రాజ్యసభలో బీఆర్ఎస్ పార్టీ డిప్యూటీ ఫ్లోర్ లీడర్గా ఉన్న ఎంపీ @vaddirajumprs ను, ఫ్లోర్ లీడర్గా బీఆర్ఎస్ అధినేత కేసీఆర్ గారు నియమించారు.
కాగా.. రాజ్యసభ సభ్యుడుగా, బీఆర్ఎస్ ఫ్లోర్ లీడర్గా ఉన్న కేఆర్ సురేష్ రెడ్డి పదవీ కాలం ముగిసింది.
आप बिल्कुल ग़लत नहीं है। चंपत राय और धर्मेंद्र प्रधान ग़लत नहीं हैं तो आप क्यों होंगे? आप ग़लती मान लेंगे तब भी हम आपको ग़लत नहीं मानेंगे। मोहन यादव भी तो सीएम बनने से पहले रीयल इस्टटे का बिज़नेस कर रहे हैं। आप तो खीरा उगा रहे हैं। रीयल इस्टेट के सामने ये जीरा है। मंत्रिमंडल में आप बने रहें यही भारत का हर खीरा दुआ कर रहा है। खीरा है सदा के लिए। हीरा है मैडम बाइडन के लिए।
आज सुबह पुलिस ने छापा मारा तो पता चला कि TET का पेपर लीक हो गया है. इसके बाद भिवंडी थाने में केस दर्ज किया गया है.
कल ये पेपर होना था, अगर पुलिस को सूचना न मिलती तो पेपर हो ही जाता.
आखिर हर पेपर लीक क्यों हो जाता है?
क्षमा करना शहीदों, इस सरकार ने साल भर तुम्हारा नाम भी छिपा कर रखा।
श्रद्धांजलि
शहीद सूबेदार मेजर पवन कुमार
शहीद राइफलमैन सुनील कुमार
शहीद लांस नायक दिनेश कुमार
शहीद अग्निवीर मूद मुरलीनायक
शहीद हवलदार सुनील कुमार सिंह
शहीद सार्जेंट सुरेन्द्र कुमार
आपकी कुर्बानियों पर गर्व है हमें।
कृतज्ञ राष्ट्र का नमन स्वीकार करें। 🙏
पहली तस्वीर मंत्री भागीरथ चौधरी की है और दूसरी तस्वीर में एक IAS अफसर हैं। इंडियन एक्स्प्रेस ने इन दोनों पर बड़ा खुलासा किया है।
सरकार के मंत्री भागीरथ चौधरी को 'खीरे की खेती' के लिए '99 लाख 60 हजार रुपए' की सब्सिडी मिली है।
दिलचस्प ये है कि भागीरथ चौधरी जिस कृषि मंत्रालय के मंत्री हैं, उसी मंत्रालय से सब्सिडी ले ली।
पिछले साल ये सब्सिडी सिर्फ 467 किसानों को मिली जिसमें मंत्री जी और एक सीनियर IAS अफसर की मां, पत्नी और बेटा भी इसमें शामिल हैं ये अफसर भी पहले कृषि विभाग में रह चुके हैं।
समझ रहे हैं आप, मतलब जो किसान हैं उन्हें सम्मान निधि के नाम पर 2 हजार रुपये का झुनझुना पकड़ा दिया गया है और मंत्री-अफसर लाखों-करोड़ों की सब्सिडी ले रहे हैं...
