जिस तरह सन 2014 से ही विपक्ष एक से एक नए फेक narative गढ़ रहा है, वरिष्ठ और राष्ट्रवादी पत्रकार @AshokShrivasta6 ने सबूतों के साथ अपनी पुस्तक "मोदी vs खान मार्केट गैंग" में संकलित किया है।
मुझे लगता है सभी को यह पुस्तक अवश्य पढ़नी चाहिए ।
इस पुस्तक के द्वितीय भाग का इंतजार रहेगा
🇮🇳 जयशंकर का पाकिस्तानी पत्रकार को जबरदस्त जवाब! 💥🔥
पाकिस्तानी पत्रकार ने पूछा — “भारत-पाकिस्तान संघर्ष कब तक चलेगा?”
विदेश मंत्री एस. जयशंकर का तुरंत करारा जवाब: “आप गलत मंत्री से पूछ रहे हैं। आपको पाकिस्तानी मंत्री से पूछना चाहिए कि पाकिस्तान आतंकवाद का अभ्यास कब तक जारी रखेगा?”
दुनिया देख रही है — भारत अब सीधा, सख्त और बेबाक जवाब देता है! 👏
भारत बोलता है, दुनिया सुनती है! 🇮🇳
#Jaishankar #IndiaPakistan #Terrorism #StrongIndia #BharatFirst
चंदन गुप्ता हत्या केस को लेकर NIA कोर्ट के स्पेशल जज विवेकानंद शरण त्रिपाठी का फैसला
🫵🏻
3 जनवरी, 2025 को, NIA कोर्ट के स्पेशल जज विवेकानंद शरण त्रिपाठी (वी.एस. त्रिपाठी) ने 26 जनवरी, 2018 को कासगंज के अभिषेक उर्फ चंदन गुप्ता की क्रूर हत्या में मुस्लिम समुदाय के 28 आरोपियों को दोषी ठहराया और उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
यह भयावह हत्या चंदन की तिरंगा यात्रा के दौरान मुस्लिम समुदाय के लोगों ने की थी।
आजीवन कारावास की सजा के अलावा, जज त्रिपाठी ने अपने फैसले में एक और महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया है और वह है पैसे के लिए किसी का भी प्रतिनिधित्व करने के लिए महंगे वकीलों की तैयारी!
आज तक सुप्रीम कोर्ट या हाईकोर्ट के किसी भी जज द्वारा इस मुद्दे पर कभी टिप्पणी नहीं की गई है।
सजा सुनाते हुए, जज त्रिपाठी ने अपराधियों को बचाने में शामिल राष्ट्रीय और विदेशी NGO की भूमिका पर सवाल उठाए और उन्हें रोकने के लिए अपने आदेश की एक कॉपी केंद्रीय गृह मंत्रालय और बार काउंसिल ऑफ इंडिया को भेजी है।
जज त्रिपाठी ने अपने आदेश में कहा था कि, “इन एनजीओ को कहां और कौन फंडिंग कर रहा है, उनका अंतिम उद्देश्य क्या है, इसकी पूरी जांच करने की जरूरत है।
ऐसा आरोप है कि जब भी कोई आतंकवादी पकड़ा जाता है, तो ऐसे एनजीओ तुरंत उसका बचाव करने के लिए बहुत महंगे वकील उपलब्ध कराते हैं।
यह राष्ट्रीय सुरक्षा चिंता का विषय है।”
कोर्ट ने अपने आदेश में निम्नलिखित 7 एनजीओ/संगठनों के नाम दिए हैं।
1. सिटीजन्स फॉर जस्टिस एंड पीस, मुंबई
2. पीपुल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज, दिल्ली
3. रिहाई मंच
4. अलायंस फॉर जस्टिस एंड अकाउंटेबिलिटी, न्यू यॉर्क
5. इंडियन अमेरिकन मुस्लिम काउंसिल, वॉशिंगटन डीसी
6. साउथ एशिया सॉलिडेरिटी ग्रुप, लंदन
7. जमीयत उलेमा हिंद
जस्टिस त्रिपाठी का यह आदेश वास्तव में ऐतिहासिक है और उन्होंने सरकार से समान मांग की है। हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस करने वाले वकीलों की फीस सार्वजनिक रूप से उपलब्ध होनी चाहिए और उनकी संपत्ति की घोषणा भी सार्वजनिक जानकारी के लिए प्रकाशित करनी चाहिए।
उन्होंने हर साल कितना आयकर चुकाया है, यह भी सार्वजनिक करना चाहिए; वकीलों की फीस केवल चेक/बैंकिंग चैनलों के माध्यम से ही वसूली जानी चाहिए; सुप्रीम कोर्ट के शीर्ष वकीलों से वकील फीस की प्राप्ति के बारे में शपथपत्र मांगने चाहिए कि उनकी फीस किसने चुकाई थी, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि किसी आतंकवादी संगठन को फंडिंग की गई थी या नहीं।
जज त्रिपाठी के इस ऐतिहासिक आदेश का सभी देशभक्त भारतीयों द्वारा स्वागत और समर्थन किया जाना चाहिए!
