राजस्थान में जैसलमेर की कचरा डंपिंग साइट पर रविवार को करीब पांच सौ से ज्यादा की संख्या में गायों के सड़े हुए शव मिलने के वीडियो सामने आया है. डंपिंग यार्ड में नगरपरिषद के मृत पशुओं के अधिकृत हड्डी ठेकेदार द्वारा इन मरी हुई गायों के शवों के निस्तारण न करने से आमजन में नाराजगी का माहौल व्याप्त है.
उधर, जैसलमेर जिला कलेक्टर अनुपमा जोरवाल ने इस संबंध में मामले को गंभीरता से लेते हुए फैक्चुअल रिपोर्ट मांगी है. इसके अलावा नगरपरिषद कमिश्नर लजपाल सिंह सोढा ने भी इस मामले में संज्ञान लेते हुए यार्ड के मृत पशुओं के ठेकेदार को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है. फिलहाल नगरपरिषद ने मृत पशुओं को डंपिंग यार्ड से हटाकर निस्तारण कर दिया है.
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महोदय,
वर्ष 2014 के पश्चात, जब ट्रेन संख्या 11053/54 शुरू हुई थी(कुल 11 वर्ष बाद) एक नई ट्रेन आजमगढ़ से चलाने हेतु घोषित हुई थी(ट्रेन संख्य 12527/28) जिसे शुरू होने से पहले ही छपरा तक विस्तारित कर दिया गया है।
क्यों?
ऐसी भी क्या नफरत आजमगढ़ से???
सुप्रीमकोर्ट ने अमीर दलितों को मिलने वाले आरक्षण पर एकबार फिर सख्ती दिखाई और कहा दलित IAS के बच्चों को आरक्षण क्यों मिलना चाहिए ? ये कहते ही अमीर दलित बिलबिला उठे।
इस पर मेरी राय है दलित IAS के बच्चों को बिल्कुल नहीं आरक्षण नहीं मिलना चाहिए। दलित IAS का बच्चा महंगे स्कूल, AC में पढ़ाई करेगा और गरीब दलित का बच्चा सरकारी स्कूल और दिये की रोशनी में पढ़ाई करेगा। दोनों में मुकाबला कहा ? उसके हिस्से का आरक्षण तो गरीब दलित खा जाएगा। इसलिए दलित आरक्षण में क्रीमी लेयर का प्रावधान होना चाहिए
किस एंगल से लग रहा है कि इनका कभी शोषण हुआ है? इनका कोई भला शोषण कर पाएगा? शोषण की कहानियां सिर्फ आरक्षण और सरकारी खजाने पर डांका डालने के लिए लिखी गई हैं।