= लहू की पुकार =
लहू हूं मैं, तुझ में ही बहू हूं मैं ।
तोड़ दे दीवारों को बह जाने दे मुझे
कि आ सकूं किसी के काम।
तड़प रहीं हैं कई जिंदगी मेरे इंतजार में ।बस इतना ही कहूं हूं मैं लहू हूं मैं। #2800की_घोषणा_पूरी_करो#2800gradepay#2800Gradpay@mppatwarisangh