गरज उठे गगन सारा, समंदर छोड़े अपना किनारा,
हिल जाये जहान सारा, जब गूंजे महाकाल का नारा।
@समय सबसे बड़ा बलवान
@जिंदगी में कुछ अच्छा करना है मानवता,इंसानियत
अल्लाह के खातिर भारत हमारी मदद करे।
पाकिस्तान सरकार हमारे खून की प्यासी बन चुकी है।
PoJK की जमीन खून से लाल होकर रक्तरंजित हो चुकी है।
पाकिस्तानी मिलिट्री जहां हमें देख रही है गोली मार रही है।
: PoJK की महिला
यह वीडियो मुख्य रूप से बलूच भा��ा में है और इसमें संस्कृत के धार्मिक मंत्र जैसे "ॐ नमः शिवाय" शामिल हैं।
वीडियो के बोल (Lyrics) और उनका हिंदी अर्थ नीचे दिया गया है:
वीडियो के मुख्य बोल और हिंदी अनुवाद:
Ay Shiva, Balochistan-a azaat!
हिंदी अर्थ: हे शिव, बलूचिस्तान स्वतंत्र हो!
Om Namah Shivaya!
हिंदी अर्थ: ॐ नमः शिवाय! (भगवान शिव को प्रणाम)
Hinglaj-a maat, Kailash-a piyar!
हिंदी अर्थ: हिंगलाज माता, कैलाश का प्रेम।
Koh-a sarok, thai naam gushit
हिंदी अर्थ: पहाड़ों का शिखर आपका नाम पुकारता/लेता है।
Hingol-a aap, thai paad shodit
हिंदी अर्थ: हिंगोल नदी का जल आपके चरण धोता है।
Makran-a khaak, bhasma bushit
हिंदी अर्थ: मकरान की मिट्टी आपकी भस्म (राख) है।
Baloch-a dil, thai daaman gerit
हिंदी अर्थ: बलूच का दिल आपका आंचल/दामन थामे हुए है।
Maar-a gardan, chandan-a maath
हिंदी अर्थ: गले में सर्प (सांप) और मस्तक पर चंदन।
Damambar-a tang, aasman-a raah
हिंदी अर्थ: डमरू की ध्वनि, आसमान का मार्ग।
Sindh cha Makran, ek khoda-e-haq
हिंदी अर्थ: सिंध से लेकर मकरान तक, एक ही सत्य ईश्वर।
Jai Mahadeva! / Jai Bholenath! / Jai Shiv Shankar!
हिंदी अर्थ: जय महादेव! / जय भोलेनाथ! / जय शिव शंकर!।
Azaat-a shab, azaat-a roch
हिंदी अर्थ: स्वतंत्र रात, स्वतंत्र दिन।
Hinglaj-a maat, thai putra-a soch
हिंदी अर्थ: हे हिंगलाज माता, अपनी संतानों (पुत्रों) के बारे में सोचें/कृपा करें।
Tandav-a raqs, Baloch-a zameen!
हिंदी अर्थ: बलूच की धरती पर तांडव नृत्य!
इस्लामिक देश में शिव स्तुति।
भगवान शिव की जय।
हिंगलाज माता की जय।
सनातन धर्म की जय।
प्रिय भारतवासियों,
आपकी इतिहास की किताबों में वर्षों तक मुगल शासकों का महिमामंडन किया गया था।
जब धर्मेंद्र प्रधान ने NCERT की पुस्तकों से उन विदेशी आक्रमणकारियों का महिमामंडन करने वाले हिस्सों को हटाया, तब से ही विदेशों में बैठी ताकतवर लॉबी लगातार उन्हें निशाना बना रही थी।
इसलिए धर्मेंद्र प्रधान के योगदान को कभी मत भूलिए।
: रेनी लेन, अमेरिकी लेखक
Taking inspiration from our PM ji and posting a selfie video, do let me know your thoughts about my thoughts he he , also aap sab ko Guru Poornima ki hardik shubhkamnaein 🪷🙏
@RubikaLiyaquat Iss par sawal Kab pooch rahi ho sarkaar se mohtarma. Tum logo ko isiliye peeta jaata hai. Zameer zinda hai ya haram ke paise ke neeche dab kar mar gaya?
मीडिया के ख़िलाफ़ फैलाई नफ़रत में ख़ुद ही फँसते हुए देख कर दुख हुआ।
वो ��ो शुक्र है मास्क वाले ‘सिपाहियों’ का कि कुछ अनहोनी नहीं हुई।
वो कौन सा दोहा है?
करता था सो क्यों किया, अब करि क्यों पछताय।
बोया पेड़ बबूल का, आम कहाँ से खाय॥
कहाँ गया वो नफ़रती कीड़ा जिसकी देन है ये नफ़रत? उसने अजीत जी का कुशल मंगल जाना के नहीं?
