@JioCare@reliancejio Extremely disappointed with JioFiber service. booking 7 days ago. eKYC done, but installation rescheduled 3 times. Now team says "no fiber" while eKYC person said it's available. Staff not picking up calls.
I want an immediate refund #JioFiber#ConsumerComp
My Tatkal ticket was auto-cancelled because no seat was allotted, even though I didn’t cancel it myself. Why am I being charged a cancellation fee for something that wasn’t my fault? @RailMinIndia@IRCTCofficial@ConfirmTKT
My Tatkal ticket was auto-cancelled because no seat was allotted, even though I didn’t cancel it myself. Why am I being charged a cancellation fee for something that wasn’t my fault? @RailMinIndia@IRCTCofficial@ConfirmTKT
मोदी जी @narendramodi ji हसदेव और हैदराबाद यूनिवर्सिटी में पेड़ों का कत्लेआम हो रहा है, कितनी माँओं के नाम की हत्या हो रही है! आपने 'एक पेड़ माँ के नाम' मुहिम चलाई यहाँ बेजुबान पशु-पक्षियों के घर उजाड़े जा रहे हैं। आप चुप क्यों?
क्या भारत की खूबसूरती—हरियाली, ऋतुएँ, पक्षियों की चहचहाहट, प्रकृति का अनमोल वरदान—इन सबको खत्म करना आपका लक्ष्य है?
ये पेड़ सिर्फ लकड़ियाँ नहीं, इन मासूम जीवों का आशियाना हैं। क्या आपका धर्म, आपकी इंसानियत आपको नहीं रोकती?
मैं हाथ जोड़कर🙏🏻आँसुओं के साथ विनती करता हूँ ये राक्षसी काम रुकवाइए। प्रकृति का प्रकोप अंधा होता है, ये गुनहगार-बेगुनाह नहीं देखता। हम खुद अपने लिए आपदाएँ बुला रहे हैं। औद्योगिक घरानों और नेताओं को कितने बुर्ज खलीफा चाहिए? और जगह ढूँढिए, ये जंगल, ये पहाड़, ये हरियाली क्यों छीन रहे हैं? क्या उन मासूम जानवरों की चीखें आपको सुनाई नहीं देतीं, जो अपने घर खो रहे हैं? क्या उनकी मूक पुकार आपके दिल तक नहीं पहुँचती? ये विकास नहीं, विनाश है। अगर आज नहीं रोका, तो कल प्रकृति हम सबको सबक सिखाएगी। मेरे देश की आत्मा इन जंगलों में बसती है, इन पेड़ों में साँस लेती है—इसे मरने मत दीजिए। मैं बार-बार प्रार्थना करता हूँ, ये कत्ल बंद कराइए, नहीं तो आने वाली पीढ़ियाँ हमें कभी माफ नहीं करेंगी
वो माँएँ जिनके नाम पर पेड़ लगाए थे, आज उनकी रूहें भी रो रही होंगी। कुछ कीजिए, वक्त अभी बाकी है रोक दीजिए इस तबाही को 🙏🏻
मोदी जी @narendramodi ji हसदेव और हैदराबाद यूनिवर्सिटी में पेड़ों का कत्लेआम हो रहा है, कितनी माँओं के नाम की हत्या हो रही है! आपने 'एक पेड़ माँ के नाम' मुहिम चलाई यहाँ बेजुबान पशु-पक्षियों के घर उजाड़े जा रहे हैं। आप चुप क्यों?
क्या भारत की खूबसूरती—हरियाली, ऋतुएँ, पक्षियों की चहचहाहट, प्रकृति का अनमोल वरदान—इन सबको खत्म करना आपका लक्ष्य है?
ये पेड़ सिर्फ लकड़ियाँ नहीं, इन मासूम जीवों का आशियाना हैं। क्या आपका धर्म, आपकी इंसानियत आपको नहीं रोकती?
मैं हाथ जोड़कर🙏🏻आँसुओं के साथ विनती करता हूँ ये राक्षसी काम रुकवाइए। प्रकृति का प्रकोप अंधा होता है, ये गुनहगार-बेगुनाह नहीं देखता। हम खुद अपने लिए आपदाएँ बुला रहे हैं। औद्योगिक घरानों और नेताओं को कितने बुर्ज खलीफा चाहिए? और जगह ढूँढिए, ये जंगल, ये पहाड़, ये हरियाली क्यों छीन रहे हैं? क्या उन मासूम जानवरों की चीखें आपको सुनाई नहीं देतीं, जो अपने घर खो रहे हैं? क्या उनकी मूक पुकार आपके दिल तक नहीं पहुँचती? ये विकास नहीं, विनाश है। अगर आज नहीं रोका, तो कल प्रकृति हम सबको सबक सिखाएगी। मेरे देश की आत्मा इन जंगलों में बसती है, इन पेड़ों में साँस लेती है—इसे मरने मत दीजिए। मैं बार-बार प्रार्थना करता हूँ, ये कत्ल बंद कराइए, नहीं तो आने वाली पीढ़ियाँ हमें कभी माफ नहीं करेंगी
वो माँएँ जिनके नाम पर पेड़ लगाए थे, आज उनकी रूहें भी रो रही होंगी। कुछ कीजिए, वक्त अभी बाकी है रोक दीजिए इस तबाही को 🙏🏻
मोदी जी @narendramodi ji हसदेव और हैदराबाद यूनिवर्सिटी में पेड़ों का कत्लेआम हो रहा है, कितनी माँओं के नाम की हत्या हो रही है! आपने 'एक पेड़ माँ के नाम' मुहिम चलाई यहाँ बेजुबान पशु-पक्षियों के घर उजाड़े जा रहे हैं। आप चुप क्यों?
क्या भारत की खूबसूरती—हरियाली, ऋतुएँ, पक्षियों की चहचहाहट, प्रकृति का अनमोल वरदान—इन सबको खत्म करना आपका लक्ष्य है?
ये पेड़ सिर्फ लकड़ियाँ नहीं, इन मासूम जीवों का आशियाना हैं। क्या आपका धर्म, आपकी इंसानियत आपको नहीं रोकती?
मैं हाथ जोड़कर🙏🏻आँसुओं के साथ विनती करता हूँ ये राक्षसी काम रुकवाइए। प्रकृति का प्रकोप अंधा होता है, ये गुनहगार-बेगुनाह नहीं देखता। हम खुद अपने लिए आपदाएँ बुला रहे हैं। औद्योगिक घरानों और नेताओं को कितने बुर्ज खलीफा चाहिए? और जगह ढूँढिए, ये जंगल, ये पहाड़, ये हरियाली क्यों छीन रहे हैं? क्या उन मासूम जानवरों की चीखें आपको सुनाई नहीं देतीं, जो अपने घर खो रहे हैं? क्या उनकी मूक पुकार आपके दिल तक नहीं पहुँचती? ये विकास नहीं, विनाश है। अगर आज नहीं रोका, तो कल प्रकृति हम सबको सबक सिखाएगी। मेरे देश की आत्मा इन जंगलों में बसती है, इन पेड़ों में साँस लेती है—इसे मरने मत दीजिए। मैं बार-बार प्रार्थना करता हूँ, ये कत्ल बंद कराइए, नहीं तो आने वाली पीढ़ियाँ हमें कभी माफ नहीं करेंगी
वो माँएँ जिनके नाम पर पेड़ लगाए थे, आज उनकी रूहें भी रो रही होंगी। कुछ कीजिए, वक्त अभी बाकी है रोक दीजिए इस तबाही को 🙏🏻