✍️_इतना ज्यादा अंतर है कि क्या ही बताऊं🧐
जब मैं आगे से #फॉलो कर रहा हूं_तो आपको क्या दिक्कत आ रही है #फॉलोबैक देने में।
#ट्विटर पर एक-दूसरे की सहायता करते रहें🙏🏻
👉 फॉलो कीजिए_💯% फॉलोबैक मिलेगा✅
_और जिन्होंने फॉलोबैक नहीं किया है उनका शाम तक हिसाब कर दिया जायेगा
धन्यवाद🙏🏻
#10k
'Telegram Ban’ - मोदी सरकार का पेपर लीक रोकने का नया नुस्खा।
यानी चोर को पकड़ने के बजाय, पीड़ित के घर पर ताला लटका दो।
लाखों छात्र सालों से Telegram पर पढ़ते हैं - नोट्स, टेस्ट सीरीज़, डिस्कशन, तैयारी। वो सुविधा छीन लेना पेपर लीक का समाधान कैसे हुआ?
और यह फूलप्रूफ भी नहीं है - यह देश का हर छात्र जानता है, और पेपर लीक माफ़िया भी। फिर अगला ban किसपर लगाएंगे? WhatsApp?
परीक्षा के दिन छात्रों की तलाशी होगी। जेबें कैंची से काटी जाएँगी। प्रश्नपत्र वायुसेना से भेजे जाएँगे। दिखावे की कोई कमी नहीं होगी।
पर बीमारी की जड़ पर एक वार भी नहीं - क्योंकि पेपर लीक माफ़िया इसी सरकार की देख-रेख में फल-फूल रहा है, और युवाओं को खून के आँसू रुला रहा है।
मोदी जी - दिखावा छोड़िए। माफ़िया पर वार कीजिए, छात्र पर नहीं।
‘छात्रों की गूंज’ सुन लीजिए - वरना देश का युवा अपना हक़ लेना जानता है।
#ChhatronKiGoonj
यह महिला आरक्षण बिल नहीं है - इसका महिलाओं से कोई संबंध नहीं।
यह बिल OBC विरोधी है,
यह बिल SC-ST विरोधी है,
यह बिल Anti National है - दक्षिण, उत्तर-पूर्व, उत्तर-पश्चिम और छोटे राज्यों के खिलाफ है।
हम भारत जोड़ने वाले न किसी का हक़ छिनने देंगे, न देश को बंटने देंगे।
संशोधन विधेयक गिर गया।
उन्होंने महिलाओं के नाम पर, संविधान को तोड़ने के लिए, असंवैधानिक तरकीब का इस्तेमाल किया।
भारत ने देख लिया।
INDIA ने रोक दिया।
जय संविधान।
ये आंकड़े चिंताजनक हैं :
IIM अहमदाबाद, कोलकाता, इंदौर और शिलांग की फैकल्टी में
OBC – 0%,
SC – 0%,
ST – 0%
General - 100%
यानी देश की करीब 80% आबादी जिन वर्गों से आती है,
उनकी भागीदारी शून्य है।
यह कौन सा अखबार है? कृपया बताये. इस साहस के लिये पत्रकार भाई को साधुवाद...
राष्ट्रीय पिछडा वर्ग आयोग के तत्कालीन उपाध्यक्ष डॉ. लोकेश #प्रजापति ने इस मामले मे एक अंतरिम रिपोर्ट दी थी. इस रिपोर्ट मे भी यह सामने आया था कि हर जिले की लिस्ट में भर्ती प्रक्रिया मे गड़बड़ी हुई है!