रोहिंग्या बांग्लादेशी घुसपैठियों को देश से निकालने की मांग करने वाली एडवोकेट अश्विनी उपाध्याय की याचिका 2017 से लंबित है।
दो रोहिंग्या, मोहम्मद सलीमुल्लाह और मोहम्मद शाकिर, जो भिखारी जैसे दिखते थे और खराब हालत में रहते थे, उनके लिए छह उच्च स्तर के वकील सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए।
ये वकील थे - डॉ. राजीव धवन, प्रशांत भूषण, डॉ. अश्विनी कुमार, कॉलिन गोंसाल्विस, फली एस. नरीमन और कपिल सिब्बल।
जबरन धर्मांतरण रोकने के लिए एडवोकेट अश्विनी उपाध्याय की याचिका का 10 महंगे शीर्ष वकील विरोध कर रहे हैं।
पूजा स्थल कानून को चुनौती देने वाली उपाध्याय की याचिका का 22 शीर्ष वकील विरोध करते हुए देखे गए हैं। इनमें सांसद, विधायक और पूर्व कानून मंत्री, गृह मंत्री, विदेश मंत्री और शिक्षा मंत्री भी शामिल हैं।
ऐसे शीर्ष वकीलों के कारण यह याचिका लंबे समय से लंबित है।
सिर्फ अक्टूबर 2024 में, एक अन्य NGO - सोशल ज्यूरिस्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की और केंद्र से "रोहिंग्या शरणार्थियों के बच्चों को" सरकारी स्कूलों में प्रवेश देने की अनुमति मांगी।
जब हाईकोर्ट ने याचिका खारिज कर दी कि रोहिंग्या विदेशी हैं और उनके पास देश में प्रवेश की कानूनी अनुमति नहीं है और वे देश की सुरक्षा के लिए खतरा हैं, तब यह NGO सुप्रीम कोर्ट पहुंचा और SC ने कहा कि रोहिंग्याओं के बच्चों को शिक्षा दी जाएगी।
ऐसे कई वकील और NGO हैं, उन सभी के फंड की जांच होनी चाहिए।
ताकि हमारी निरंकुश और असंवेदनशील न्यायपालिका भी जवाबदेह बन सके ।
कोई केंद्र से मिली राहत सामाग्री जैसे टेंट और तिरपाल को जरुरतमंद को बांटने के बजाय बेच रहा है, तो किसी ने विकलांग को देने वाली व्हीलचेयर ही दबा ली, तो वहीं एक महारथी के खेतों से नोटों की बोरियां निकल रही हैं।
किसी के घर सोना यानी गोल्ड का बना बेड मिल रहा है। किसी का महलनुमा घर देखकर जनता दंग है। वहीं किसी के घर से कैश, गोला, बारूद और बंदूकें बरामद हो रही हैं।
बंगाल में चुनाव नतीजों के बाद ममता बनर्जी के धुरंधरों के कारनामे देखकर हैरानी हो रही है।
वैसे, ममता बनर्जी सरकार में विकास कार्य प्रगति पर तो था। बस लाभार्थी उनके "अपने" थे।
बाकी बची जनता, तो उसे आदत है। क्यों फिक्र करना?
