आरक्षण का अधिकार भारतीय संविधान में किस अनुच्छेद के अंतर्गत परिभाषित है। और क्या परिभाषा है किस किस समुदाय हो आरक्षण का लाभ मिलना चाहिए। विद्वान साथियों इस पर प्रकाश डालें
आजाद समाज पार्टी सस्थापक को शायद शांतिस्वरूप बौद्ध जी के परिनिर्वन का समाचार नहीं मिला । या कारण कुछ और है । जिन लोगों ने यह तक पहुंचाया या अब वो कुछ नहीं रहे
# chandershekher
@Mayawati बहन जी शोक संवेदना व्यक्त करने में 2 दिन लगा दिया आपने समाज में इस देरी का बहुत ही गलत संदेश गया है। प्रतिक्रिया थोड़ा समय से होती तो और अच्छा संदेश जाता।
बस करो बस तो बस है कुछ तो शर्म करो क्या मिलेगा इस घट��या राजनीति से एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगा कर हर बार नकारात्मक ही क्यो सोचते हो।
उन मजदूरों का क्या कसूर है जो 40 डिग्री तापमान में बस का इंतज़ार कर रहे है। इतनी संवेदनहीनता भी अच्छी नहीं है।
चुनाव आने दीजिए नेताजी बस भी आएंगी और बसों के साथ खाने के पैकेट भी साथ में ठंडा पानी और हमारे नेता ही सबको बस में हाथ पकड़ पकड़ कर बताएंगे कि आप यहां बैठे। ऐसा लगता है कोरोना वायरस से ज्यादा खतरनाक चुनावी वायरस है
शिक्षा के मंदिर जो आज बंद है क्या स्कूलों अथवा कॉलेजों में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन इस तरह से नहीं किया जा सकता कि छात्रों को ग्रुप में बांट दिया जाए और प्रत्येक ग्रुप को अलग-अलग समय स्कूल में बुलाया जाए जिससे छात्र सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर भविष्य निर्माण की दिशा में निरंतर च
@yadavakhilesh जब-जब बीजेपी सत्ता में आती है
तब तब सरकारी कर्मचारियों का शोषण किया जाता है आज जो सरकारी कर्मचारी अपनी जान जोखिम में डालकर कोरोना मरीजों की चिकित्सा में लगे हैं यह शायद उनका सम्मान है कुछ दे नहीं सकते तो शोषण भी मत करो
@myogioffice@myogiadityanath माननीय मुख्यमंत्री जी जनपद बुलंदशहर में जिला अस्पताल पूर्ण तरह सील कर दिया ��या है जिसकी वजह से आवश्यक इमरजेंसी सेवाएं भी ठप हो गई हैं ऐसी स्थिति में प्राथमिक चिकित्सा मिलना भी संभव नहीं है आप से निवेदन है जिला प्रशासन सेवाएं सुचारू रूप से संचालित करने का निर्देश देने का कष्ट करें
किसी भी घटना के तुरंत बाद मीडिया मीडिया के पास ऐसे कौन से सीक्रेट एजेंट है जो तुरंत घटना की पूरी सही सही सच्चाई से की जानकारी जनता के बीच रख देते हैं। वही हमारी पुलिस को जांच करने में महीने लग जाते हैं और न्यायालय सालों बहस सुनने के बाद इस निष्कर्ष पर पहुंचते हैं कि दोषी कौन है
क्या अब कोई महापुरुष महामानव सन्यासी साधु पूरे भारत में शेष नहीं है जो कोरोनावायरस को श्राप देकर उसका अंत कर सकें
सुना है किसी महाराज के श्राप देने से कांग्रेसका नाश हो गया है