ये CJP की Gen Z मादाएं हैं, इसके नारे सुनिए
- देश का युवा रोता है, मोदी का L छोटा है
ये अपने मां-बाप को मुंह कैसे दिखा पाते होंगे ? इन्हें देश के PM का प्राइवेट पार्ट छोटा लगता है
विडंबना ये है कि ऐसे जाहिलों को क्रिएटिव व क्रांतिकारी युवा बताया जा रहा है
इस भाषा के बाद कोई लड़का छोटा बड़ा दिखा दे इन्हें तो तुरंत उसको जेल भेज दिया है
युवा शक्ति के नाम पर नीचता, निर्लज्जता, बेशर्मी और जाह��लियत का नंगा नाच हो रहा है
और अर्बन नक्सल व लिब्रांडू गैंग इन्हें भगत सिंह जैसा क्रांतिकारी बताने में लगी है
स्वर्गीय मुलायम सिंह जी ने सैफई में ग्रामीण आयुर्विज्ञान संस्थान बनाने का एक निर्णय लिया था,
5 वर्षों तक अखिलेश जी भी तो मुख्यमंत्री थे, उनको फुर्सत नहीं थी इसको आगे बढ़ाने की...
हम लोगों ने यहां पर 500 Bedded का Super Speciality Block ₹490 करोड़ की लागत से पूरा करवाने का काम किया...
अकेले शेर ने CJP के नैरेटिव को उखाड़ फेंक दिया
एक सवाल CJP गैंग की हवा निकाली बोलती बंद
पंजाब में AAP, कर्नाटक में कांग्रेस और NEET तीनों में पेपर लीक फिर सिर्फ धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा क्यों?
राधाकृष्णन कौन हे ...विजेता नहीं पता
NEET रिफॉर्म के समीक्षा के लिए गठित हुई कमिटी
नाच-गाना, बर्गर खाना समस्या नहीं राधाकृष्णन का नाम तक पता नहीं यह समस्या है
आनंद रंगनाथन @ARanganathan72 🔥👏
ठीक 15 साल पहले…
सुबह का सूरज भी नहीं निकला था, लेकिन कानपुर और लखनऊ में एक इंजीनियरिंग परीक्षा का प्रश्नपत्र खुलेआम बिक रहा था — कीमत थी ₹6 लाख।
उस समय देश के शिक्षा मंत्री कपिल सिब्बल थे और सीबीएसई के चेयरमैन विनीत जोशी। AIEEE परीक्षा सीबीएसई ही कराती थी।
उधर देशभर में लाखों छात्र परीक्षा केंद्रों पर बैठ चुके थे। इधर उत्तर प्रदेश पुलिस ने पेपर लीक का खुलासा किया और इसकी जानकारी दिल्ली तक पहुंची। सवाल उठे, लेकिन किसी बड़े स्तर पर जवाबदेही तय नहीं हुई। नया प्रश्नपत्र भेजकर दोबार��� परीक्षा करा दी गई और मामला ठंडा पड़ गया, जैसे कभी कुछ हुआ ही नहीं।
ऐसी घटनाओं ने समय के साथ पेपर लीक की समस्या को और गंभीर बना दिया।
आज तस्वीर अलग है। पेपर लीक के मामलों में गिरफ्तारियां होती हैं, सख्त कानूनों के तहत कार्रवाई होती है, जांच तेज होती है, अधिकारियों पर जवाबदेही तय होती है और सरकार पर लगातार दबाव बना रहता है। सोशल मीडिया ने भी हर मामले को राष्ट्रीय बहस का विषय बना दिया है।
बस यही सबसे बड़ा फर्क है।
2011 में बहुत कम लोगो�� ने पूछा था कि जिम्मेदारी कौन लेगा, जांच कहां तक पहुंची और किस पर कार्रवाई हुई। आज जनता सवाल भी पूछती है और जवाब भी मांगती है।
लोकतंत्र में यही जागरूकता व्यवस्था को बेहतर बनाने की सबसे बड़ी ताकत है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की सरकार लगातार इस व्यवस्था को और सुदृढ़ करने के लिए प्रयासरत है।
अमन चोपड़ा -- 1994 में सपा सरकार ने पेपर लीक वाला बिल वापस क्यों लिया था ..?
अनुराग भदौरिया - सवाल ये है ...
अमन -- सवाल में पूछूंगा ,आप जवाब दो
अनुराग -- सवाल ये है ..😂
@anuragspparty क्यों अपनी बेइज्जती करवाने जाता है ?
