरे शिक्षक समाज को "दो कौड़ी का" कह दिया जाएगा?
anjana शिक्षक का सम्मान कमाने में वर्षों लगते हैं।
भर्तियाँ अटक रही थीं,
लाखों युवाओं की उम्र निकल रही थी,
तब आपके स्टूडियो की आवाज़ कहाँ थी?
शिक्षकों ने पैसे लेकर शिक्षा दी है।
लेकिन पैसे लेकर किसी राजनीतिक दल का प्रवक्ता बन जाना,
व्यवस्था की हर गलती पर पर्दा डालना,
और जनता के असली मुद्दों से ध्यान भटकाना...
यह सिर्फ पत्रकारिता का पतन नहीं,
बल्कि अपने पेशे के साथ गद्दारी है।
शिक्षक फीस लेकर ज्ञान देता है,
मेहनत करवाता है,
बच्चे का भविष्य बनाता है
शिक्षकों ने पैसे लेकर पढ़ाया है,
देश के लाखों युवाओं को रोजगार तक पहुँचाया है।
लेकिन गलत को सही और सही को गलत साबित करने की कीमत लेकर काम करना,
समाज और लोकतंत्र दोनों के साथ विश्वासघात किसने किया ?
Himchali ladko ne pehle hotel ki parking mai Panjabi tourists pr hamla kiya mob bana kar, yaha par dekh skte hai 5-6 himchali ek Panjabi ladke ko peet rahe hai usne apne bchav mai goli chlai, agr wo goli na chlata aur yeh Himachali mob usko maar dete to?
Himchali ladko ne pehle hotel ki parking mai Panjabi tourists pr hamla kiya mob bana kar, yaha par dekh skte hai 5-6 himchali ek Panjabi ladke ko peet rahe hai usne apne bchav mai goli chlai, agr wo goli na chlata aur yeh Himachali mob usko maar dete to?