इजरायली खुफिया एजेंसी ने अपनी खुफिया रिपोर्ट में यह खुलासा किया है:
काक्रोच ध्रुव राठी, जो हिंदू बनकर मोदी-विरोधी, भाजपा-विरोधी, आरएसएस-विरोधी और सनातन-विरोधी अभियान चला रहा है, असल में मुसलमान है! उसका असली नाम बदरु राशिद है, पूरा नाम बदरुद्दीन राशिद लाहौरी है। उसका जन्म लाहौर, पाकिस्तान में हुआ था।
उसकी पत्नी जूली (जिसका नाम ईसाई धर्म से मिलता-जुलता है) भी पाकिस्तानी मुसलमान है, जिसका असली नाम जुलेखा है। वे कुख्यात वैश्विक गैंगस्टर दाऊद इब्राहिम के कराची स्थित गुप्त अलीशान बंगले में रहते हैं, जहां उन्हें आईएसआई और पाकिस्तानी सेना की वाई+ और जेड+ सुरक्षा प्रदान की जाती है।
बदरु राशिद (ध्रुव राठी बनकर) को पाकिस्तान, चीन, दुबई, मालदीव, कनाडा, रूस, तुर्की और पेंडोरा से धन मिलता है, कभी-कभी जॉर्ज सोरोस के खाते के माध्यम से भी। लेकिन अब इस हिंदू-विरोधी और भारत-विरोधी तत्व का भंडाफोड़ हो गया है।
सभी सनातनियों से अनुरोध है कि वे इस खुलासे को जितना हो सके साझा करें और हमारे देश के हित में बदरु राशिद की सच्चाई को उजागर करें।🇮🇳
यूपी में “यादवों का आतंक” 1 दशक बाद दिखा?
हेल्लो डिम्पल जी कहाँ हो प्रेस कांफ्रेंस नहीं करोगी?
सपा नेताओं ने “प्राईवेट पार्ट” को नोचा लात घूंसे मारे, बाल पकड़कर घसीटा?
सपा नेता मनोज यादव, अमित यादव, प्यारे लाल यादव, ने सपा के पिछड़े वर्ग की अध्यक्ष गार्गी पटेल के प्राईवेट पार्ट पर लात घूँसे बरसाया?
लड़की हूँ लड़ सकती हूँ बिल में घुस गयी?
यही PDA है?
इसका नाम मोहम्मद मुकद्दस है
उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर का रहने वाला है
इसने जबरदस्ती अपना फोन नंबर एक हिंदू लड़की को दिया
उस लड़की को यह पहले से छेड़खानी कर रहा था फिर लड़की ने अपने पिताजी से सारी बात बताई
फिर जब उस लड़की के पिता इससे यह पूछने आए कि तुम यह हरकत क्यों कर रहे हो ?
तब इसने हिंदू लड़की के पिता पर हमला करके भाग गया
उत्तर प्रदेश पुलिस ने इसे पकड़ कर हवालात में डाला
अब ये हाथ जोड़कर माफी मांग रहा है
अब सयमा जैसी जिहादान रहेगी यह डॉक्टर ने इसको अपना मोबाइल नंबर हिन्दू लड़कियों को देने को कहा है क्योंकि इसको मेडिकल प्रॉब्लम है
A bull cried so much before being slaughtered that the earth beneath him became wet with his tears. 💔💔
He struggled, he trembled, he looked around with fear in his eyes as if begging for mercy, as if asking one silent question
What wrong have I done to deserve this?
His tears were real,His fear was real,His pain was real.
When a helpless living being stands before us shaking with fear, crying for life, trusting us to spare him… can ending that life truly be called an act of faith?
Can any religion ask for compassion on one side and ignore tears on the other?
Before the knife falls, before blood touches the ground listen to the cry of that bull.
If his tears can wet the earth, shouldn’t they also touch our hearts?
Will such slaughter in the name of religion ever be justified?
पश्चिम बंगाल में सरकार बदलते ही बांग्लादेशियों के अंदर डिटेंशन कैंप में जाने का खौफ देखिये
यह पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के बीच में चलने वाली ट्रेन है
यह ट्रेन जब पश्चिम बंगाल से बांग्लादेश की पहले स्टेशन पर पहुंची तब इस ट्रेन का आप नजारा देखिए बांग्लादेश की मीडिया अभी बड़ी तादाद में इसकी कवरेज करने के लिए पहुंची है
अब बांग्लादेश के एक मंत्री कह रहे हैं कि हमारे एक करोड़ लोग भारत में अवैध रूप से रहते हैं अगर इसमें से 20% लोग भी बांग्लादेश में आ जाएंगे तो हमारा पूरा सिस्टम चरमरा जाएगा
बांग्लादेश की वहशी तस्वीर, पूरा देश नरक बन गया है।
बारीसाल में बेटी अपने पिता के सामने रेप की कहानी बता रही है। बदमाश लड़की के पिता के सामने ही उसका रेप करते हैं। रेप किसी भी तरह से रुकने का नाम नहीं ले रहे। अफ़सोस, बांग्लादेश।
पश्चिम बंगाल में वर्षों से खुले आम घुसपैठिए भारत के नागरिक बनकर रह रहे थे।सबको पता था फिर भी देश के ‘so called’ पत्रकारों ने इस खबर को छुपाए रखा।कभी मुश्किल सवाल नहीं पूछे, कोई मुहिम नहीं चलाई।क्या ये देश के साथ बेईमानी नहीं है?
