इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने ट्रम्प को अपने और अपने देश का अपमान करने के लिए दो टूक जवाब दिया
ट्रम्प ने शेखी बघारते हुए कहा था कि मेलोनी ने उनके साथ फोटो खिंचवाने की भीख मांगी थी
बस फिर क्या था - मेलोनी ने ट्रम्प की खटिया खड़ी कर दी
सीधे कहा “न मैं, ना इटली भीख मांगते हैं”.
साथ ही इटली के विदेश मंत्री ने अपना अमेरिकी दौरा भी रद्द किया
ऐसा करके मेलोनी ने साबित कर दिया कि राष्ट्राध्यक्ष के अंदर रीढ़ की हड्डी होना कितना ज़रूरी है - खासतौर से तब जब बात राष्ट्रसम्मान पर आ जाए
और सोचिए, इटली की टोटल आबादी मात्र 6 करोड़ है!
इधर दूसरी तरफ़ 145 करोड़ लोगों के प्रधानमंत्री को हीहीखीखी से फुर्सत नहीं
उनको पर्ची से पढ़कर 6 बार ट्रम्प को
excellency बोलते वक़्त एक बार भी अपना और देश का अपमान याद नहीं आया
उन्हीं के बगल में बैठ कर ट्रम्प ने 3 भारतीय नाविकों की अमेरिका द्वारा की गई क्रूर हत्या की बात पर न कोई खेद व्यक्त किया, न कोई माफ़ी माँगी - और हमारे प्रधानमंत्री के मुँह से चूँ नहीं निकली
मेलोडी लिए फिरते हैं - कुछ सीखिये मेलोनी से - कैसे अपने देश के अपमान का मुंहतोड़ जवाब दिया जाता है - मुँह में दही जमा कर बैठा नहीं जाता
लेकिन आप शायद वह साहस ना दिखा पायें, क्योंकि आपको तो ब्लैकमेल किया जा रहा है - आपकी तो नस अमेरिका ने दबाई हुई है
मेरी माँ को बहुत डर था की मुझे ये सरकार जेल में डाल देगी। इस देश में उस हर माँ को ये डर होता है जब उनका बच्चा इस सरकार के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाता है।
कब तक हम इस सरकार से डर कर जियेंगे?
#cjpprotest