@MeghUpdates कितनी शर्म की बात है एक महाराज जो कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री भी हैं उनका पोस्टर जलाना बताता है कि मानसिकता कितनी अच्छी है कौन हिंदू इन लाल टोपी बालों को वोट देगा।।
मुस्लिम GF के साथ घूम रहा था तो
मुस्लिम गुंडों ने शिवम को दिन दहाड़े बीच सड़क पर बेतहासा पीट पीट कर अधमरा कर दिया....
घटना ग़ाज़ियाबाद के इंद्रापुरम की है...
अगर यही काम किसी हिंदू ने हिंदू लड़की के साथ घूमने पर किसी मुस्लिम लड़के के साथ किया होता तो अब तक @ghaziabadpolice उसे लंगड़ा बना चुकी होती ✍️
जब राहुल गांधी भारत के सुपर प्रधानमंत्री थे सरकार का ऑर्डिनेंस फाड़ने की हिम्मत रखते थे कांग्रेस का शासन था
तब एनडीटीवी पर शबाना आजमी ने जमा मस्जिद के शाही इमाम बुखारी से सवाल पूछा कि आप महिलाओं के पहनावे पर फतवा क्यों दे रहे हैं ? महिलाएं जो चाहेगी वह पहन सकती हैं
तब इमाम बुखारी ने कहा था कि मैं तवायफो नाचने गाने वालीयो बाजारू महिलाओं के सवाल का जवाब नहीं देता
अफसोस उसे वक्त पितृसत्तात्मक व्यवस्था को खत्म करने वाली बरखा दत्त भी थी लेकिन इतनी घटिया जवाब के बाद भी वह मौलाना साहब मौलाना साहब कह रही थी
🚨 ऐसे बच्चे पैदा करने वाले माता-पिता को सलाम 🙏
कक्षा 6 के बच्चे का जवाब 🔥
“सर, आप मुझे Gen Z या Gen Alpha कह सकते हैं, लेकिन मैं अभिजीत दीपके से एक बात कहना चाहता हूँ।
जब मोदी जी ‘फ्रेंड्स’ बोलते हैं तो वो उनका मज़ाक उड़ाते हैं। मोदी जी के पढ़ने के समय अंग्रेजी पर इतना जोर नहीं था जितना आज है। मैं पढ़ रहा हूँ इसलिए फ्लूएंट इंग्लिश बोल सकता हूँ।
अभिजीत दीपके ने बोस्टन यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की है। मुझे उनके साथ वन-ऑन-वन बैठा दें, वो मेरे जैसे शब्द सही से नहीं बोल पाएंगे। क्या इससे वो मुझसे ज्यादा बेवकूफ हैं?
अगर मैं इस प्लेटफॉर्म पर पीएम मोदी को गाली दूं तो वो मुझे असली Gen Z या Gen Alpha कहेंगे जो समाज की हकीकत जानता है। लेकिन अगर मैं मोदी जी का समर्थन करूं तो मुझे ‘अंधभक्त’ कहकर दोषी महसूस कराएंगे।
यही असली तानाशाही है।”
छोटे बच्चे भी CJP की हकीकत समझते हैं। इंस्टा इन्फ्लुएंसर्स की तरह बेवकूफ होना पड़ता है ये मानने के लिए कि CJP छात्रों के लिए लड़ी थी।
मौका देख कर पहनना चाहिए। हमें कोई एतराज नहीं है आपके कपड़ों पर आप कुछ भी पहनें। हमारी संस्कृति को बीच में न घसीटें। आपको फुल आजादी है लेकिन धार्मिक कार्य में यह ठीक नहीं है।
लाखों करोड़ों गरीबों के सपनों को सकार करने वाले भारत मां के लाल। राजनिति भोगने के लिए नहीं सेवा के लिए होती है। पूरे देश को बताया भी समझाया भी। विपक्ष हजारों गाली देता रह गया वो हजारों काम करते गये। उनके कण कण में हैं देश रोम रोम में हैं देशवासी।।
हैलो @kritisanon हो सकता है आपके यहाँ ये रिवाज हो…..
लेकिन भारत में कोई भी बहन अपने भाई को उस तरह के कपड़े पहनकर राखी नहीं बाँधती। राखी आदिकाल से चली आ रही हमारी संस्कृति और सभ्यता का हिस्सा है
इसके पहले आप फिल्मों से लेकर सार्वजनिक जीवन में ऐसे कपड़े पहनती रही हैं। तब तो कभी किसी ने आपको कुछ नहीं कहा। लेकिन हमारे त्योहारों को लेकर ऐसी अभद्रता अस्वीकार है
फर्जी महिला विक्टिम कार्ड खेलने की जगह आत्मचिंतन करिए। हिंदू त्योहारों की संस्कृति का सम्मान कीजिए।