यही हैं OG GODI MEDIA !
इन्हें पहचानिए!
भारत में “PETA” वालों ने सिर्फ एक बार बकरीद पर बकलोली की थी।
“शांतिप्रिय” समुदाय ने इतना “शांतिपूर्ण” तरीके से पटक-पटक कर शांति प्रदान की कि तब से आज तक दोबारा “PETA” वालों के पेट में बकरीद के जानवरों के प्रति कोई भाव नहीं जगा। ☺️
साँप सिर्फ मेरे बिस्तर के नीचे नहीं हैं‚ तुम्हारे बिस्तर के नीचे भी हैं। तुम सो रहे हो‚ इसलिए तुम निश्चिंत हो। मैं बेचैन हूं‚ क्योंकि मैंने उन्हें देख लिया है।
याद रखना‚ 90% पारसी आबादी वाला पर्सिया मात्र 100 साल में ईरान बन गया था और अब वहाँ एक भी पारसी नहीं बचा है।
- अश्विनी उपाध्याय
आज बकरा 🐐 ईद है। 😢
यह हाल देख लीजिए एक बार। 🥹
बांग्लादेश की गलियों का हाल देख लो आप।
जहाँ बकरो के खून का नाला बह रहा है। 😢😢
बस इसी चक्कर में हिंदुओं ने मुंबई में बकरे बांधने का विरोध किया। 😥
क्योकि उसके बाद ऐसा ही नाला मुंबई में भी बहता।😒
28 एकड़ से भी ज्यादा जमीन और बीच में ये विशाल हवेली...
यह किसी राजा की नही है, बल्कि
यह ममता के डीसीपी शांतनु सिंहा विश्वास की है...🤔
सोंचिए... एक मामूली अधिकारी के पास करोड़ों अरबों की सम्पत्ति है
तो बाईजी के पास कितनी सम्पत्ति होगी...😠
क्या पार्किंग अब बूचड़खाना बन गई?
मेट्रो सिटी में बकरीद की सामूहिक कुर्बानी पर सवाल
लखनऊ के पेपर मिल कॉलोनी स्थित मेट्रो सिटी नाम की कॉलोनी में सोसाइटी की पार्किंग में पर्दा लगाकर 50-60 बकरे काटे जाएंगे।
@Uppolice बेजुबान जानवरों के रोने की आवाज... बच्चों और बुजुर्गों पर क्या असर होगा?
@lkopolice कृपया ध्यान दें, पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।
@LkoCp जी, जब @myogiadityanath जी ने सार्वजनिक स्थानों पर जानवर काटने पर रोक लगाई है, तो सोसाइटी की कॉमन पार्किंग में यह कैसे हो सकता है?
@DCP_South जी नियम सबके लिए एक होने चाहिए। निवेदन है कि मामले का तुरंत संज्ञान ले।
बांग्लादेश,या पाकिस्तान की तस्वीर नहीं है।
देश की राजधानी दिल्ली के थाना अमन विहार के मुबारकपुर डबास,भाग्य विहार मंगल बाज़ार चौक का है।
जहाँ खुलेआम बेजुबानों को काटा जा रहा है।
उससे भी शर्मनाक SHO अमन विहार जिन हिन्दुओं ने कॉल करके शिकायत करी उनको ही उठा कर थाने ले गए।
@KapilMishra_IND@CPDelhi@HMOIndia@dcprohinidelhi@LtGovDelhi
असम में एक मेंटली चैलेंज्ड आदमी को भूख लगी तो बिना बुलाए एक शादी में शामिल हो गया।
वो मेहमानों के साथ खाना खाने लगा वो किसी बड़े ही दिलवाले की शादी थी तो किसी ने रोका नहीं
जिसके यहां शादी थी उसको नहीं पता था कि पागल सा आदमी उससे भी बड़ा दिलवाला है
जाने से पहले, उसने अपनी फटी हुई जेब से 10 रुपए निकाले जो शायद उसकी कुल जमा पूजी का एक बड़ा हिस्सा था दुल्हन के हाथ में शगुन के तौर पर रख दिए और चला गया!🥹❤️