1-मिस काल पर गैस सिलेण्डर।
2-आ���लाइन बिलों का भुगतान।
3-यू पी आई पेमेन्ट।
4-डीजी लाॅकर।
5-जन औषधि केन्द्र।
6-आयुष्मान कार्ड।
7-नयी संसद भवन।
8-फ्री वैक्सीनेशन।
9-जन धन योजना।
10-सर्जिकल स्ट्राईक।
11-ऑपरेशन सिन्दूर।
12-��ीन तलाक़ बिल।
13-आधार लिंक।
14-फास्ट टैग।
15-चिनाब ब्रिज।
16-जम्बू की सुरंग।
17-गंगा एक्सप्रेस-वे।
18-काशी कोरीडोर।
19-विश्वनाथ कोरीडोर। 20-केदारनाथ पुनर्निर्माण।
21-श्री राम मन्दिर निर्माणह
22-सुकन्या समृद्धि योजना।
23-शौचालयों का निर्माण।
24-रेलवे पटरियों का दोहरीकरण।
25-रेलवे स्टेशनों का विस्तार।
26-टिकट बुकिंग में दिन कम।
27-टिकट कैंसिलेशन सुविधा।
28-स्वर्णिम चतुर्भुज योजना।
29-भारत माला प्रोजे��्ट।
30-18 एम्स का निर्माणह
31-S I R
32-महात्मा गाँधी सेतु पुनर्निर्माण।
33-भूपेन हजारिका सेतु।
34-सेना का आधुनिकीकरणह।
35-मेक इन इण्डिया।
36-ड्रोन क्रान्ति।
37-किसानों के खाते में सीधे पैसे। 38-राशन डिजिटलाईजेशन।
39-फ्री राशन।
40-कन्या सुमंगला योजनाह
41-G S T लागू करना।
42-G S T में भारी कटौती।
43-सांस्कृतिक धरोहरों का संरक्ष।
44-तालाबों का निर्माण।
45-हर घर नल से जल।
46-22 घण्टे बिजली।
47-इनकम टैक्स में अभूतपूर्व छूट।
48-धारा 370 का हटाना। 49-553 नये रेलवे स्टेशन। 50-1500 नये ओवर ब्रिज। 51-200 से अधिक बेकार कानून हटाना।
52-E D के रिकार्ड तोड भ्रष्टाचारियों पर छापे।
53-3000 रु में फास्ट टैग की वर्षभर की छूट।
54-E V M में VVPAT लागू करना।
55-कर्��व्य पथ मार्ग।
56-नोटों में सांस्कृतिक धरोहरों के चित्र।
57-नांलदा यूनिवर्सिटी का पुनर्निमाण।
58-तेजस का घरेलू उत्पादन।
59-सेल फोन निर्माण में आत्मनिर्भरता।
60-मुद्रा योजना।
61-उज्ज्वला योजना।
62-सुरक्षा बीमा।
63-390 नये विश्वविद्यालय
64-7 नये ीत
65-7 नये IIM
66-16 नये IIIT
67-300 नये मेडिकल कालेज।
68-पम्बन ब्रिज का निर्माण।
69-ऋषिकेश -कर्णप्रयाग रेलवे प्रोजेक्ट।
70-उत्तराखंड चारधाम सड़क निर्माण।
71-ब्रह्मोस उत्पादन फैक्ट्री।
72-असाल्ट रायफल निर्माण अमेठी।
73-वन्दे भारत आधुनिक ट्रेनें।
74-वक्फ बोर्ड प्रापर्टी पर कानून।
75-रेलवे में बायोट्वायलेट।
76-श्रम हित के श्रम कानूनों को लागू करना।
77-G RAM जी योजना लागू करना।
78-सड़कों के निर्माण में भारत चीन को पीछे छोड़ चुका है।
79-12 ��ाख युवाओं को सरकारी नौकरियाँ।
80-8 लाख से अधिक कार्मिशियल लाइसेंस आवन्टन।
81-80,000 नये पैट्रोल पम्प।
82-शौर्य स्थल का निर्माण।
83-रेल बजट का आम बजट में विलय।
84-9000 से अधिक नये स्कूल। 85-अवैध निर्माणों पर बुल्डोजर। 86-बार्डर पर फैन्सिंग।
87-आर्मी को आतंक के विरुद्ध खुली छूट।
88-विकास कौशल योजना।
89-विमुद्रीकरण।
90-टोल नाके समाप्त करके फास्ट टैग सुविधा।
91-चन्द्रयान।
92-मंगल मिशन।
93-मल्टी सैटेलाईट स्टैबिलाइजेशन।
94-बिहार में बाढ प्रभावित क्षेत्रों को कम करना।
95-लाईनें ख़त्म।
96-स्मार्ट सिटी विस्तार।
97-किसानों को यूरिया कोटिंग।
98-P F निकालना सुविधाजनक हुआ।
99-निजी और घरेलू क्षेत्रों में 5 करोड़ से अधिक नये रोज़गार का सृजन।
100-कृर्षि कानून पारित हुये होते तो दलाली भी ख़त्म होती और मण्डियों पर बहुत से बांग्लादेशियों के अवैध कब्ज़े भी ख़त्म हुये होते।
इसलिये भाजपा और मोदी जी के साथ डटकर खड़े रहिये, और विपक्ष की साज़िशों को समझिये।