अरे भाई सिर्फ जज़्बात में आकर पोस्ट करने से कुछ नहीं होगा
कभी ग्राउंड लेवल पर भी रिसर्च किया करो ये लोग क़ौम के अंदर दीमक की तरह हैं पहले तो ये लोग क़ौम की ख़िदमत करेंगे कहकर स्कूल और मदरसों के नाम पर चंदा इकट्ठा करते हैं और जब वह स्कूल या मदरसा तैयार हो जाता है तो उसकी फीस इतनी ज़्यादा कर देते हैं कि उतनी फीस तो कई ऐसे प्राइवेट स्कूलों की भी नहीं होती जो अपने पैसों से बनाए गए हैं
इतना ही नहीं इनके नियम-कानून भी इतने सख्त होते हैं कि कई निजी स्कूलों में भी इतने सख्त नियम नहीं होते ये लोग क़ौम के जज़्बातों से खेलकर चंदा इकट्ठा करते हैं और फिर उसी क़ौम को धोखा देने का काम करते हैं
X पर बहुत कम मुसलमान है जो रचनात्मक विचार शेयर करते हैं
दिन भर हाय तौबा के अलावा कोई हाईलाइट हो जाए तो कुछ दिन तो उनकी तारीफ में ही गुजार देते हैं
कोई थोड़ा अच्छा काम करे तो कुछ लोग तो उन्हें भी चंदाखोर, व्यापारी कहकर खिल्ली उड़ाते रहते हैं
जैसे वली रहमानी को कहा जाता है
नाम-निहाद सेक्युलर पार्टियों के कुछ उर्दू नाम वाले समर्थक बड़े दोगले किस्म के इंसान हैं आजकल ये लोग मुसलमान होने का सर्टिफिकेट बाँट रहे हैं
एक तरफ यूसुफ पठान हैं जिन्होंने कभी मुसलमान या इस्लाम के खिलाफ कुछ नहीं कहा और न ही खुल्लम-खुल्ला शिर्क किया फिर भी कुछ उर्दू नाम वाले सेक्युलरों को यूसुफ पठान के ईमान पर शक है क्योंकि वे अमित शाह जी से दिल्ली जाकर मुलाकात कर चुके हैं
दूसरी तरफ नाम-निहाद खान सर हैं जो खुलेआम मुसलमानों और इस्लाम के खिलाफ आपत्तिजनक बातें करते हैं और खुल्लम-खुल्ला शिर्क भी करते हैं लेकिन उर्दू नाम वाले सेक्युलरों के नज़दीक खान सर मुसलमान हैं क्योंकि उन्होंने लाइमलाइट में आने के लिए गोदी मीडिया को उल्टा-सीधा कहा है
सुधर जाओ बे दोगलों
● अपर क्लास घर वापसी करेंगे या कंप्रोमाइज़ !!
●● मिडिल क्लास जेल जायेगा या बुल्डोज़र झेलेगा !
●●● लोवर क्लास लिंचिंग झेलेगा या भूख से ईमान का सौदा करेगा
फिर इन तीनों में से एक क्लास ऐसा ज़रूर होगा जिनके साथ अल्लाह की नुस़रत होगी...तक़दीर वाले होंगे वह लोग जिनको अल्लाह की नुस़रत ह़ास़िल रहेगी !!
देखो तो ये बात कौन बंदा बोल रहा है! जो बंदा मुझसे स्पेस में बहस कर रहा था कि बहुसंख्यकों के त्योहारों में सरबत-ए-क़िला बाँटना चाहिए को डिफेंड कर रहा था 😂😂
जाओ भाई पहले अपनी इस्लाह करो तब किसी के ईमान पर शक करना
बदगुमानी से बचो क्योंकि बदगुमानी सबसे झूठी बात है
Sahih Bukhari Sahih muslim
Hello @MahuaMoitra Muslims have not taken the responsibility of ensuring your party's victory or BJP's defeat by remaining loyal to your party forever
This is a democratic country where everyone has the right to make their own decisions
Similarly @iamyusufpathan also has the right to decide which party he wants to join and be associated with You have no right to interfere in that decision
नाम आदित्य तिवारी
क्षेत्र - चनपटिया ( प • चम्पारण )
इस बंदे ने हमेशा जमीनी स्तर का मुद्दा उठाता है, इसने कभी मनीष कश्यप की तरह हिन्दू मुस्लिम नहीं करता