यही वजह है कि आजकल अफसर लोग मंत्रियों के हर उल्टे-सीधे काम में उनका साथ दे रहे हैं...क्योंकि ये टीम की तरह काम करेंगे तो दोनों का फायदा होता रहेगा।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के संसद में दिए भाषण का वो ऑपरेटिव पार्ट जिसमें ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय विमान गिराए जाने के सवाल को उन्होंने न सिर्फ़ शब्दों की बाज़ीगरी से टाला था बल्कि भारतीय सैनिकों को नुकसान तक की बात से साफ़ मना किया था।
संसद टीवी, 28/07/2025
सौ साल से जब भी पूछा गया कि देश में RSS का क्या योगदान है, वे कहते थे कि हम चरित्र निर्माण कर रहे हैं।
सौ साल तक चरित्र निर्माण के बाद इनका चरित्र देखिए -
राम के नाम पर देश भर में दंगे कराए और सत्ता हासिल की
राम के नाम पर चंदा लिया और घोटाला किया
अयोध्या में सैकड़ों एकड़ जमीनों का घोटाला किया
निर्माण में घोटाला, लोगों को बेघर किया
सोने चांदी की राम शिलाओं में घोटाला किया
दान में आईं सोने चांदी की ईंटों में घोटाला किया
मंदिर बनने के बाद चढ़ावे में घोटाला किया
दान में आए पैसे, सोने, चांदी और हीरे के आभूषण में घोटाला किया
और नैतिकता की हालत ये है कि एक महीने हो गए हैं और संघ बीजेपी से किसी बड़े आदमी ने इसकी निंदा तक नहीं की है।
जब भगवान राम के मंदिर का उद्घाटन हुआ तो अधिकांश साधु, संतों और शंकराचार्यों को वहां से दूर रखा गया।
उद्घाटन में दो सबसे बड़े चेहरे थे - मोहन भगवत और नरेंद्र मोदी। मंदिर में हुई चोरी पर दोनों लोग मौन हैं।
ये उस संगठन के दो सबसे महत्वपूर्ण चेहरे हैं जो सौ साल से चरित्र निर्माण में काम में लगा है।
मजमा लूटने पहुंच जाते हैं, जिम्मेदारी लेने की बारी आये तो भाग खड़े होते हैं।
ग़रीबों के लिए 5 किलो वाले LPG गैस सिलिंडर पर सरकार तो चंद सौ रुपये की सब्सिडी देती नहीं और देखिए
केन्द्रीय कृषि राज्य मंत्री को कृषि मंत्रालय से अपनी ककुंबर फ़ार्मिंग के लिए 99.03 लाख रूपए की सब्सिडी मिल गई! Indian Express की रिपोर्ट में तो यही छपा है
देश के रक्षा मंत्री सिंदूर ऑपरेशन के दौरान शहीद हुए सैनिकों को लेकर संसद के अंदर झूठा बयान देते हैं । मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री से लेकर राजस्थान के मंत्री तक ज़मीन घोटाला करते हैं । विपक्षी दलों के नेताओं को लालच और डर से ज़बरदस्ती अपने में शामिल करने की बात हो । लापरवाह और जिम्मेदार मंत्रियों को इस्तीफ़ा तक दिलाने की नैतिक ईमानदारी नहीं है इस सरकार में और तो और करोड़ों लोगों के आस्था के केंद्र राम मंदिर से प्रधानमंत्री द्वारा बनायी गई कमेटी के अगुवा लोग चंदा लेकर चंपत हो जाते है, हर विरोधी को धमकाने वाली ED, CBI की जांच तो छोड़िये FIR में मुख्य के नाम लिखने में भी सरकार संकोच कर रही है । फिर भी ये दुनिया की सबसे ईमानदार पार्टी है और इनके नेता विश्वगुरु हैं जो अमेरिका के रहमो करम पर अपने फैसले ले रहे हैं ।
#FailedGovt #CorruptGovt
I wonder why such schemes to promote commercial farming of cucumber, capsicum and tomato, plus some flowers, are not available for ordinary farmers. There would have been no need for tomato growers to throw tomatoes for instance onto the streets. @IndianExpress
राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा में पहुँचे बड़े बड़े लोगों..राम कथा के नाम पर करोड़ों कमाने वाले कथावाचकों..खुद को सबसे बड़ा राम भक्त साबित करने की होड़ में लगे लोगों में से किसी की भी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है अभी तक..राम मंदिर में हुई डकैती को लेकर(चोरी तो अब छोटा शब्द है)..इन सबका हिसाब भी राम ही करेंगे एक दिन 🙏 दरअसल राम के नाम पर कमाए हुए पैसे,जीवन की महत्वाकांक्षाओं ने इस तरह से मूंह बंद कर दिया है सबका कि अब राम नाम पर हुई लूट पर बोल नहीं पा रहे हैं बेचारे..
#rammandirayodhya
सरकार का ध्यान तो सांसद ख़रीदने में है देश के भविष्य से मतलब होता तो सरकार चलाते । ईश्वर उन बच्चों के आत्मा को शांति दें जो सिस्टम की विफलता के कारण बचाए नहीं जा सके । घायल छात्र स्वस्थ हो जल्दी , छात्रों को बचा नहीं सकी सरकार तो कम से कम उचित मुआवजा दे परिवारों को और जिम्मेदार लोगों पर करवाई हो ।
#Fire #LucknowFire #Lucknow #UP
लखनऊ अलीगंज कोचिंग सेंटर आग में अब तक 13 मौत की पुष्टि। कई और फंसे हुए हैं।
अब इस घटना के बाद फायर सेफ्टी -ऑडिट के नाम पर लंबी लंबी मीटिंग होगी। खाना पूर्ति के लिए एक्शन होगा। और आपको ऐसा लगेगाही कि क्या पता इस घटना से सरकार सीखे,एक नया हादसा आपको जगा देगी कि मुर्दा सिस्टम मुर्दा ही रहेगा। इन्हें ऐसे हादसों के बाद चेहरा बचाने को एक्टिंग कला आती है।
कभी खाने जा रहे लोग रेस्टोरेंट में जल कर मर जा रहे हैं। होटल में टूरिस्ट जल कर मर जा रहे हैं। कोचिंग में पढ़ने जा रहे स्टूडेंट जल कर मर जाते हैं। कभी इमरजेंसी में इलाज करा रहे नवजात बच्चों की मौत जल कर हो जाती है।
और सरकार har बार जीवन बीमा बनकर कुछ पैसे मुआवजा देकर और शोक के कॉपी पेस्ट बयान देकर अपनी जिम्मेदारी को निभा लेती हैं।
More evidence of collapse of governance. Out of 1.04 lakh public wi-fi hotspots installed under Modi's scheme, only 766 are operational as as of September 2025.
