राज्य पुष्प रोहिड़ा पर बैठा राष्ट्रीय पक्षी मोर ओर नीचे बैठे दोनों राज्य पशु ऊंट ओर चिंकारा।पीछे बैकग्राउंड में राज्य वृक्ष खेजड़ी भी दिखाई दे रहे है। एक तस्वीर जिसका हर कर्ता राष्ट्रीय या राज्य सिंबल है।एक तस्वीर मे पांच सिंबल अपने आप में एक पावरफुल तस्वीर है।
राजस्थान का हर राज्य सिंबल सिर्फ पश्चिमी राजस्थान से ही है फिर भी इसे विरान रेगिस्तान मानकर उजाड़ना कहां तक उचित होगा?
मेरा गॉंव है ये बारिश में भीगते हिरणों का नजारा शायद डिस्कवरी पर देखा हो आपने।
धवा डोली वन्यजीव क्षेत्र का ये अद्भुत नजारा हमने अपने कैमरे में कैद किया है
आपकी एक छोटी सी मदद किसी के लिए कितनी राहत भरी हो सकती है, देखिए
इस केस में मदद करने वालों ने न अपना चेहरा दिखाया है, न अपना नाम बताया है। यही इस वीडियो की खूबसूरती भी है। बाकी ऐसे मदद के वीडियो नेता लोग अपने प्रचार के लिए खूब बनाते हैं।
देश के जाने-माने अर्थशास्त्री सुरजीत भल्ला ने कल के Indian Express में भारत के वर्तमान चिंताजनक आर्थिक हालात को लेकर एक विचारोत्तेजक लेख लिखा। बहुत से लोगों ने उस लेख को शेयर भी किया था।
अंग्रेजी में उसका शीर्षक था -
BJP is winning the elections but losing the economy.
हिंदी में -
बीजेपी चुनाव जीत रही है, लेकिन अर्थव्यवस्था हार रही है।
उस लेख में क्या कहा गया है, यह संक्षेप में जानने के लिए सौरभ द्विवेदी का यह वीडियो देख सकते हैं।
‘मेरे पति जानते हैं कि मैं Sex Worker हूँ’ Inside Sonagachi, Asia’s Biggest Red Light Area| Pinch
देखिए सोनागाछी से @Abhinav_Pan की पूरी रिपोर्ट -
https://t.co/drVPbFo9NL
Kolkata | Sonagachi | S*x Worker | West bengal
क्या कोई इस बिटिया के परिवार के किसी व्यक्ति का नॉ दिला सकता है जिसके माध्यम से बिटिया को सुविधा सुलभ कराई जा सके ? @TheVishwastrust या @OfficeOfDKV के संदेश बॉक्स में मुहैया कराएँ 🙏
आपने छोटे बदर पंच-कुन का वीडियो देखा होगा! इसकी कहानी बड़ी मार्मिक है। 26 जुलाई 2025 को जब इस मकाक प्रजाति के बंदर का जन्म हुआ। पंच की मां इतनी कमजोर थी कि उसने बच्चे पर ध्यान ही नहीं दिया। आम तौर पर मादा बंदर अपने बच्चे को छोड़ती नहीं, लेकिन प्रसव की थकान और कम उम्र के चलते उसने छोड़ दिया।
इचिकावा सिटी जू के कर्मचारियों ने पंच का ख्याल रखा। उसे बोतल से दूध पिलाना शुरू किया। पंच के सामने खिलौने रखे। उसमें से उसने स्टफ्ट खिलौना चुना। जू वालों ने इस खिलौने का नाम ओरा-मां रख दिया।
पंच अब इसी खिलौने के साथ रहता। उसी के साथ खेलता, उसी के साथ सोता। इधर-उधर जाता तो उसे खींचकर ले जाता। जब उसे कोई बंदर मारता तो वह वहां से बचकर भागा-भागा इसी खिलौने के पास आता और चिपककर लेट जाता।
जू वाले कर्मचारी अंदर खाना देने जाते तो बाकी बंदर उनसे दूर भागते लेकिन पंच उनसे चिपक जाता, उनके पैर पकड़कर बाहर आ जाता। जैसे-तैसे कर्मचारी उसे वापस बंदरों के बीच भेजते थे।
पंच की कहानी जब दुनिया के सामने आई तो उसे देखने के लिए, अडॉप्ट करने के लिए बड़ी संख्या में लोगों की लाइन लग गई। लेकिन जू इसके पक्ष में नहीं है। उनका कहना है कि धीरे-धीरे बंदर उसे अपना रहे हैं। वह बड़ा होगा तो उन्हीं के बीच रहने में उसे अच्छा लगेगा।
.@DistrictCo95708 आदरणीय कलेक्टर मैडम से विनम्र निवेदन है कि इस मामले की जांच करवाकर 12 घंटे में कोई कार्रवाई करे. अन्यथा APRO अंतर सिंह के खिलाफ एक बड़ा आंदोलन खड़ा होगा.