दिल्ली के मुखर्जी नगर में #IAS मैंस की तैयारी कर रहे दीपक कुमार मीणा, राजस्थान दौसा गांव बलिन कमालपुर के निवासी, का शव 10 दिनों बाद संदिग्ध परिस्थितियों में मिला। यह घटना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। आदिवासी छात्र को न्याय दिलाने के लिए आप सभी आमंत्रित हैं।
#JusticeForDeepakMeena
@rpomumbai Please check the status of BO05C4143808223 and clear it. "PV is pending your case" is a petty excuse while I have submitted an Identity Certificate in admissible format. The very same thing was submitted by my colleague & his passport was issued on No-PV basis.
थप्पड़ मारे जाने का कोई सुबूत समाने नहीं आया
हज़ारों आंसू गैस के गोलों दागे, सीधी गोली मारकर नौजवान शुभकरन सिंह हत्या कर दी गई सेंकड़ों किसानों को घायल कर दिया गया वो किस को याद नहीं ❓
हम अपनी बेटी कुलविदर कौर के साथ ड��कर खड़े है,
#FarmersProtest #KisanAndolan2
#KanganaRanaut
RPF के जवान चेतन सिंह ने जब अपने आदिवासी सहकर्मी और 2 मुस्लिम यात्रियों को गोली मार दी थी तब RPF का जवाब था कि जवान मानसिक तनाव में था फिर CISF की जवान की माँ को 100₹ रुपये में उपलब्ध होने वाली कहोगे तब क्या वह तनाव में नहीं होगी ?
CISF की जवान के साथ क्या वही सलूक किया जायेगा जो कि चेतन सिंह के साथ किया गया था ? या फिर उसे पंजाबी और किसान परिवार से जुड़ी होने कारण सजा मिल���गी ?
31 साल का ये आदिवासी युवा नेता 2 टर्म MLA और अब 2 लाख वोट से सदन में पहुँच गया। विधानसभा में भी सबसे बड़ा मार्जिन था। लेकिन दिल्ली के कुछ गोदी मीडिया किसी भी हीरो बनाते रहते हैं। आदिवासी समाज की ईमानदार मज़बूत आवाज़ सदन में होगी।
राजकुमार राउत नाम याद रखना
जय जोहार!
राजस्थान में RSS भोली भाली आदिवासी महिलाओं को पाखंड में धकेलकर ब्रेनवॉश करन�� पर अलग अलग स्तर पर कार्य कर रहा है जो कि चिंताजनक विषय है। BJP की सरकार आने के बाद इस कार्य में और तेजी आएगी,जिसके कारण निकट भविष्य में यहां के आदिवासी समुदाय की मूल पहचान को मिटा दिए जाने का हमें डर है।
ये मुक बधिर बहन #डिंपल मीणा टोडाभीम दादनपुर है, पीड़िता के रिश्तेदारों के मुताबिक इस बहन के साथ अमानवीय घटना को अंजाम देने के बाद में इसे आरोपियों द्वारा जला दिया गया, 11 दिन के बाद यह बहन जिंदगी की जंग हार गई क्या इस बहन को न्याय मिल पाएगा? 🥺😢
#डिंपल_मीणा_को_न्याय_दो@RajCMO
आरक्षण से नफरत करने वालों और आरक्षण को खत्म करने का सपना देखने वाले सुन लो,
अगर आरक्षण खत्म करना चाहते हो तो हमें हमारा कम्युनल अवार्ड मिलना चाहिए.
हमने आरक्षण नही मांगा था. हमारी मांग कम्युनल अवार्ड थी. ब्रिटिश हुकूमत ने ह���ें कम्युनल अवार्ड अधिकार दिया था.
अलग निर्वाचन क्षेत्र हमरा, नेता हमारे वर्ग का और वोट केवल हमारा. जनरल निर्वाचन क्षेत्र में भी वोट करने अधिकार मिला था. डबल वोट का अधिकार था.
लेकिन एमके गांधी ने आमरण अनशन कर जबरन कम्युनल अवार्ड छीनकर पूना पैक्ट पर डॉ बाबा साहेब अंबेडकर की दस्तखत कराकर आरक्षण थमा दिया.
आरक्षण खत्म करने बात होती है तो हमारे लोग कम्युनल अवार्ड की बात क्यों नही छेड़ते ?
केवल ���मारे वोटों से चुने जाने वाले विधायक और सांसद के दहाड़ का अंदाज़ा लगाइए ?
पहली बात तो आरक्षण के पक्ष में ज्यादा आवाज आनी चाहिए. लेकिन सवर्ण और यहां तक ओबीसी पत्रकार भी आरक्षण के खिलाफ बोलने वालों को मंच, माइक और कैमरा प्रदान करते हैं.
Photo : Socialist value, Ernesto Che Guevara Working.
‘झूठ की फैक्ट्री’ भाजपा खुद को कितना भी दिलासा दे ले, कोई फर्क नहीं पड़ने वाला।
एक बार फिर कह रहा हूं - 4 जून के बाद नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री न���ीं रहेंगे।
देश के हर कोने में INDIA की आंधी चल रही है।