प्रेम बसता हो रब के लिए जिनके दिलों में वो सर झुकाने के लिए मंदिर, मस्जिद नहीं ढूंढते।
इंसानियत हो कर्म जिनका, वो धर्म के नाम पर मासूमों के खून से नहीं खेलते।।
Me ❣️
जय सियाराम 🙏🙏
सुनो ❤️
हमें आपसे कोई उपहार या गुलाब नहीं चाहिए...
बस आपका ख़ूबसूरत साथ चाहिए..
कह सकू अपने दिल की हर बात आपसे बेझिझक ....
उस अपनेपन का एहसास चाहिए...
ज़्यादा बड़े या महंगे सपने नहीं है हमारे...
आपको बस अपना कह सकें
ये अधिकार चाहिए.....!❤️
@GuptaKankshi