मैं भारत सरकार से हाथ जोड़कर विनती करता हूँ, कृपया 70 लाख मेहनती बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ मत कीजिए।
मेरी दो विनतियाँ हैं:
1. SSC-CGL परीक्षा, जो 13 तारीख़ से शुरू हो रही है और जिसमें 30 लाख से ज़्यादा छात्र बैठने वाले हैं, उसे तुरंत स्थगित किया जाए।उन घटिया कंपनियों को तुरंत हटाया जाए, जिन्होंने परीक्षा केंद्रों की दुर्दशा कर दी है और जिन पर पहले से ही कई घोटालों के गंभीर आरोप लगे हैं।
2. जो Exam पहले हो चुका है, उसे भी रद्द करके दोबारा करवाया जाए।
भारत सरकार देश के युवाओं को विपक्ष की तरह मत देखिए, वो तो बस अपनी मेहनत से कमाई हक़ की नौकरी माँग रहे हैं।
Vote Chori सिर्फ़ एक चुनावी घोटाला नहीं, ये संविधान और लोकतंत्र के साथ किया गया बड़ा धोखा है।
देश के गुनहगार सुन लें - वक़्त बदलेगा, सज़ा ज़रूर मिलेगी।
आज़ाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं नगीना से सांसद चंद्रशेखर आज़ाद जी ने संसद परिसर में ANI से बातचीत में OPS मुद्दा पुरजोर तरीके से उठाया।
बहुत बहुत शुक्रिया माननीय सांसद @BhimArmyChief जी
वर्षों सेवा देने वाले कर्मचारियों को OPS से वंचित कर NPS थमाना अन्याय है। ये सिर्फ पेंशन नहीं, सम्मान और सुरक्षा का सवाल है। केंद्र सरकार OPS बहाल करे, ताकि बुढ़ापे में कर्मचारी गरिमामय जीवन जी सकें।
NPS GO BACK
LARGE PROTEST BY VIJAY KUMAR BANDHU
@PMOIndia@narendramodi@nsitharaman@aajtak
सरकारी स्कूल में उन गरीब घरों के बच्चे भी शिक्षित हो जाते हैं जिनके घर में खाने की 2 वक्त की रोटी भी ढंग से नहीं मिलती लेकिन अब स्कूल मर्जर से बच्चे दूर दूसरे गांव में जाकर कैसे पढ़ाई करेंगे?? #Justiceforschoolschildren
"सर ये स्कूल बंद न हो तो अच्छा है, इतनी फीस नहीं है कि हम प्राइवेट स्कूलों में जा पाए"
ये सिर्फ एक मासूम बच्ची की बात नहीं है, ये उस पूरे भारत की आवाज़ है जहाँ सरकारी स्कूल बंद करके बच्चों का भविष्य भी बंद किया जा रहा है।
ना तो घर में पैसे हैं प्राइवेट स्कूल की मोटी फीस देने के लिए, ना ही गांव के पास कोई दूसरा स्कूल है, और ना ही सरकार को बच्चों की पढ़ाई की कोई परवाह है।
भाजपा सरकार की शिक्षा-विरोधी नीति लाखों बच्चियों को मजबूर कर रही है, या तो स्कूल छोड़ो या सपना छोड़ो!
बंद स्कूलों के पीछे छिपा असली एजेंडा क्या है?
👉 सरकारी शिक्षा को खत्म करो
👉 बच्चों को प्राइवेट माफियाओं के हवाले करो
👉 गरीब की पढ़ाई को भी कारोबार बना दो
मोदी-योगी सरकार जवाब दो, छोटे छोटे मासूम बच्चों की पढ़ाई बंद करके आखिर किसका विकास हो रहा है?
#Justiceforschoolschildren
उत्तर प्रदेश में सरकारी संस्थानों पर अनुमानित रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में 60-70% लोग सरकारी स्कूलों और अस्पतालों पर पूरी तरह से निर्भर हैं। सरकारी संस्थान, विशेषकर अस्पताल और स्कूल, कम आय वर्ग के लिए सस्ती और सुलभ सेवाएँ प्रदान करने के लिए आवश्यक हैं, जो लोग निजीकरण पर ज़ोर डालने की बात करते हैं और कहते हैं कि कौन सरकारी संस्थानों का लाभ लेता है, उन्हें यह समझना चाहिए कि एक बड़ा वर्ग धराशाही हो जाएगा अगर संस्थान समाप्त अथवा कम किए गए। ये संस्थान शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे बुनियादी अधिकारों को सुनिश्चित करते हैं, जो सामाजिक-आर्थिक विकास या यूं कहें जीवन Survival के लिए महत्वपूर्ण हैं।
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विपिन बिहारी