प्रदेश में सरकारी भर्तियों के फर्जीवाड़े की खबर आम हो चुकी है और इस खेल की जवाबदेही शून्य।
एक बेरोजगार युवा हजारों सपने और एक पूरे परिवार की उम्मीद लेकर जीवन के कई वर्ष नौकरी की तैयारी में खपाता है लेकिन सिस्टम की धांधली उसका भविष्य अंधकार में धकेल देती है।
सरकार तथा संस्थाएँ दोनों के जिम्मेदारों को सामूहिक मानना पड़ेगा कि यह हम सभी की नाकामी है, हम अपने-अपने पदों पर रहते हुए अन्याय के भागीदार बन रहे हैं।
आज RPSC सहित तमाम बोर्ड्स की स्थिति किसी से छुपी हुई नहीं है। मैंने पहले भी बड़ी जिम्मेदारी से इस बात को उठाया है और आज भी कहता हूँ कि RPSC व RSSB को तत्काल भंग किया जाए तथा रोस्टर को लेके ठोस निर्णय लिया जाए।
#TINA
यह एक गंभीर चिंतन का विषय है।
यह आंकड़ा सामाजिक न्याय और समावेशिता के सिद्धांतों पर गंभीर प्रश्न उठाता है, विशेषकर उन वर्गों के संदर्भ में जो ऐतिहासिक रूप से हाशिये पर रहे हैं।
@ashokgehlot51 BJP सरकार को OBC वालों से इतनी नफरत क्यों है जो हर भर्ती में OBC के साथ अन्याय कर रही है,
27% नहीं दे रहे और 21% में कम किए ही जा रहे हैं
जागो OBC जागो
#BJP_सरकार_मतलब_OBC_बरबाद
राजस्थान में भर्ती परीक्षाओं में OBC आरक्षण के साथ हो रहा निरंतर खिलवाड़ बेहद चिंताजनक है।
LDC भर्ती में 21% के बजाय मात्र 15% आरक्षण देना युवाओं के संवैधानिक अधिकारों पर सीधा हमला है। चतुर्थ श्रेणी, वनपाल और द्वितीय श्रेणी भर्तियों में भी इसी तरह नियमों की अनदेखी कर आरक्षित वर्गों के साथ सुनियोजित अन्याय किया गया है।
रोस्टर की आड़ में युवाओं के हक छीनना बंद करे भाजपा सरकार। मुख्यमंत्री जी तत्काल दखल देकर आरक्षण की इन विसंगतियों को दूर करें और युवाओं को न्याय दें।
सरकार ने 10% EWS रिजर्वेशन देकर खुद ही 50% की लिमिट तोड़ दी है!
अब ओबीसी को 52% आरक्षण देने में कोई बाधा नहीं है! सरकार OBC को 52% आरक्षण दे! हमें हमारा हक मिलना ही चाहिए।
राजस्थान सरकार द्वारा आयोजित भर्ती परीक्षाओं में OBC आरक्षण को संवैधानिक 21% से घटाकर 15% करना, युवाओं के अधिकारों पर सीधा हमला है। LDC, चतुर्थ श्रेणी, वनपाल व द्वितीय श्रेणी भर्तियों में रोस्टर के नाम पर OBC वर्ग के साथ लगातार अन्याय हो रहा है। प्रदेश की भाजपा सरकार इस गंभीर विषय पर तत्काल संज्ञान लेकर आरक्षण की विसंगतियों को दूर करे। लाखों युवाओं का भविष्य दांव पर है।
@RajCMO@BhajanlalBjp@RajGovOfficial
राजस्थान सरकार द्वारा आयोजित की जाने भर्ती परीक्षाओं में संवैधानिक रूप से तय OBC आरक्षण नियमों के खिलाफ जाते हुए आरक्षण का दायरा लगातार कम किया जाना, इस वर्ग के युवाओं के अधिकारों के साथ बड़ा अन्याय है।
कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा हाल ही में जारी LDC भर्ती परीक्षा विज्ञप्ति में वर्गवार पदों का बँटवारा कतई न्यायसंगत नहीं है। OBC वर्ग को 21% की बजाय मात्र 15% आरक्षण दिया गया है, जो संवैधानिक नहीं है।
इसी प्रकार चतुर्थ श्रेणी भर्ती, वनपाल भर्ती, द्वितीय श्रेणी भर्ती विज्ञप्ति में भी OBC वर्ग को तय मापदण्डों के अनुसार 21% आरक्षण नहीं दिया गया।
रोस्टर के नाम पर आरक्षित वर्गों के साथ लगातार सुनियोजित तरीके से अन्याय हो रहा है। लाखों युवाओं और उनके परिवार से जुड़ा यह गंभीर मुद्दा है।
प्रदेश भाजपा सरकार युवाओं के भविष्य से जुड़े इस मामले पर संज्ञान लेकर आरक्षण की विसंगतियों को तत्काल दूर करे।
@RajCMO@BhajanlalBjp@RajGovOfficial
राजस्थान के सबसे बड़े OBC वर्ग के साथ इतना बड़ा अन्याय क्यों हो रहा है 💔
LDC भर्ती 2026 NTSP कुल पद 8827, OBC 21% आरक्षण से 1853 पद लेकिन विज्ञप्ति में OBC को दिए गए पद 1378 यानी कुल 475 पद OBC वर्ग से काट लिए गए यह आरक्षण भावना के साथ सीधा अन्याय है @alokrajRSSB@BhajanlalBjp