राम मंदिर चढ़ावा विवाद में बड़ा आरोप, ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र पर 40% कमीशन लेने का खुला आरोप। पूर्व इंजीनियर ने किया चौंकाने वाला खुलासा।
अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी और दान प्रबंधन विवाद में अब ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र पर एक और गंभीर आरोप लगे हैं। ट्रस्ट से जुड़े प्रयागराज के इंजीनियर दीनानाथ वर्मा ने आरोप लगाया है कि डॉ. अनिल मिश्र 40 फीसदी कमीशन लेते थे। उनका दावा है कि विरोध करने पर उन्हें धमकी दी गई और चढ़ावे की नकदी गणना से दूर रखा गया। मामले में अब ट्रस्ट की व्यवस्था, नकदी गिनती और जवाबदेही को लेकर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। हालांकि इन आरोपों पर डॉ. अनिल मिश्र या ट्रस्ट की ओर से आधिकारिक जवाब का इंतजार है।
#Ayodhya #RamMandir #SITInvestigation @ChampatRaiVHP@dmayodhya@UPGovt@CMOfficeUP@ShriRamTeerth@ayodhya_police@Adv_Anil_Mishra
खबर ये नहीं है कि एयरफोर्स NEET का पर्चा ढोने का काम कर रही है.
खबर ये नहीं है कि NEET की परीक्षा के पहले मॉकड्रिल करवाए जा रहे हैं.
खबर ये नहीं है कि अलाने-फलाने मंत्री ने "खिलवाड़ करने वाले बख्शे नहीं जाएंगे" टाइप का भाषण दे दिया है.
खबर ये है कि बीते 37 दिनों में Re-NEET में शामिल होने वाले 12 छात्रों ने खुदकुशी कर ली.
अख़बारों में लिस्ट है.
आंखों में शर्म का आना बचा हुआ है.
बड़ी ख़बर-
अयोध्या पुलिस की आख्या।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में अभी एफआईआर दर्ज करने की आवश्यकता नहीं।
सरयू नगर विकास समिति के अध्यक्ष अवधेश कुमार सिंह के प्रार्थना पत्र पर लगाई आख्या।
अवधेश कुमार सिंह ने चढ़ावा चोरी मामले में एफआईआर के लिए दिया था प्रार्थना पत्र।
ये हाल तब है जबकि करोड़ों की रिकवरी की खबर आ चुकी है। संदिग्धों के पकड़े जाने की खबर आ चुकी है।
सरकार के कामकाज पर सवाल उठाने वाले पत्रकारों पर ध्वनि की तेज़ी से मुकदमा दर्ज करने वाली,
और प्रकाश की तेजी से पूछताछ का समन भेजने वाली पुलिस,
आखिर सत्ता के किन करीबियों को बचाने के लिए अपनी रफ्तार में बरसात में रेंगते केंचुए को भी मात दे रही है?
फ़िलहाल भारत में NEET-UG परीक्षा का आलम 👇
नागपुर का एक NEET-UG कैंडिडेट तब परेशान हो गया जब उसके एडमिट कार्ड पर एग्ज़ाम सेंटर अबू धाबी, यूनाइटेड अरब एमिरेट्स दिखा, जबकि उसने नागपुर को अपना पसंदीदा टेस्ट शहर चुना था।
यह मामला 21 जून को होने वाले मेडिकल एंट्रेंस एग्ज़ाम से ठीक एक दिन पहले सामने आया, जिससे स्टूडेंट और उसके परिवार को शक हो गया कि वह टेस्ट दे पाएगा या नहीं।
स्टूडेंट को पहले ओरिजिनल NEET एग्ज़ाम के लिए नागपुर के सरस्वती विद्यालय में सेंटर दिया गया था। लेकिन, पेपर लीक विवाद के बाद एग्ज़ाम रीशेड्यूल होने के बाद, स्टूडेंट ने अपना रिवाइज़्ड एडमिट कार्ड डाउनलोड किया और पाया कि उसका सेंटर UAE में अबू धाबी इंडियन स्कूल में बदल दिया गया है।
स्रोत : द न्यू इंडियन एक्सप्रेस