Three Generation of Indian Women Weightlifting
#Congratulations@mirabai_chanu
1980s :: Kunjarani Devi
1990s :: Karnam Malleshwari
2021 :: Mirabai Chanu
भारतीय वेटलिफ़्टर मीराबाई चानू ने टोक्यो ओलंपिक में भारत को पहला मेडल दिला दिया है. चानू ओलंपिक में वेटलिफ़्टिंग में सिल्वर मेडल लाने वालीं पहली भारतीय एथलीट हैं. चानू ने 210 किलोग्राम भार उठाकर भारत को सिल्वर मेडल दिलाया.
PC: Vincenzo Pinto/AFP via Getty Images
गांधी को मानने वाले कभी नहीं हारते।
लडते है और जीतते हैं।
राजस्थान सरकार का राजस्थान शिक्षा सेवा नियमों में ऐतिहासिक परिवर्तन पर हार्दिक आभार। माननीय मुख्यमंत्री @ashokgehlot51 जी, माननीय शिक्षा मंत्री @GovindDotasra जी का धन्यवाद। सभी व्याख्याताओं को बधाई @ramsa_jakhar
जय रेसला
Over the years, #Rajasthan has overcome countless hurdles with bravery & fortitude. With all safety protocols in place, the state is all set to fight again & defeat COVID-19. Let’s follow the preventive measures & do our part to win over this pandemic.
.
📹: @DIPRRajasthan
आओ युद्ध के मालिकों
तुमने ही बनायीं सारी बंदूकें
तुमने ही बनाए मौत के सारे हवाई जहाज
तुमने बम बनाए
तुम जो दीवारों के पीछे छिपते हो
छिपते फिरते हो तुम तिपाई के पीछे
मैं चाहता हूँ कि तुम जान लो
कि मैं तुम्हारे मुखौटे से देख सकता हूँ
तुम्हें ईसा भी नहीं करेंगे माफ ! -बॉब डिलन
कभी कोई इंसान नहीं चाहेगा कि मरने के बाद इंसान के शव को कुत्ते नोंच लें। विश्व गुरु की अकल्पनीय तस्वीर ना मैंने सोची और शायद ना आपने....सरकारें इसीलिए चुनी जाती है कि उनके जीवन की रक्षा हो। यहां जिंदा व्यक्ति के अधिकार छोड़ो, मरने के बाद भी अंतिम अधिकार की पूर्ति नहीं हो रही
I learn that India's External Affairs Minister Shri Jaishankar dressed like a Waiter has been placed in Quarantine in London and cannot return home yet !! If not true, refute it please.
कृपया ध्यान दें।
——————
जब कोरोना की पहली वेव आई थी, तब आक्सीजन बेड, ICU और वेंटिलेटर खाली पडे़ रहे थे, लेकिन यह दूसरी लहर बेहद खतरनाक है, जिसमें अधिकांश लोगों को ऑक्सीजन, ICU और वेंटिलेटर की आवश्यकता पड़ रही है।
राष्ट्रीय एवं विश्वस्तर पर अन्तराष्ट्रीय विशेषज्ञ कह रहे हैं कि सरकारें कितनी ही सुविधाएं बढ़ा लें, कोरोना की रफ्तार चार गुना है। मरीजों के लिए ऑक्सीजन एवं दवाईयों की कमी बनी रहेगी।
हम संक्रमितों की चैन तोड़ने के लिए पूरी ताकत झोंक कर एवं आमजन के कोरोना प्रोटोकॉल की सख्ती से पालना करने से ही सम्भव होगा जिससे अविलम्ब संख्या में ब्रेक लगेगा अन्यथा स्थिति और भयावह बन सकती है।